5 Days Working in Bank: क्या बैंकों में सितंबर से 5 दिन वर्किंग होगा? अभी बैंक हर पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुलते हैं। दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। सितंबर से बैंक सभी शनिवार को बंद रहेंगे और बैंक ब्रांच खुलने-बंद होने का समय बदल जाएगा? दरअसल, बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही 5 दिन वर्किंग की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने सितंबर में हड़ताल का ऐलान किया है। ऐसे में देखना होगा कि सरकार इस पर कब फैसला लेती है।
UFBU ने 23 अगस्त 2026 को जारी सर्कुलर में कहा है कि पांच दिन की बैंकिंग लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। यूनियन ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया गया है। अगर मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो यूनियन ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी घोषणा की है। ऐसे में सितंबर और अक्टूबर में बैंकिंग सर्विस पर असर पड़ेगा। साथ ही देखना होगा कि सरकार कब बैंक कर्मचारी यूनियन की डिमांड को मानती है।
यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है। अभी 5 दिन की बैंकिंग लागू नहीं हुई है। सितंबर से बैंकों में पांच दिन कामकाज शुरू होने की कोई आधिकारिक सरकारी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। दरअसल, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक कर्मचारी व अधिकारी संगठनों के बीच 8 मार्च 2024 को हुए 12वें बाइपार्टाइट सेटलमेंट और 9वें ज्वाइंट नोट में पांच दिन की बैंकिंग पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खोलने और शनिवार-रविवार को छुट्टी रखने का प्रस्ताव है। लेकिन इस सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार की औपचारिक अधिसूचना जरूरी है। यही अधिसूचना अभी पेंडिंग है।
पांच दिन की बैंकिंग लागू होने पर बैंक सोमवार से शुक्रवार तक काम करेंगे। शनिवार और रविवार वीकली छुट्टी हर हफ्ते होगी। यानी मौजूदा व्यवस्था में जो बैंक पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुलते हैं, वे भी बंद रहेंगे।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं होगा कि कर्मचारियों के कुल काम के घंटे सीधे कम हो जाएंगे। मार्च 2024 के समझौते के मुताबिक शनिवार की छुट्टी की भरपाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव है।
अगर पांच दिन की बैंकिंग लागू होती है तो शनिवार और रविवार को बैंक की फिजिकल ब्रांच बंद रहेंगी। ऐसे में कैश जमा या निकालने, चेक, पासबुक और दूसरे ब्रांच से जुड़े कामों के लिए ग्राहकों को सोमवार से शुक्रवार के बीच बैंक जाना होगा। हालांकि, UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सर्विस मिलती रहेंगी।
बैंक यूनियनों का कहना है कि IBA और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति को दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है। आईबीए ने सभी शनिवार को बैंक हॉलिडे घोषित करने का प्रस्ताव सरकार को पहले ही भेज दिया था। फरवरी 2026 में संसद में सरकार ने भी पुष्टि की थी कि IBA ने सभी शनिवार को बैंकिंग अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव 12 जुलाई 2023 को भेजा था।
UFBU का आंदोलन केवल पांच दिन की बैंकिंग तक सीमित नहीं है। बैंक यूनियनें सीनियर अधिकारियों के लिए लागू किए गए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) सिस्टम का भी विरोध कर रही हैं। यूनियन का आरोप है कि नया PLI ढांचा कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच बड़े अंतर को बढ़ा सकता है। इसी मुद्दे को लेकर भी सरकार के साथ बातचीत और कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
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