Wednesday, 04 November 2026 | New Delhi, 28°C
For You Uttar Pradesh Technology World Gorakhpur Shahjahanpur Meerut Jharkhand Prayagraj Bijnor Auraiya Gopalganj Agra
Breaking
MARKETS
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
Miscellaneous

कुछ लोगों के लिए सिर्फ़ चार घंटे की नींद ही क्यों काफ़ी होती है?

Ajay Tiwari
04 November 2026 • 0 • 33
कुछ लोगों के लिए सिर्फ़ चार घंटे की नींद ही क्यों काफ़ी होती है?

इमेज स्रोत, María Medem/ BBC

कुछ लोग सच में बहुत कम सोकर भी बिल्कुल ठीक रहते हैं. लेकिन यह पता लगाना आसान नहीं है कि आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं या सिर्फ़ आपको ऐसा लगता है.

एमी प्यू बर्नार्ड को जहां तक याद है, उन्हें कभी बहुत ज़्यादा नींद की ज़रूरत नहीं पड़ी. आज भी वह आमतौर पर रात करीब 10 बजे सो जाती हैं और सुबह साढ़े चार बजे उठ जाती हैं.

वह कहती हैं, "मेरी नींद पूरी तरह खुल जाती है. फिर मैं बिस्तर में पड़ी नहीं रह सकती." बिस्तर पर पहुंचने के बाद उन्हें कभी-कभी तुरंत नींद नहीं आती. ऐसे में वह केवल पांच घंटे ही सो पाती हैं.

इसके बावजूद अगली सुबह वह थकी हुई नहीं, बल्कि ऊर्जा से भरी होती हैं. बर्नार्ड अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो में इम्यूनोलॉजी की प्रोफ़ेसर हैं. सुबह उठकर वह अपने कुत्ते को घुमाने ले जाती हैं. फिर एक घंटे तक जिम में कसरत करती हैं. इतना ही नहीं, सुबह आठ बजे से पहले वह डेढ़ घंटे काम भी कर चुकी होती हैं.

उनके दोस्त यह देखकर हैरान होते हैं कि इतनी कम नींद में वह इतना कुछ कैसे कर लेती हैं. लेकिन बर्नार्ड के परिवार में यह कोई हैरानी की बात नहीं है. उनके पिता और भाई भी उन्हीं की तरह बहुत कम सोते हैं.

हममें से ज़्यादातर लोगों के साथ ऐसा नहीं है. अमेरिका के नेशनल स्लीप फ़ाउंडेशन ने नींद पर उपलब्ध जानकारियों की ताज़ा समीक्षा की है. इसके मुताबिक़, 26 से 64 साल की उम्र के एक आम वयस्क को हर 24 घंटे में करीब सात से नौ घंटे की नींद की ज़रूरत होती है.

यह लंबे समय से वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य रहा है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इसमें हमारे जीन की बड़ी भूमिका हो सकती है.

कुछ लोगों में बर्नार्ड की तरह बेहद दुर्लभ आनुवंशिक बदलाव होते हैं. वहीं, जीन में होने वाले सैकड़ों आम बदलाव भी हमारी नींद की अवधि पर असर डाल सकते हैं.

इन्हीं खोजों से यह समझने में मदद मिल रही है कि कुछ लोग बहुत कम सोकर भी कैसे ठीक रहते हैं.

भविष्य में इस जानकारी का इस्तेमाल उन लोगों को कम नींद के आम नुक़सानों से बचाने के लिए भी किया जा सकता है, जिन्हें किसी वजह से पूरी नींद नहीं मिल पाती.

साल 2019 में बर्नार्ड को पहली बार पता चला कि उन्हें इतनी कम नींद की ज़रूरत क्यों पड़ती है. अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, सैन फ़्रांसिस्को के शोधकर्ताओं ने उस समय जीन में होने वाले एक ऐसे बदलाव की पहचान की थी, जिसका संबंध इंसानों की नींद की अवधि से है.

यह बदलाव जिन लोगों में पाया गया, वे आमतौर पर सोने के समय पर ही बिस्तर पर जाते थे, लेकिन उनकी नींद बहुत जल्दी खुल जाती थी.

