सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद पर बुलडोजर ऐक्शन के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कोर्ट के आदेश पर गिराई गई मस्जिद पर अब वेस्ट यूपी का सियासी माहौल गरम होने लगा है। सपा की सांसद इकरा हसन, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी सहित कई्र बड़े नेताओं ने ध्वस्तीकरण ऐक्शन पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए इकरा हसन समेत कुछ नेताओं के बाहर फोर्स तैनात की है। इकरा हसन ने इसे हाउस अरेस्ट बताया है।
कलेक्ट्रेट परिसर में 570 दिन की शिकायत, जांच और अदालती कार्रवाई के बाद शनिवार को यह मस्जिद पूरी तरह जमींदोज कर दी गई। मस्जिद के सरकारी जमीन पर होने की शिकायत थी। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को ऐक्शन लिया गया। सुबह-सुबह बुलडोजर ऐक्शन शुरू हुआ। देखते ही देखते मस्जिद का पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। चार जेसीबी मशीनों से मस्जिद को गिराया गया और नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपरों से मलबा कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भेजा गया।
मस्जिद के ध्वस्तीकरण से पहले रातभर बेदखली और सीलिंग की कार्रवाई चली। इसके बाद सुबह से जेसीबी ने मस्जिद को गिराना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील रहा। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वार बंद रखे गए। 10 से अधिक थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी तैनात रही। मस्जिद और आसपास के इलाके में पुलिस लगातार निगरानी करती रही। मौके पर पहुंचे डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद कानूनी कार्रवाई के तहत मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा है। कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मौके पर एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, एसपी सिटी व्योम बिंदल और सीओ द्वितीय मनोज यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, पूर्व सांसद हाजी फजलूर्रहमान और विधायक उमर अली खान समेत विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए धवस्तीकरण पर सवाल उठाते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
ध्वस्तीकरण के दौरान चार जेसीबी मशीनें लगातार मस्जिद के ढांचे को गिराती रहीं। जेसीबी से निकलने वाले मलबे को नगर निगम के आधा दर्जन से अधिक डंपरों में भरकर कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भेजा गया। मस्जिद का आधे से अधिक हिस्सा पहले ही जमींदोज हो चुका था। बाद में बचा हुआ पूरा ढांचा भी मलबे में बदल गया।
बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने 12 फरवरी 2025 को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सहारनपुर के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए शिकायत की थी। इसके बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।
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