बाइक रोके जाने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि बाइक सवार खुद को ग्राम प्रधान बताते हुए पुलिसकर्मी से बहसबाजी करने लगा। देखते ही देखते दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। खुद को ग्राम प्रधान बताने वाले व्यक्ति ने यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता करते हुए उसे धमकाने लगा। करीब आधे घंटे तक सड़क पर चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद रोजा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और बीचबचाव कर प्रधानपति को वहां से भेजा।
जानकारी के अनुसार रोजा थाना क्षेत्र के रानापुर बरकतपुर गांव के प्रधानपति मानवेंद्र सिंह बाइक से शाहजहांपुर आ रहे थे। पुलिस का कहना है कि वह मोबाइल पर बात करते हुए बाइक चला रहे थे और हेलमेट भी नहीं लगाए थे। इसे लेकर यातायात पुलिसकर्मी ने बाइक रोककर कार्रवाई की। इसके बाद मौके पर बातचीत शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ता चला गया। प्रधानपति यातायात पुलिसकर्मी से सवाल-जवाब करने लगा। उनके साथ मौजूद अन्य लोग भी पुलिसकर्मी पर दबाव बनाते नजर आए। इसी दौरान पीले कुर्ते में एक अन्य व्यक्ति पहुंचा। वह यातायात पुलिसकर्मी को मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी देने लगा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में पीले कुर्ते वाला व्यक्ति यातायात पुलिसकर्मी से कहता सुनाई दे रहा है कि ‘अभी हम तुम पर मुकदमा दर्ज कराएंगे।’ इसके बाद वह शाहजहांपुर नगर विधानसभा का नाम लेते हुए पुलिसकर्मी को चेतावनी देता है। इसी दौरान प्रधानपति भी मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगते हैं। वीडियो में यातायात पुलिसकर्मी पर बिना नेम प्लेट के होने और कथित तौर पर 1500 रुपये मांगने का आरोप भी लगाया जाता है। पीले कुर्ते वाला व्यक्ति यह भी कहता सुनाई देता है कि परिचय देने के बाद भी उन्हें रोका गया। इस पर यातायात पुलिसकर्मी अपने माथे पर हाथ रखकर कसम खाते हुए कहता दिखाई देता है कि उसे कोई परिचय नहीं दिया गया था।
पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा पुलिसकर्मी को दी गई धमकियों की हो रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी पर कार्रवाई कराने और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही है। यातायात पुलिस की कार्रवाई से नाराज लोग लगातार पुलिसकर्मी से उलझते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के कारण रोजा अड्डे पर करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। मामला बढ़ता देखकर रोजा थाने की पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची तो दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद प्रधान पति को वहां से घर भेज दिया गया। इस मामले में टीआई प्रभारी विनय पांडेय का कहना हे कि प्रधान के पति मोबाइल से बात करते हुए बाइक चला रहे थे और उन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। इसी वजह से यातायात पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका था। बाद में समझाकर उन्हें घर भेज दिया गया।
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