ऐसे लोग आमतौर पर रात में चार से साढ़े छह घंटे तक ही सोते थे. बर्नार्ड ने शोधकर्ताओं की टीम को अपने ख़ून का नमूना भेजा. जांच में पता चला कि उनके जीन में भी वही बदलाव मौजूद है.

परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाली इस दुर्लभ स्थिति को "फ़ैमिलियल नेचुरल शॉर्ट स्लीप" यानी एफएनएसएस कहा जाता है.

इस स्थिति वाले लोगों को स्वाभाविक रूप से बहुत कम नींद की ज़रूरत होती है. उनके परिवार के दूसरे सदस्यों में भी यह स्थिति हो सकती है.

इसके बाद के वर्षों में वैज्ञानिकों ने एफएनएसएस से जुड़े जीन में होने वाले कुछ और बदलावों की भी पहचान की.

इमेज स्रोत, Getty Images

इस रिसर्च का नेतृत्व करने वाली आणविक जीवविज्ञानी यिंग हुई फ़ू कहती हैं कि एफएनएसएस से जुड़ा सबसे बड़ा रहस्य यही है कि इतनी कम नींद लेने के बावजूद ये लोग ठीक कैसे रहते हैं. वैज्ञानिक अभी इसका पूरा जवाब तलाश रहे हैं.

कुछ दिलचस्प सबूत बताते हैं कि एफएनएसएस से जुड़े जीन में होने वाले बदलाव न सिर्फ़ नींद की ज़रूरत कम करते हैं, बल्कि हो सकता है कि ये लोगों को कम नींद के नुक़सानों से भी बचाते हों.

इन नुक़सानों में याददाश्त कमज़ोर होना भी शामिल है. साल 2019 में फ़ू के नेतृत्व में चूहों पर एक प्रयोग किया गया. शोधकर्ताओं ने चूहों के जीन में एफएनएसएस से जुड़ा एक बदलाव किया.

उन्होंने पाया कि ये चूहे न सिर्फ़ कम सो रहे थे, बल्कि कम नींद का उनकी याददाश्त पर भी कोई ख़ास नुक़सान नहीं दिखा.

एक अन्य जांच में पाया गया कि इनमें से कुछ आनुवंशिक बदलावों वाले चूहों में अल्ज़ाइमर जैसी बीमारी होने की आशंका भी कम थी.

साल 2014 में अलग-अलग देशों के शोधकर्ताओं की एक टीम ने दो जुड़वा भाइयों की जांच की. ये एक जैसे दिखने वाले जुड़वा भाई नहीं थे.

एक भाई के जीन में कम नींद से जुड़ा बदलाव था, जबकि दूसरे के जीन में ऐसा कोई बदलाव नहीं था.

शोधकर्ताओं ने पाया कि जीन में बदलाव वाला भाई नियमित रूप से अपने दूसरे भाई के मुक़ाबले करीब एक घंटा कम सोता था. इसके बाद दोनों भाइयों को लगातार 38 घंटे तक जगाए रखा गया.

इस दौरान उनकी काम करने की क्षमता की जांच की गई. जीन में बदलाव वाले भाई ने दूसरे भाई के मुक़ाबले करीब 40 फ़ीसदी कम ग़लतियां कीं.

दोनों भाइयों की नींद के तरीक़े में भी कुछ दिलचस्प अंतर देखने को मिले. जीन में बदलाव वाला भाई कम समय तक सोता था. इसके बावजूद उसे अपने भाई के लगभग बराबर नॉन-आरईएम नींद मिलती थी.

नॉन-आरईएम नींद में धीमी तरंगों वाली गहरी नींद भी शामिल होती है.

इसका मतलब यह हो सकता है कि कम समय तक सोने के बावजूद उसे नींद से कुछ मामलों में ज़्यादा फ़ायदा मिल रहा था.

इमेज स्रोत, Getty Images

आपके लिए नितिन श्रीवास्तव द्वारा चुनी गईं खास कहानियाँ

फ़ू कहती हैं कि इस पर रिसर्च अभी जारी है और इसे बहुत सावधानी से आगे बढ़ाना ज़रूरी है.

