CM Yogi Gift for Women: यूपी में वैसे तो योगी सरकार महिलाओं और बेटियों को लेकर तमाम तरह की योजनाएं चला रही है। समय-समय पर सरकार इन महिलाओं और बेटियों के लेकर नई-नई घोषणाएं भी करती रहती है। हर साल रक्षाबंधन और भाईदूज पर महिलाओं के लिए फ्री यात्रा करवाती ही है।
इसके अलावा अन्य योजनाओं का लाभ भी महिलाओं को मिलता है। लेकिन इस रक्षाबंधन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को एक साथ तीन-तीन तोफे दिए हैं। इसमें रसोइया और 60 साल से ऊपर की बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। रसोइयों और बुजुर्ग महिलाओं को लेकर अभी पांच दिन पहले ही सीएम योगी ने घोषणा की है। सीएम योगी के इस फैसले से महिलाओं के चेहरे खिल गए हैं। आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि इस रक्षाबंधन पर महिलाओं को किन-किन चीजों का सरकार की तरफ से लाभ दिया गया है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर 27 अगस्त से 29 अगस्त तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री निशुल्क यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने इस संबंध में परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को मिलाकर व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाएं त्योहार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने घर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मद्देनजर बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं।
सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने रक्षाबंधन के मौक पर बुजुर्ग महिलाओं को भी तोहफा से नवाजा। सीएम योगी ने 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की सभी बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना' को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में जीवनभर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। सिंह ने कहा कि इस फैसले से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाकर रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
यूपी सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिड-डे-मील योजना में खाना बनाने वाले रसोइयों का मानदेय 1000 रुपये प्रति माह बढ़ा दिया है। उन्हें अब 2000 के स्थान पर 3000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सुर्कलेशन इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रदेश में करीब 3.53 लाख रसोइये मौजूदा समय कार्यरत हैं। बढ़ा मानदेय सितंबर माह से लागू करते हुए अक्तूबर माह के मानदेय से जोड़कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद विशेष सचिव बेसिक शिक्षा यतींद्र कुमार ने शासनादेश जारी कर दिया है। रसोइयों को वर्ष में 10 महीने मानदेय उनके बैंक खाते में दिया जाता है। रसोइयों का मानदेय 1000 रुपये बढ़ाने से सरकारी खजाने पर हर माह करीब 35.35 करोड़ रुपये और सालाना 353 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त भार आने का अनुमान है।
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