राजस्थान के हालिया स्थानीय चुनावों में बीजेपी ने जबरदस्त जीत दर्ज की, कुल सात निकायों में से छह में पार्टी ने बहुमत हासिल किया। एक ही निकाय में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की, जिससे कांग्रेस को कई प्रमुख नगरों में करारी हार मिल गई।
उदयपुर नगर निगम में बीजेपी के दिनेश भट्ट को डिप्टी मेयर चुना गया। इसी तरह अजमेर में हेमंत सांखला, अलवर में अजय पुनिया और बीकानेर में पंकज गहलोत को डिप्टी मेयर पद पर जीत मिली।
भिलवाड़ा में राधेश्याम सोमानी, भरतपुर में अंबिका सैनी और पाली में निर्दलीय महबूब टी को क्रमशः डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद की कुर्सी मिली।
अजमेर और पाली में मतों की बराबरी के कारण जीत-हार तय करने के लिए लॉटरी (पर्ची) प्रणाली अपनाई गई। अजमेर में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 40-40 वोट मिले, जबकि भिलवाड़ा में राधेश्याम सोमानी ने निर्विरोध जीत हासिल की।
बीकानेर नगर निगम में सबसे बड़ा उलटफेर देखा गया। कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत था, पर पार्षदों की क्रॉस‑वोटिंग के कारण बीजेपी के पंकज गहलोत डिप्टी मेयर बने। दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले कांग्रेस ने बीकानेर में मेयर पद जीत रखा था, पर उपमहापौर चुनाव में बाजी पलट गई।
बारां नगर परिषद के उपसभापति चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार जीत दर्ज की। तेजस सुमन ने 31 वोटों से कांग्रेस के नवीन को 19 वोटों से मात दी।
जोधपुर की मथानिया नगर पालिका में उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के जितेंद्र देवड़ा ने 18 वोटों से जीत हासिल की।
इस दौरान कांग्रेस नेत्री दिव्या मदेरणा ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हेलमेट पहना और मतदान केंद्र तक पहुंचीं, जिससे काफी चर्चा बनी।
कोटा के रामगंज मंडी नगर पालिका में बीजेपी के महेंद्र समरिया निर्विरोध चुने गए। जीत के बाद उन्होंने अपनी खुशी में लगभग 500 मीटर दूर स्थित गोवर्धन नाथ मंदिर में दंडवत किया।
सवाई माधोपुर नगर परिषद में उपसभापति पद के नामांकन के दौरान बीजेपी चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत और पुलिस के बीच तीखी टकराव और धक्का‑मुक्की देखी गई।
सीकर में एक दिलचस्प दृश्य सामने आया, जहाँ पूर्व कांग्रेस सभापति ने बीजेपी प्रत्याशी रेखा विचारणीय के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
बीकानेर में वोटिंग के दौरान विधायक जेठालाल विकास की गाड़ी रोक दी गई, जिससे हल्का विवाद उत्पन्न हुआ। इसे बाद में महापौर प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह ने बीच‑बचाव कर शांत किया।
उदयपुर की फतेह नगर पालिका में बीजेपी के बागी पार्षद राजेश चपलोद को एससी‑एसटी एक्ट के मुद्दे पर पुलिस कस्टडी में वोट डालने के लिए लाया गया।
भरतपुर संभाग के 32 निकायों में से 22 में बीजेपी के समर्थित उम्मीदवार चुने गए, जबकि कांग्रेस को 7 और निर्दलीयों को 3 सीटों पर संतोषजनक परिणाम मिला। भरतपुर नगर निगम में महापौर अनुराधा सिंह की जीत के बाद उपमहापौर पद पर अंबिका सैनी ने जीत दर्ज की।
डीग जिले के सभी छह निकायों में पूरी तरह से बीजेपी का दबदबा रहा, जहाँ डीग नगर परिषद में बीजेपी के उम्मीदवार को शून्य वोट मिलने की भी खबर थी।
करौली जिले में स्थिति थोड़ी अलग रही: बीजेपी को 1, कांग्रेस को 2 और निर्दलीयों को 3 पदों पर सफलता मिली। धौलपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी का रहा, जबकि सवाई माधोपुर के छह निकायों में उपाध्यक्ष पद पर बीजेपी ने 4 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं।
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