पिछले कुछ वर्षों में यह जानने की कोशिश तेज़ हुई है कि जीन में होने वाले इन बदलावों से मिली जानकारी का इस्तेमाल लोगों की मदद के लिए कैसे किया जा सकता है.

दवा बनाने वाली कंपनियों को उम्मीद है कि कम सोने वाले लोगों पर हुई खोजों के आधार पर एक दिन नींद से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए दवाएं बनाई जा सकेंगी.

इस जानकारी का इस्तेमाल सैनिकों को कम नींद में काम करने में मदद देने के लिए भी किया जा सकता है.

लेकिन इससे पहले वैज्ञानिकों को यह साफ़ तौर पर समझना होगा कि जीन में होने वाले ये बदलाव कम सोने वाले लोगों को नुक़सान से बचाते हैं या नहीं.

अगर ये उन्हें बचाते हैं, तो यह भी समझना होगा कि ऐसा कैसे होता है.

इस जानकारी के बिना ऐसी दवा बन सकती है, जिसके ऐसे नुक़सान सामने आएं जिनका पहले अंदाज़ा न लगाया गया हो.

फ़ू कहती हैं, "आपको समझना होगा कि यह काम कैसे करता है. आप ऐसा नहीं चाहेंगे कि आप कम सोने लगें और फिर पांच, 10 या 20 साल बाद आपको अल्ज़ाइमर, पार्किंसंस या कैंसर हो जाए."

इमेज स्रोत, Getty Images

एफएनएसएस से जुड़े जीन में होने वाले बदलाव कम नींद का एक बेहद अलग और दिलचस्प उदाहरण हैं.

लेकिन केवल यही बदलाव यह तय नहीं करते कि हम कितनी देर सोते हैं.

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अलग-अलग लोगों की नींद की अवधि में 30 से 65 फ़ीसदी तक का अंतर उनके जीन के कारण हो सकता है.

यानी लोगों की नींद की अवधि में होने वाले अंतर का 65 फ़ीसदी तक हिस्सा उनके जीन से समझाया जा सकता है.

अब तक जीन के पूरे ढांचे में ऐसी कई सौ जगहों की पहचान की गई है, जो हमारी नींद की अवधि पर असर डाल सकती हैं.

करीब छह लाख 50 हज़ार वयस्कों के आंकड़ों के विश्लेषण में ऐसी करीब 244 जगहें मिली हैं.

यह रिसर्च अभी प्रकाशित नहीं हुई है. इसे फ़िलहाल प्रकाशन से पहले के शुरुआती रूप में जारी किया गया है.

इस रिसर्च की मुख्य लेखिका और किंग्स कॉलेज लंदन में जीन पर रिसर्च करने वाली इसाबेल ऑस्टिन ज़िमरमैन कहती हैं कि इनमें से किसी एक आम बदलाव से नींद की अवधि में केवल करीब एक मिनट का अंतर आता है.

लेकिन जब ऐसे कई बदलाव एक साथ होते हैं, तो उनका कुल असर बढ़ जाता है.

ऑस्टिन ज़िमरमैन के मुताबिक़, आम लोगों की नींद की अवधि में करीब 20 मिनट का अंतर जीन में होने वाले इन बदलावों से जुड़ा हो सकता है.

हालांकि, अभी इस बारे में बहुत कम रिसर्च हुई है कि इनमें से कौन से आम बदलाव लोगों को कम नींद के नुक़सान से बचा सकते हैं.

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में प्रसव और महिला रोगों की डॉक्टर और रिसर्चर कियारा पेट्रोसेलिनी ने हाल ही में इससे जुड़ी एक रिसर्च का नेतृत्व किया.

उनकी टीम ने बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित 343 महिलाओं के जीन की जांच की. इन सभी महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया था.

शोधकर्ताओं ने जीन में मौजूद बदलावों के आधार पर यह अंदाज़ा लगाया कि इनमें से किन महिलाओं में स्वाभाविक रूप से कम नींद की ज़रूरत होने की संभावना ज़्यादा है.

