उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के करीब सवा दो लाख भवनों को जल्द ही टैग और भवन क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा। नगर निगम ने 80 वार्डों में अगले चरण से इस व्यवस्था को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत प्रत्येक भवन को एक विशिष्ट टैग और क्यूआर कोड दिया जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित प्रॉपर्टी और उसके मालिक से जुड़ी जानकारी सामने आ सकेगी।
अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर के भवनों का रिकॉर्ड व्यवस्थित और डिजिटल तरीके से तैयार करने के लिए बनाया गया। इससे किसी भवन से जुड़ी जानकारी जुटाने में कर्मचारियों को आसानी होगी और रिकॉर्ड अपडेट रखने में भी मदद मिलेगी। क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद भवनों से जुड़ी नगर निगम की कार्रवाई, शिकायतों और अन्य गतिविधियों की निगरानी आसान हो जाएगी। किसी संपत्ति से संबंधित शिकायत मिलने पर उसके रिकॉर्ड तक तेजी से पहुंच बनाई जा सकेगी। इससे संबंधित विभागों के बीच सूचना साझा करने में भी समय कम लगेगा।
नगर निगम की विभिन्न जनसुविधाओं और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। भवनों का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से क्षेत्रवार जानकारी जुटाने और जरूरी कार्रवाई की निगरानी में तेजी आने की उम्मीद है। निगम का मानना है कि इससे शहरी प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
वहीं, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना अब सिर्फ आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि पर्वतों की थीम पर विकसित होने वाली विशिष्ट टाउनशिप के रूप में आकार ले रही है। योजना के 11 सेक्टरों का नाम देश की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं,पर्वतों और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व वाले पर्वतीय स्थलों के नाम पर रखा गया है। नामकरण में संबंधित पर्वतों की भौगोलिक स्थिति और दिशा को भी ध्यान में रखा गया है।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं को बेहतर तरह से विकसित करने की प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है। ग्रेटर बरेली के सेक्टर-1 से 11 तक हिमाद्रि, शिवालिक, नीलगिरि, सह्याद्रि, विंध्याचल, धौलाधार, मेरु, नंदा देवी, त्रिशूल, केदारगिरि और गोवर्धन एन्क्लेव नाम दिए गए हैं। इस तरह हिमालय से लेकर दक्षिण भारत और ब्रज क्षेत्र तक की पर्वतीय और सांस्कृतिक विरासत को ग्रेटर बरेली की पहचान से जोड़ा गया है।
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि योजना के मध्य स्थित मेरु एन्क्लेव को विशेष महत्व दिया गया है। भारतीय परंपरा में मेरु को केंद्रीय पर्वत के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है। इसी क्षेत्र में रुद्रवनम् पार्क विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप तैयार किए जा रहे इस पार्क का शिलान्यास भी हो चुका है। पार्क ग्रेटर बरेली के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा और क्षेत्र को हरित व सांस्कृतिक पहचान देगा। इसी क्षेत्र में एक प्रीमियम आवासीय परिसर भी विकसित किया जा रहा है। इसे जल्द जनता के समक्ष प्रस्तुत कर पंजीकरण के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!