फतेहपुर जिले में एमएलसी स्नातक चुनाव के मतदान के दौरान शुक्रवार को विजयीपुर ब्लॉक परिसर में भाजपा और सपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। सुबह करीब 10:30 बजे राज्यमंत्री कृष्णा पासवान के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं के ब्लॉक परिसर में पहुंचने के बाद विवाद शुरू हुआ। समाजवादी पार्टी के मतदान एजेंटों ने अधिकारियों और एजेंटों को बाहर निकालकर दरवाजा बंद करने और करीब 76 फर्जी वोट डलवाने का आरोप लगाया।
कैमरा बंद कराने और दरवाजा बंद रखने का दावा मतदान करने पहुंचे चंद्रप्रकाश ने भी केंद्र के भीतर की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने कैमरा बंद करने, दरवाजा बंद करने और सभी लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। चंद्रप्रकाश का दावा है कि उस व्यक्ति ने थोड़ी देर के लिए कैमरा बंद रखने और अंदर केवल मतदाताओं को रहने देने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाताओं पर जल्द वोट डालने का दबाव बनाया गया और परेशानी होने की बात कही गई। चंद्रप्रकाश के अनुसार, इसके बाद करीब 10 से 15 मिनट तक दरवाजा बंद रहा। हालांकि, इस दौरान अंदर क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उनके बयान के बाद मतदान केंद्र की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज और मतदान संबंधी अभिलेखों की जांच जरूरी है।
सपा विधानसभा अध्यक्ष ने कॉलर पकड़ने का लगाया आरोप विवाद बढ़ने पर सपा के विधानसभा अध्यक्ष नरेश करी, रामतीर्थ परमहंस, अफसर अली और महफूज खान समेत अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। नरेश करी ने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आदित्य त्रिवेदी पर अभद्रता करने, कॉलर पकड़ने और धक्का देकर पीछे ठेलने का आरोप लगाया। उन्होंने विनोद पटेल उर्फ छोटा प्रधान, रवि तिवारी और हिमांशु त्रिपाठी पर भी घटनाक्रम में शामिल होने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर संबंधित भाजपा नेताओं का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। धक्का-मुक्की और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अभद्र टिप्पणी के आरोप पर भाजपा ने जताया विरोध भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनका विरोध सपा एजेंट सत्यप्रकाश यादव की कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि टिप्पणी ब्राह्मण समाज के प्रति की गई थी। दूसरी ओर, सपा कार्यकर्ताओं ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि मतदान केंद्र के भीतर कथित अनियमितताओं से ध्यान हटाने के लिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है। इस तरह दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, लेकिन किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
वीडियो बनाने से रोकने का भी आरोप विवाद के दौरान घटनाक्रम का वीडियो बनाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई। सपा पक्ष का आरोप है कि लोगों को रिकॉर्डिंग करने से रोका गया। हालांकि, इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मतदान केंद्र में कैमरा बंद कराने और दरवाजा बंद रखने के दावों के बीच सीसीटीवी फुटेज की जांच अहम हो सकती है। साथ ही, मौके पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान से भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
शिकायत पर डीएम-एसपी पहुंचे बूथ, लिया स्थिति का जायजा विजयीपुर विकासखंड के बूथ संख्या 159 पर मिली शिकायत का जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने संज्ञान लिया। दोनों अधिकारी मतदान केंद्र पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत का निस्तारण करने और मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। प्रशासन के मुताबिक, मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
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