मुंबई पुलिस की जांच से पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने 2018 से सलमान खान को अपना पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य माना था, पर 2023‑24 में उनका दायरा मुंबई के फिल्म‑इंडस्ट्री तक विस्तार गया। इस दौरान गैंग ने आमिर खान को भी कई बार रीकॉनस किया, लेकिन लगातार असफलताओं के बाद टारगेट बदलकर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया गया।
शूटआउट की साजिश को तैयार करने वाले तीन शूटर – रेहान, फूल सिंह और ऋतिक – ने लगभग एक महीने तक मुंबई में रहकर आमिर खान के घर की तीन बार रेकी की। हर बार उन्हें पता चला कि खान अक्सर शूटिंग‑साइकल में रहता है और घर से बाहर नहीं निकलता, जिससे उनका लक्ष्य तय करना मुश्किल हो गया।
जब शूटरों ने समझा कि आमिर खान को निशाना बनाना कठिन है, तो उन्होंने टाइगर श्रॉफ को आसान टारगेट मान लिया। टाइगर को उनके इंस्टाग्राम रील्स में जुहू नरसी पार्क में फुटबॉल खेलते हुए देखा गया, जहाँ वह हर रविवार शाम 5‑7 बजे आते हैं। इस जानकारी से शूटरों ने 11 अक्टूबर को पहला हमला करने की योजना बनाई, लेकिन भीड़ के कारण प्लान टाल दिया गया। अंततः 18 अक्टूबर को शाम 7 बजे टाइगर श्रॉफ पर गोली चलायी गई।
शूटआउट के तुरंत बाद शूटरों ने लाइव न्यूज़ चैनल पर अपना चेहरा देखे और एक साथी ने मैसेजिंग ऐप से तुरंत चेतावनी भेजी – "टेलीविजन पर तुम्हारे चेहरे आ चुके हैं, तुरंत निकलो"। चैनल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उनका बाइक्स अंधेरी पुलिस चौकी से बरामद कर ली और उनके ट्रेन‑ट्रैक्शन की भी निगरानी की।
शूटरों ने अंधेरी स्टेशन से लोकल ट्रेन पकड़ी, फिर बोरीवली से सूरत की ओर रूट बदल दिया। सूरत पहुंचने पर देर रात कोई लंबी दूरी की बस नहीं थी, इसलिए उन्होंने पुणे‑जयपुर एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सवार होकर कोटा में पकड़े जाने तक यात्रा जारी रखी।
शूटआउट से पहले तीनों ने बांद्रा के एक होटल (रूम 201) में फर्जी आधार कार्ड से बुकिंग की थी। 18 अक्टूबर की शाम चार बजे के बाद वे होटल से निकल कर जुहू नरसी पार्क की ओर गए, लेकिन वापसी नहीं हुई। होटल ने बाद में उनका मोबाइल बंद पाया।
साजिश की पृष्ठभूमि में सोनीपत‑हैती कनेक्शन उजागर हुआ। शूटरों के साथ काम करने वाले अंकित का संबंध हरियाणा के सोनीपत से था। मुंबई‑हरियाणा जॉइंट ऑपरेशन में अंकित को गोहाना के बरौदा इलाके से गिरफ्तार किया गया। वह अनिल पंडित के वित्तीय लेन‑देन का जिम्मेदार था और शूटरों को पेशगी 37,000 रुपये के साथ विदेश भेजने का वादा किया गया था।
शूटआउट के बाद पुलिस ने 23 अक्टूबर को जज के सामने रिमांड एप्लिकेशन दाखिल किया, जिसमें बताया गया कि गैंग का मकसद मुंबई में दबदबा बनाना और फिल्म‑इंडस्ट्री को डराकर वसूली करना है। इसी तरह के आरोप पहले सलमान खान के घर के बाहर, बाबा सिद्दीकी के हत्या केस और रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी में भी लगाए गए थे।
शूटआउट के बाद पूछताछ में शूटरों ने बताया कि उन्हें मुंबई पहुँचते ही दो हथियार – एक पिस्टल और एक देसी कट्टा – सौंपे गए। उन्होंने आरए कॉलोनी के जंगल में पाँच राउंड टेस्ट फायर किए, जिसमें पिस्टल में एक गोली फंस गई और होटल में फायरिंग की आवाज़ नहीं सुनी गई।
अब तक मुंबई पुलिस ने इस केस में कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 10 का सीधा संबंध सोनीपत से है। यह सवाल बचा है कि कैसे देश के प्रमुख खेल‑कुशल क्षेत्र सोनीपत धीरे‑धीरे गैंगस्टरों की चपेट में आ रहा है।
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