जिन महिलाओं में कम सोने की संभावना सबसे ज़्यादा थी, उनमें बच्चे के जन्म के बाद पोस्टपार्टम साइकोसिस होने का ख़तरा आधा था.

पोस्टपार्टम साइकोसिस बच्चे के जन्म के बाद होने वाली एक गंभीर मानसिक समस्या है.

इसकी तुलना उन महिलाओं से की गई, जिनमें स्वाभाविक रूप से कम सोने की संभावना सबसे कम थी.

नींद न आने की समस्या के मामले में भी ऐसा ही रुझान देखने को मिला.

हालांकि, इन नतीजों को समझने के लिए अभी और रिसर्च की ज़रूरत है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि हो सकता है कि इन महिलाओं में जीवन के शुरुआती दौर से ही नींद टूटने और कम सोने को सहन करने की क्षमता विकसित हो गई हो.

इस वजह से बच्चे के जन्म के बाद नींद टूटने का उनके मूड पर असर कम हो सकता है.

इमेज स्रोत, Getty Images

लेकिन जीन की वजह से कम नींद की ज़रूरत होना हमेशा सेहत के लिए अच्छा नहीं होता.

ऑस्टिन ज़िमरमैन और उनकी टीम ने एक बड़ी आबादी पर भी रिसर्च की. यह रिसर्च ख़ासतौर पर बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित माताओं पर नहीं की गई थी.

इसमें पाया गया कि आम तौर पर कम नींद से जुड़े जीन में बदलाव का संबंध नींद न आने और थकान महसूस होने की आशंका बढ़ने से था.

इन बदलावों का संबंध कई मानसिक और शारीरिक समस्याओं से भी पाया गया.

इनमें एडीएचडी, डिप्रेशन के लक्षण और टाइप 2 डायबिटीज़ शामिल हैं.

इसका यह मतलब ज़रूरी नहीं है कि कम सोने या कम नींद से जुड़े जीन की वजह से ये बीमारियां होती हैं.

लेकिन इससे यह ज़रूर पता चलता है कि कम नींद से जुड़े जीन हमेशा लोगों को इन ख़तरों से नहीं बचाते.

इस कहानी को एक और बात मुश्किल बनाती है. जो लोग कम सोने के बावजूद ख़ुद को पूरी तरह ठीक समझते हैं, वे हमेशा अपनी हालत का सही अंदाज़ा नहीं लगा पाते.

एक रिसर्च में स्वस्थ वयस्कों को हर रात बिस्तर पर केवल चार या छह घंटे बिताने की अनुमति दी गई.

इसके बाद उनकी सोचने, समझने और काम करने की क्षमता की अलग-अलग जांच की गई. समय के साथ इन जांचों में उनका प्रदर्शन लगातार ख़राब होता गया.

लेकिन दो हफ़्ते बाद भी इन लोगों ने कहा कि उन्हें केवल "थोड़ी सी" नींद की कमी महसूस हो रही है.

इस रिसर्च में शामिल वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के स्लीप एंड परफ़ॉर्मेंस रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक हांस वैन डोंगेन कहते हैं कि समय के साथ व्यक्ति की काम करने की क्षमता लगातार कम होती जाती है.

लेकिन इसके साथ ही अपनी क्षमता में आ रही इस गिरावट का अंदाज़ा लगा पाने की उसकी क्षमता भी कम हो जाती है.

यह भी सच है कि कुछ लोगों को दूसरों के मुक़ाबले कम नींद की ज़रूरत होती है.

वैन डोंगेन की एक दूसरी रिसर्च में भी पाया गया है कि कुछ लोग नींद की कमी को दूसरों की तुलना में बेहतर तरीक़े से सहन कर पाते हैं.

लेकिन लोगों के बीच इस अंतर को समझने के लिए केवल यह पूछना काफ़ी नहीं है कि कोई व्यक्ति कितने घंटे सोता है या अगले दिन कैसा महसूस करता है.

लंबे समय में ऑस्टिन ज़िमरमैन और फ़ू जैसे वैज्ञानिकों की खोजों से यह पहचानने में मदद मिल सकती है कि कौन से लोग सच में कम नींद में भी ठीक रहते हैं.

