यूपी की सियासत में कभी कंधे से कंधा मिलाकर राजनीति करने वाले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के बीच जुबानी जंग व तल्खी बढ़ती जा रही है। चवन्नी को रुपया बना देने के अखिलेश के बयान पर जयंत लगातार उन पर हमलावर हैं। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम से हुंकार भरी। उन्होने कहा कि यूपी में रालोद (राष्ट्रीय लोक दल) की मदद के बिना कोई भी सरकार नहीं बन सकती। जयंत चौधरी ने अखिलेश के ‘पीडीए’ के जवाब में एबीसीडी यानी अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी व धोखाधड़ी से दिया। उन्होने कहा कि यही अखिलेश यादव की सच्चाई है।
सपा अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग झगड़ों को भी राजनीतिक चश्में से देखते हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की बात करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हमें सभी का आदर करना सिखाया है। वो जातिवाद की राजनीति नहीं करते थे। वह समाज के हर वर्ग को बढ़ाना चाहते थे। बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी व धोखाधड़ी (एबीसीडी) की है और यही अखिलेश की सच्चाई है। हमने आदर करना सीखा। चौधरी साहब हमें जो राजनीति की ‘एबीसीडी’ पढ़ाई वह कुछ और ही है। वह जातिवाद के धुर विरोधी थे। कमजोर तबके को ऊपर लाना चाहते थे। अखिलेश को याद दिलाते हुए कहा कि न जाने कितने हीरों को उन्होंने तराशा। किसी में अच्छाई भी होती है और किसी में बुराई भी होती है।
जयंत चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव पीडीए-पीडीए चिल्ला रहे हैं। यह ‘पीडीए’ असल में उनकी सत्ता न मिल पाने की पीड़ा है। वह सत्ता न मिलने से पीड़ित हैं और राजनीतिक शिष्टाचार भूल दूसरों पर अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। पीडीए का नाम अखिलेश ने इसलिए इजात किया था कि जो परंपरागत वोट बैंक से अलग हैं, वह उनसे जुड़ें। मगर जो पहले उनसे पहले जुड़े वह कितना उनका सम्मान कर पाए यह भी तो जनता देखेगी। जब कोई गठबंधन होता है तो वह दोनों के आपसी रूचि व समझ से होता है। दोनों ही दलों को उसका फायदा होता है। ऐसा नहीं है कि हम फायदा लेकर निकल गए और उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। मैं सपा के जिम्मेदार लोगों से कहना चाहता हूं कि वह ऐसी हल्की बातों को कहकर आज वह हमें यह बता रहे हैं कि हमें बगल में रखकर हमारे बारे में कैसे तुच्छ विचार रखते हो।
जयंत चौधरी ने कार्यक्रम में कहा कि सिर्फ पश्चिम उप्र की पार्टी रालोद अब नहीं है। उसका विस्तार पूरे यूपी में तेजी से किया जाएगा। पहले पूर्वांचल व मध्य यूपी में विस्तार के साथ इसकी शुरुआत की जा रही है। बूथ लेवल तक संगठन को मजबूत बनाएंगे। पार्टी से ब्राह्मण व संवर्णों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। पार्टी का रविवार को हुआ विशेष समारोह बीके शुक्ला की अगुवाई में आयोजित हुआ। पार्टी से ब्राह्मण व संवर्णों को जोड़ने में तेजी लाई जाएगी।
इस मौके पर रालोद के सदस्य और शिक्षक नेता बीके शुक्ला ने चांदी का मुकुट पहना कर उनका स्वागत किया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। बोले कि लखनऊ प्रदेश की राजधानी होने के साथ ही अवध व पूर्वांचल के साथ व्यापक राजनीतिक एवं सामाजिक संवाद का केंद्र भी है। उन्होंने किसानों, युवाओं, शिक्षकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में यूपी सरकार में मंत्री अनिल कुमार, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा भी मौजूद रहे।
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