इनमें विनोद प्रसाद पटेल का मकान भी शामिल है। जिस मकान को लोग कुछ दिन पहले तक खड़ा देख रहे थे अब वहां गंडक की धारा बह रही है। कटाव की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी की धारा अब कई घरों से महज पांच कदम की दूरी तक पहुंच गई है। कटाव की जद में आए करीब दो दर्जन और घरों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अगली रात किसका आशियाना नदी में समा जाएगा।
रात में कटाव तेज होने की सूचना मिलते ही लोग घरों से बाहर निकल आए।पप्पू पांडेय,मोहन पटेल,गर्जन पटेल,विनोद पटेल,प्यारेलाल पटेल,पारस पटेल समेत कई ग्रामीण रातभर कटते किनारे और नदी की धारा पर नजर रखे रहे।ग्रामीणों का कहना है कि अब रात होते ही डर बढ़ जाता है। लोग घर में सोने के बजाय जरूरी सामान और परिवार को सुरक्षित रखने की चिंता में जागते रहते हैं।कई लोग पहले ही अपना घर खाली कर चुके हैं।जो कुछ बचाया जा सकता है।उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
कटाव प्रभावित परिवारों में महिलाओं और बच्चों में सबसे अधिक भय है। नाजमी खातून,रबेया खातून,अपती देवी,लालमती देवी समेत अन्य महिलाओं का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बना घर आंखों के सामने नदी की ओर बढ़ते देखना बेहद पीड़ादायक है। परिवारों के सामने अब घर बचाने से ज्यादा अपने बच्चों और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की चिंता है। कई ग्रामीण ऐसे हैं जो अपने हाथों से ही मकान तोड़कर ईंट लकड़ी और अन्य सामान बचाने में जुटे हैं।जिस आशियाने को बनाने में जिंदगी भर की कमाई लग गई।उसे कटाव से पहले खुद तोड़ देना लोगों की मजबूरी बन गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि रातभर कटाव तेज रहने के बावजूद प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, जल संसाधन विभाग की टीम को स्थिति की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा है और अब तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
कटाव और पानी के कारण गांव का आवागमन भी प्रभावित है। ग्रामीणों को गांव आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग भी नाव के सहारे ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में कई और परिवार बेघर हो सकते हैं।
छपरा में गंगा नदी कहर बरपा रही है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से बुधवार की सुबह डोरीगंज और अवतार नगर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों की ओर पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। दियारा की तीन पंचायतों के पानी से घिर जाने की वजह से मुख्य पथ से संपर्क भंग हो सकता है। आजादी के दीवानों के गांव दिघवारा के मलखाचक में पानी के तेज बहाव से कटाव होना शुरू हो गया है। गंगा, सरयू, सोन तथा गंडक नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि और उफान के कारण डोरीगंज सदर प्रखंड के दियारा एवं तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। प्रखंड की तीन पंचायतों के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
वहीं तटवर्ती इलाके के नेहाला टोला का सड़क संपर्क पानी के कारण प्रभावित हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ तेज हवा और बारिश के कारण नदी की तेज लहरें तटों से टकरा रही हैं। इसके चलते पुरातात्विक स्थल चिरांद, तिवारी घाट, नोकिया टोला समेत नदी किनारे बसे कई गांवों में कटाव तेज होने की सूचना है। लगातार हो रहे कटाव को लेकर तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई आबादी वाले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। दियारा क्षेत्र में पानी के फैलाव से लोगों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है।
पशुपालकों और किसानों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, कोटवापट्टी रामपुर पंचायत के मुखिया सत्येंद्र सिंह ने दियारा क्षेत्र में फंसे लोगों की सुरक्षा और जानमाल की रक्षा के लिए सदर अंचलाधिकारी से पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नाव की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके और राहत व बचाव कार्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी से फोन पर संपर्क कर बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।
नेपाल में बाढ़ की विभीषिका अभी थमी भी नहीं है कि वहां लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। 30 और 31 अगस्त को वाल्मीकिनगर बैराज से क्रमवार पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंगलवार को मकेर प्रखंड के बाघाकोल पंचायत अंतर्गत लगुनिया, दुनिया पोखरा, हैजलपुर तथा नौकाडा गांव के आसपास चारों ओर पानी फैल गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी घर में बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं कर सका है। गांवों तक आने-जाने वाली सड़कें भी फिलहाल चालू हैं। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता बढ़ने लगी है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!