इससे उन लोगों की भी पहचान हो सकती है, जिन्हें लगता है कि वे कम नींद में ठीक हैं, लेकिन असल में उनकी काम करने की क्षमता पर असर पड़ रहा होता है.

भविष्य में इन खोजों की मदद से ऐसी दवाएं भी बनाई जा सकती हैं, जो कम सोने वाले लोगों को इसके नुक़सानों से बचने में मदद करें.

लेकिन फ़िलहाल ये खोजें लोगों को यह समझने में मदद कर सकती हैं कि उनके सोने का तरीक़ा दूसरों से अलग क्यों है. बर्नार्ड के साथ भी ऐसा ही हुआ.

जब उन्हें पता चला कि उनके जीन में एफएनएसएस से जुड़ा बदलाव मौजूद है, तो उनके मन से एक बोझ कम हो गया.

एक वैज्ञानिक होने के नाते वह पहले से जानती थीं कि लोगों में स्वाभाविक अंतर होते हैं और उनकी नींद भी एक जैसी नहीं होती.

उन्हें कम नींद की वजह से मिलने वाला अतिरिक्त समय भी हमेशा अच्छा लगता था.

ख़ासतौर पर तब, जब उनके पति और बच्चे गहरी नींद में सो रहे होते थे और वह अपने दिन का काम पहले ही शुरू कर सकती थीं.

फिर भी बर्नार्ड कई बार सोचती थीं कि कहीं उन्हें आराम करना ही तो नहीं आता.

उन्हें यह भी लगता था कि ज़्यादा न सो पाने की वजह कहीं यह तो नहीं कि वह एक साथ बहुत सारे काम संभाल रही हैं.

अब वह कहती हैं, "मुझे अपना जवाब मिल गया है."

"अब मैं जानती हूं कि जीन के कारण मैं ऐसी ही हूं और मुझे इसे स्वीकार करना होगा."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

शॉर्ट वीडियो का अंत

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

About Ajay Tiwari

Senior Editorial writer covering tech innovations, space exploration, and emerging digital trends. Delivering deep analytical insights for premium global readers.

Comments ()

