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हृदय रोग वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। हर साल लाखों लोगों की मौत इस बीमारी के कारण हो जाती है। आमतौर पर लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, आहार ठीक न होने और आनुवांशिक स्थितियों को दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी वयस्कों को नियमित रूप से हेल्थ चेकअप, लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराते रहने की सलाह देते हैं ताकि हृदय रोगों के खतरे की पहले से ही पहचान की जा सके।
लिपोप्रोटीन-ए हार्ट के लिए साइलेंट खतरा अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक हर पांच में से एक व्यक्ति में लिपोप्रोटीन-ए या एलपी-ए का स्तर ज्यादा हो सकता है।
एलपी-ए बढ़ा होने पर यह धमनियों में प्लाक का जमाव बढ़ाने लगता है। इसके साथ सूजन और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया भी बढ़ सकती है। लंबे समय में यह धमनियों को संकरा कर सकता है जिससे हृदय और मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ सकती हैं। इससे हार्ट अटैक होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसका स्तर पूरी तरह से आनुवंशिक (जींस) पर निर्भर होता है, जो माता-पिता से बच्चों में आता है। चिंता की बात ये भी है कि खान-पान, वजन या व्यायाम करने से भी इसके स्तर पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक लिपोप्रोटीन-ए टेस्ट की नॉर्मल रेंज आमतौर पर 30 मिलीग्राम/डीएल या 75 नैनोमोल्स/लीटर (nmol/L) से कम माना जाता है। 30 मिलीग्राम/डीएल से अधिक होना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जाता है।
क्या कहते हैं हृदय रोग विशेषज्ञ? हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ एम.आर खान बताते हैं, एलपी-ए एक साइलेंट समस्या है, जो लाखों लोगों के शरीर में मौजूद हो सकती है और लंबे समय तक बिना किसी संकेत के छिपी रहती है। हैरानी की बात यह है कि बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में इसकी जांच शामिल नहीं होती है, इसलिए कई लोगों को कभी पता ही नहीं चल पाता कि उनका एलपी-ए बढ़ा हुआ है। इसलिए ऐसा जरूरी नहीं है कि जिस व्यक्ति का एलपी-ए ज्यादा है, वह मोटा या अस्वस्थ दिखता हो या उसकी जीवनशैली खराब हो। स्वस्थ-फिट दिखाई देने के बावजूद लोगों में इसका स्तर हाई हो सकता है। अक्सर लोगों में एलपी-ए का स्तर ज्यादा होने का पता तब चलता है, जब उन्हें अचानक हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो जाता है। दिखने में फिट-फिर भी खतरा अमेरिका के मशहूर पर्सनल ट्रेनर इसका बड़ा उदाहरण हैं। 51 साल की उम्र में वे काफी फिट और स्वस्थ दिखते थे। लेकिन व्यायाम करते समय उन्हें अचानक ऐसा हार्ट अटैक आया।
एलपी-ए क्या है और शरीर में इसका क्या काम है? एलपी-ए एक ऐसा कण होता है, जो खून के जरिए कोलेस्ट्रॉल को शरीर में ले जाने का काम करता है। इसे मुख्य रूप से लिवर में बनता है। ऑरलैंडो हेल्थ हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रयान स्मिथ कहते हैं, शरीर में एलपी-ए की कुछ सामान्य भूमिकाएं भी हो सकती हैं। यह घाव भरने और संक्रमण से लड़ने की प्रक्रिया में मदद करता है। समस्या तब पैदा होती है, जब इसका स्तर बहुत ज्यादा हो जाए।
अब सवाल ये है कि फिर आप अपने जोखिमों को कैसे जान सकते हैं?
कैसे पता चलेगा कि एलपी- ए बढ़ा हुआ है? मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एलपी-ए का स्तर जानने के लिए खून की जांच कराना एक अच्छा तरीका माना जाता है।
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