भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के वार्तालाप अंतिम चरण में पहुँच रहे हैं, जैसा कि दोनों पक्षों के प्रमुख अधिकारियों ने बताया।
रुबियो ने कहा कि डील के कुछ बिंदुओं पर अभी चर्चा चल रही है, परंतु समग्र रूप से दोनों देशों के बीच समझौते के करीब होने के संकेत स्पष्ट हैं।
टैरिफ स्थिरता के सवाल पर रुबियो ने ज़ोर दिया कि समझौते का उद्देश्य व्यापार में स्पष्टता और भरोसा पैदा करना है, जिससे निवेशकों को नियमों का स्पष्ट पता चल सके।
सर्जियो गोर ने अमेरिकी निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि 15 साल पहले द्विपक्षीय व्यापार ₹20 अरब था, जबकि अब यह ₹240 अरब तक पहुँच गया है।
गोर ने उल्लेख किया कि अमेरिकी कंपनियाँ भारतीय आईटी क्षेत्र में सक्रिय हैं और भारतीय फर्में भी अमेरिका में बड़े निवेश कर रही हैं, जिससे दोनों देशों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
रूसी डीजल और तेल पर अमेरिकी रुख पर रुबियो ने समझाया कि अमेरिका रूस‑यूक्रेन संघर्ष के बावजूद वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के प्रयास में है, और भारत को ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की सलाह दी।
रुबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि कच्चे तेल को उपयोगी उत्पादों में बदलने के लिए रिफाइनिंग आवश्यक है और भारत के पास इसे और बढ़ाने की संभावनाएँ हैं।
जामनगर रिफाइनरी के दौरे के बारे में रुबियो ने बताया कि यह भारत की रिफाइनिंग क्षमताओं को समझने और अमेरिका में निवेश के अवसरों को देखने के लिए था।
छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) पर रुबियो ने कहा कि भारत में निजी निवेश के लिए रास्ता खुल रहा है और अमेरिका भारत को SMR के शुरुआती अपनाने वाले देशों में मानता है।
पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बढ़ते संबंधों पर रुबियो ने ज़ोर दिया कि ये संबंध भारत की सुरक्षा को प्रभावित नहीं करते और अमेरिका आतंकवाद के प्रति भारत की चिंताओं को समझता है।
रक्षा सहयोग के विषय में सर्जियो गोर ने बताया कि भारत-अमेरिका रक्षा उत्पादन पहले से ही चल रहा है, और F‑35 जैसे उन्नत विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास हो रहे हैं।
गोर ने यह भी कहा कि क्वाड के तहत दोनों देशों का सहयोग बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में मोदी‑ट्रंप के बीच बैठक की योजना है।
रुबियो ने कहा कि क्वाड के माध्यम से चीन पर निर्भरता घटाने के लिए समुद्री निगरानी और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम चल रहा है।
वीज़ा नीतियों पर रुबियो ने स्पष्ट किया कि बदलाव सभी देशों पर लागू होते हैं और भारत से अपेक्षा है कि वह अपने हितों को प्राथमिकता दे।
रूस‑यूक्रेन संघर्ष पर रुबियो ने कहा कि कूटनीतिक समाधान आवश्यक है और अमेरिका दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में भूमिका निभाएगा।
सर्जियो गोर ने ट्रंप के साथ अपने अनुभव को सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों नेता परिणाम‑उन्मुख हैं।
रुबियो ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी भागीदारी के सवाल पर स्पष्टता से कहा कि वह वर्तमान जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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