उत्तर प्रदेश में 35.41 लाख अभ्यर्थियों के लिए 1,372 परीक्षा केंद्रों की दूरी से यात्रा, खर्च और थकान की समस्या बढ़ रही है। कई उम्मीदवारों को अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर केंद्र आवंटित किए जाने के कारण यात्रा की योजना बनाने में अतिरिक्त समय और मेहनत करनी पड़ रही है।
लंबी दूरी पर यात्रा करने से न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि पढ़ाई और तैयारी पर भी असर पड़ता है। यात्रा की थकान परीक्षा के दिन प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो समय पर पहुँचने के लिए जल्दी निकलते हैं।
महिला अभ्यर्थियों को भी लंबी दूरी की यात्रा में अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे सुरक्षित और समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने की चिंता और बढ़ जाती है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने बताया कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन कंप्यूटर आधारित व्यवस्था के माध्यम से किया गया है। पूर्वांचल के कुछ जिलों में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण केंद्र कम उपलब्ध हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केंद्र अधिक उपलब्ध हैं।
इस अंतर के कारण उम्मीदवारों को अलग-अलग शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जिससे कुछ अभ्यर्थी केंद्र बदलने की मांग कर रहे हैं।
नगीना सांसद चंद्रशेखर ने भी पीईटी अभ्यर्थियों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके 25 अक्तूबर को पीईटी 2026 और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के एक ही दिन होने से उत्पन्न परेशानी पर ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने लिखा: "25 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा एक ही दिन निर्धारित होने से अभ्यर्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पीईटी की परीक्षा 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित होनी है। दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 25 अक्तूबर को एक परीक्षा छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।"
उन्होंने आगे कहा: "पीईटी की परीक्षा तिथियां पहले से प्रस्तावित थीं, जबकि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने बाद में पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि 25 अक्तूबर घोषित की। इतना ही नहीं, पीईटी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन को भी केंद्र बनाया गया है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी दिन पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।"
पीईटी 2026 का आयोजन 25, 30 अक्तूबर और 1 नवंबर को तीन दिनों में दो पालियों में किया जाएगा। परीक्षा के लिए 60 जिलों में 1,372 केंद्र बनाए गए हैं।
अभ्यर्थियों के सामने दो प्रमुख चिंताएं हैं: पहला, घर से काफी दूर परीक्षा केंद्र मिलने से यात्रा और खर्च की समस्या; दूसरा, पीईटी और पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख एक होने से किसी एक परीक्षा का अवसर छूटने का डर। उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर राहत की उम्मीद कर रहे हैं और दोनों परीक्षाओं के टकराव का समाधान चाह रहे हैं।
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