गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने का एक और मामला सामने आया है। उन्नाव में बसीरतगंज टोल के पास प्रयागराज जाने वाली लेन में अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इससे करीब 5 फीट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही एक्सप्रेसवे पर हड़कंप मच गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क किलोमीटर 423.6 के पास उन्नाव रेस्ट एरिया के नजदीक धंसी है। घटना की सूचना मिलने के बाद कार्यदायी संस्था की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क के धंसे हुए हिस्से की जांच और मरम्मत का काम शुरू किया गया। टीम ने गड्ढे को दुरुस्त करने के साथ सड़क को दोबारा सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। फिलहाल सड़क धंसने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने से करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बनने की बात सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि बड़े और महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे पर इस तरह सड़क धंसना गंभीर चिंता का विषय है। अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
हाल ही में शुरू हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज बारिश ने जल निकासी की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रविवार रात और सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद टोल प्लाजा के पास करीब ढाई फीट तक पानी भर गया। हालात ऐसे बने कि एक्सप्रेसवे से टोल प्लाजा की ओर आने-जाने वाले वाहनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क पर काफी दूरी तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। सूचना मिलते ही कार्यदाई संस्था के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पानी निकालने के लिए इंजन व ट्यूबवेल पंप लगाकर देर शाम तक मशक्कत करते रहे।
प्रयागराज से मेरठ की ओर जाने वाली लेन पर टोल प्लाजा के नजदीक बारिश का पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। जलभराव इतना ज्यादा था कि सड़क और आसपास का हिस्सा तालाब में तब्दील नजर आया। दोपहिया और छोटे वाहनों के चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन पानी के बीच से निकलते रहे, जबकि कर्मचारी पंप चलाकर लगातार पानी बाहर निकालने में जुटे रहे। बारिश के बाद पैदा हुए इन हालातों ने गंगा एक्सप्रेसवे की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों की लागत से तैयार इस परियोजना पर आवागमन शुरू हुए कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन पहली बारिश में ही टोल प्लाजा के पास जलभराव की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। इससे व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। इसी साल अप्रैल माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई से इसका उद्घाटन किया था, जिसके बाद इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
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