LIVE
कोहली ने बनाया रिकॉर्ड, वनडे में तीसरे नंबर पर ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने • खेत देखने जा रहे किसान की हाईवा की टक्कर से मौत, मुआवजे के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण • सर्दियां शुरू होते ही हर साल दिल्ली की हवा इतनी ख़राब क्यों हो जाती है? • शाहजहांपुर रेशमा हत्याकांड: आरोपी पति के एनकाउंटर की मांग, मायके वालों ने शव रखकर सड़क पर लगाया जाम • कैबिनेट ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए 17,314 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को दी मंजूरी, जानिए क्या महत्वपूर्ण • जयपुर की नई 'त्योहार अशर्फी' की कीमत 1.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम, 9 ग्राम का टुकड़ा 1,111 रुपये • असदुद्दीन ओवैसी ने अल‑सैयद की जीत पर दिया उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को सशक्त करने का संदेश • आप का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप: एक्यूआई कम दिखाकर लोगों की सेहत से हो रहा खिलवाड़, सीएम रेखा पर दर्ज हो केस • पाइपलाइन विस्फोट के बाद फिर कैसे हुआ गैस रिसाव? मुजफ्फरपुर में दहशत; उठे सुरक्षा पर सवाल • अग्निपथ योजना में 2 साल का अतिरिक्त सेवा अवधि, 75 % अग्निवीरों को मिलेगा विस्तार • चुनाव हार के बाद ट्रम्प ने डेमोक्रेट्स के साथ सहयोग का इशारा किया • मिशिगन में सीनेट की जीत पर पहला मुस्लिम, अब्दुल अल‑सैयद ने कर‑टैक्स के उपयोग पर सवाल उठाए • नीतीश के सपनों को पूरा करने में जुटी सरकार, जानें सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात के बाद क्या-क्या कहा? • विनफास्ट ने 7‑सीटर EV की कीमत 4 लाख रुपये घटाकर बनाई किफायती विकल्प • ईरान संघर्ष पर ट्रम्प की असफलता: हाउस‑सीनेट दोनों में नहीं मिला समर्थन, अतिआत्मविश्वास ने की हार • मैच के दौरान विराट कोहली की घड़ी टूट गई, फिर मिली – दर्शकों की प्रतिक्रिया • उत्तर प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में निवेश की नई लहर • मिशिगन से जीतने वाले अब्दुल अल‑सईद: पहली मुस्लिम सीनेटर की कहानी • IPS अधिकारी के खिलाफ पत्नी ने दर्ज की शिकायत, तलाक नहीं चाहती, बेटी के साथ फिर से रहना चाहती हैं • पिकअप की जोरदार भिड़ंत, एक किशोर ने मौके पर तोड़ा दम; दूसरे की अस्पताल में मौत • शिक्षिका से अमेरिकी सांसद तक का प्रेरणादायक सफ़र • कुछ लोगों के लिए सिर्फ़ चार घंटे की नींद ही क्यों काफ़ी होती है? • सेंसेक्स 350 अंक उछला, निफ्टी 23900 के पार, अमेरिका के चुनावी नतीजों का क्या असर? • सद्भावना की खुशबू से महकेगा शहर, पुलाव वितरण आज; दिवाली कार्निवल का भी होगा आगाज • 68,500 सहायक शिक्षक के उम्मीदवारों ने SCERT कार्यालय घेरा, आठ साल के इंतजार के बाद नियुक्ति की मांग • अमेरिकी सीनेट के पहले मुस्लिम सांसद और भारत के साथ उनका अनोखा संबंध • प्रोड्यूसर से हुई शादी, एक्ट्रेस ने नहीं चुने बच्चे, गोद ली कई जानवर • पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, नशे के आरोपियों को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप; आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड • बाइपास पर डंपर से टकराई रोडवेज बस, चालक-परिचालक समेत 16 लोग घायल, दो की हालत नाजुक • निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, विधानसभा अध्यक्ष दो महीने में लें फैसला • पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के कई ठिकानों पर निगरानी का छापा, महकमे में हड़कंप • रामायण का पहला दिन 160 करोड़ की ओपनिंग, गदर को पीछे छोड़ सकती है • अमूल के घी‑मक्खन की कीमतों में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी • CEC के ज्ञानेश कुमार पर 20‑साल पुराना रिश्वत केस फिर खुला • प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाई, SP से सीट साझा करने पर चर्चा • झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से हुई बच्ची की मौत: 10 मिनट में हाथ-पांव अकड़ गए • Mercedes GLC Electric लॉन्च: 711 किमी रेंज, 10 मिनट में 300 किमी चार्ज • पेट्रोल लेकर कलक्ट्रेट पहुंचा किसान, डीएम ने दिखाई दरियादिली, दिलाए 23 हजार रुपये और नौकरी • क्राउडस्ट्राइक ने लॉन्च किया AI किल स्विच फीचर: अनियंत्रित एआई एजेंट्स पर लगाएगा रोक, जानें कैसे करता है काम? • विराट कोहली ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पोंटिंग के बराबर रन, सचिन