सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब में मेथेनॉल की मिलावट का खुलासा हुआ है। 11 मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि 22 मौतों का दावा है। 109 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस सप्लाई नेटवर्क और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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सागर जिले के बंडा क्षेत्र के गांवों में नकली और जहरीली शराब पीने से मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। करीब 109 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
इस बीच शराब में मेथेनॉल की मिलावट की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि अधिक मुनाफा कमाने के लालच में शराब में मेथेनॉल मिलाया गया। लोगों का हाल जानने पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और सागर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल ने भी मेथेनॉल मिलावट की बात कही। उन्होंने बताया कि मेथेनॉल मिलाने से शराब की एक पेटी, जिसकी कीमत करीब 2200 रुपये होती है, उसकी लागत करीब 700 रुपये रह जाती है। ज्यादा मुनाफे के लालच में ऐसी शराब खरीदकर बेची गई।
शरीर में जाकर जहरीला बनता है मेथेनॉल मेथेनॉल का इस्तेमाल आमतौर पर औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। इसका उपयोग सॉल्वेंट, ईंधन और कुछ रसायनों के निर्माण में होता है। शराब में मेथेनॉल की मिलावट बेहद खतरनाक हो सकती है। इसे पीने के बाद व्यक्ति की तबीयत तेजी से बिगड़ सकती है और गंभीर स्थिति में मौत भी हो सकती है। .ads-row{display:flex;gap:10px;flex-wrap:wrap;}
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिसिन एवं पल्मोनरी विशेषज्ञ डॉ. सौरभ जैन के अनुसार, मेथेनॉल शरीर में जाने के बाद फॉर्मेलडिहाइड और फिर फॉर्मिक एसिड में परिवर्तित होता है। ये पदार्थ शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं। इससे आंखों, दिमाग और अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है और व्यक्ति की सांसें उखड़ सकती हैं।
कई गांवों में जहरीली शराब पहुंचाने का आरोप सागर जिले के बंडा क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांवों में जहरीली शराब पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि शराब ठेकेदारों, ढाबा संचालकों और गांवों में अवैध शराब बेचने वाले लोगों के नेटवर्क के जरिए मेथेनॉल मिली शराब की बिक्री की गई। इस घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 100 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। कई परिवार इस त्रासदी से प्रभावित हुए हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में स्वास्थ्य अमले की तैनाती बढ़ा दी है। 18 से अधिक स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप लगाए गए हैं। संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, ताकि समय रहते जहरीली शराब के प्रभाव का पता लगाया जा सके और उपचार शुरू किया जा सके।
लाइसेंसी ठेकेदार भी आरोपी बनाए गए पुलिस जहरीली शराब के नेटवर्क और इसकी सप्लाई से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। मामले में लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। जांच के दौरान शराब की सप्लाई, मेथेनॉल की खरीद और इसे मिलाने से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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