एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने हिमाचल प्रदेश की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 के अंतर से हराया। इस बार एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिमाचल प्रदेश की चार खिलाड़ी शामिल रहीं। इनमें कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना धर्मशाला स्थित साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खिलाड़ी हैं, जबकि पूर्व कप्तान रितु नेगी इंडियन रेलवे की ओर से खेलती हैं। एशियन गेम्स में हिमाचल की इन चार बेटियों ने देश के साथ प्रदेश का मान बढ़ाया। पिछली बार रितु नेगी की कप्तानी में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाली हिमाचल की बेटियों ने इस बार उसी सुनहरी कहानी को दोहराया। पिछली बार की स्वर्ण विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम में शामिल खिलाड़ी रितु नेगी, पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर फिर मैदान में थीं, लेकिन इस बार तस्वीर में बड़ा बदलाव रहा। अब की बार कप्तानी पुष्पा राणा के हाथों में रही।
पिछली बार रितु नेगी ने कप्तानी करते हुए स्वर्ण पदक दिलाया था ईरान को शिकस्त देकर भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार स्वर्ण पर कब्जा जमाया। हिमाचल की भावना भी इस स्वर्णिम अभियान की अहम कड़ी रही। पिछले एशियन गेम्स में रितु नेगी ने भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए स्वर्ण पदक दिलाया था। उस टीम में पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर भी शामिल थीं। इस बार जिम्मेदारियां बदल गईं। रितु अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर टीम को मजबूती दी तो पुष्पा कप्तान की भूमिका में रहीं।
पुष्पा राणा राइट रेडर सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के मिल्लाह गांव की पुष्पा राणा राइट रेडर हैं। उनका जन्म 11 जनवरी 1998 को हुआ। पिता जयपाल स्वयं कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं और शुरुआती प्रशिक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुष्पा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम की सदस्य रहीं और 2026 में भारतीय टीम की कप्तान बनाई गईं। वह बोनस अंक और हैंडटच के लिए जानी जाती हैं। 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान को हराकर कप्तान पुष्पा राणा ने भारतीय टीम को फिर स्वर्ण पदक दिलाया।
ज्योति ठाकुर महत्वपूर्ण डिफेंडर सोलन की ज्योति ठाकुर भारतीय महिला कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण डिफेंडर हैं। वह धर्मशाला स्थित साई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण ले चुकी हैं। ज्योति 2023 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं। फाइनल में भारत ने चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर स्वर्ण जीता था। 2026 में भी उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान को हराकर ज्योति ठाकुर ने भी भारतीय टीम के साथ लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता।
रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के शरोग गांव की रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने आठवीं कक्षा से कबड्डी खेलना शुरू किया और 2006 में खेल छात्रावास बिलासपुर के लिए चयनित हुईं। करीब आठ साल तक वहां प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वह हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तान थीं। 2018 एशियन गेम्स में रजत और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक भी उनके नाम है। 2025 महिला कबड्डी विश्व कप में भी उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की। 2026 एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान को हराकर रितु नेगी ने भारतीय टीम के साथ लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीता।
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