को पीछे छोड़ा • कोहली ने बनाया रिकॉर्ड, वनडे में तीसरे नंबर पर ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने • खेत देखने जा रहे किसान की हाईवा की टक्कर से मौत, मुआवजे के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण • सर्दियां शुरू होते ही हर साल दिल्ली की हवा इतनी ख़राब क्यों हो जाती है? • शाहजहांपुर रेशमा हत्याकांड: आरोपी पति के एनकाउंटर की मांग, मायके वालों ने शव रखकर सड़क पर लगाया जाम • कैबिनेट ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए 17,314 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को दी मंजूरी, जानिए क्या महत्वपूर्ण • जयपुर की नई 'त्योहार अशर्फी' की कीमत 1.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम, 9 ग्राम का टुकड़ा 1,111 रुपये • असदुद्दीन ओवैसी ने अल‑सैयद की जीत पर दिया उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को सशक्त करने का संदेश • आप का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप: एक्यूआई कम दिखाकर लोगों की सेहत से हो रहा खिलवाड़, सीएम रेखा पर दर्ज हो केस • पाइपलाइन विस्फोट के बाद फिर कैसे हुआ गैस रिसाव? मुजफ्फरपुर में दहशत; उठे सुरक्षा पर सवाल • अग्निपथ योजना में 2 साल का अतिरिक्त सेवा अवधि, 75 % अग्निवीरों को मिलेगा विस्तार • चुनाव हार के बाद ट्रम्प ने डेमोक्रेट्स के साथ सहयोग का इशारा किया • मिशिगन में सीनेट की जीत पर पहला मुस्लिम, अब्दुल अल‑सैयद ने कर‑टैक्स के उपयोग पर सवाल उठाए • नीतीश के सपनों को पूरा करने में जुटी सरकार, जानें सीएम सम्राट चौधरी ने मुलाकात के बाद क्या-क्या कहा? • विनफास्ट ने 7‑सीटर EV की कीमत 4 लाख रुपये घटाकर बनाई किफायती विकल्प • ईरान संघर्ष पर ट्रम्प की असफलता: हाउस‑सीनेट दोनों में नहीं मिला समर्थन, अतिआत्मविश्वास ने की हार • मैच के दौरान विराट कोहली की घड़ी टूट गई, फिर मिली – दर्शकों की प्रतिक्रिया • उत्तर प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में निवेश की नई लहर • मिशिगन से जीतने वाले अब्दुल अल‑सईद: पहली मुस्लिम सीनेटर की कहानी • IPS अधिकारी के खिलाफ पत्नी ने दर्ज की शिकायत, तलाक नहीं चाहती, बेटी के साथ फिर से रहना चाहती हैं • पिकअप की जोरदार भिड़ंत, एक किशोर ने मौके पर तोड़ा दम; दूसरे की अस्पताल में मौत • शिक्षिका से अमेरिकी सांसद तक का प्रेरणादायक सफ़र • कुछ लोगों के लिए सिर्फ़ चार घंटे की नींद ही क्यों काफ़ी होती है? • सेंसेक्स 350 अंक उछला, निफ्टी 23900 के पार, अमेरिका के चुनावी नतीजों का क्या असर? • सद्भावना की खुशबू से महकेगा शहर, पुलाव वितरण आज; दिवाली कार्निवल का भी होगा आगाज • 68,500 सहायक शिक्षक के उम्मीदवारों ने SCERT कार्यालय घेरा, आठ साल के इंतजार के बाद नियुक्ति की मांग • अमेरिकी सीनेट के पहले मुस्लिम सांसद और भारत के साथ उनका अनोखा संबंध • प्रोड्यूसर से हुई शादी, एक्ट्रेस ने नहीं चुने बच्चे, गोद ली कई जानवर • पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, नशे के आरोपियों को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप; आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड • बाइपास पर डंपर से टकराई रोडवेज बस, चालक-परिचालक समेत 16 लोग घायल, दो की हालत नाजुक • निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, विधानसभा अध्यक्ष दो महीने में लें फैसला • पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के कई ठिकानों पर निगरानी का छापा, महकमे में हड़कंप • रामायण का पहला दिन 160 करोड़ की ओपनिंग, गदर को पीछे छोड़ सकती है • अमूल के घी‑मक्खन की कीमतों में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी • CEC के ज्ञानेश कुमार पर 20‑साल पुराना रिश्वत केस फिर खुला • प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बनाई, SP से सीट साझा करने पर चर्चा • झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से हुई बच्ची की मौत: 10 मिनट में हाथ-पांव अकड़ गए • Mercedes GLC Electric लॉन्च: 711 किमी रेंज, 10 मिनट में 300 किमी चार्ज • पेट्रोल लेकर कलक्ट्रेट पहुंचा किसान, डीएम ने दिखाई दरियादिली, दिलाए 23 हजार रुपये और नौकरी • क्राउडस्ट्राइक ने लॉन्च किया AI किल स्विच फीचर: अनियंत्रित एआई एजेंट्स पर लगाएगा रोक, जानें कैसे करता है काम? • विराट कोहली ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पोंटिंग के बराबर रन, सचिन को पीछे छोड़ा •