मई के महीने में भारत से विदेश भेजे जाने वाले रुपयों (एलआरएस प्रेषण) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका मुख्य कारण इक्विटी निवेश और अवकाश यात्रा में बढ़ोतरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रवृत्ति आने वाले महीनों में भी जारी रह सकती है।
इक्विटी निवेश में बढ़ोतरी
विदेशी इक्विटी निवेश में बढ़ोतरी के कारण एलआरएस प्रेषण में वृद्धि हुई है। निवेशक विदेशी शेयर बाजारों में निवेश कर रहे हैं, जिससे पैसा देश से बाहर जा रहा है।
अवकाश यात्रा का प्रभाव
मई में अवकाश यात्रा में भी वृद्धि देखी गई, जिससे विदेश यात्रा पर खर्च बढ़ा। इसने भी एलआरएस प्रेषण को बढ़ाने में योगदान दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले महीनों में भी जारी रह सकती है, क्योंकि निवेशक विदेशी बाजारों में निवेश करना जारी रखेंगे और लोग अवकाश यात्रा पर खर्च करेंगे।
Comments ()
No comments yet. Be the first to share your thoughts!