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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका को असम पुलिस द्वारा गुवाहाटी से हिरासत में लिए जाने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को चुनौती दी है.
सीजेपी का आरोप है कि आशुतोष रांका को रविवार (27 सितम्बर 2026) को पार्टी की 'रीजनल वॉलंटियर्स मीट' से ठीक पहले उनकी टीम के साथ हिरासत में लिया गया.
सीजेपी बीते कुछ दिनों से देश के कई इलाक़ों में स्कूलों का दौरा कर रही है और स्कूलों के वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर वहां के हालत के बारे में बता रही है.
सीजेपी का आरोप है कि देश के कई इलाक़ों में सरकारी स्कूलों की हालत बहुत ही ख़राब है. आशुतोष रांका के मुताबिक़ वह इसी मक़सद से असम पहुंचे हुए हैं और इसके लिए वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने वाले थे.
आशुतोष रांका ने शनिवार को कहा था, "गुवाहाटी आने का मक़सद देश के बाक़ी हिस्सों जैसा ही है. लंबे समय से देश के युवा बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. पूरे देश में सरकार ने कई बुनियादी मुद्दों की अनदेखी की है. आज हम अपने स्कूलों को सुधारने और शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए लड़ रहे हैं."
उन्होंने कहा, "राज्य में हमारा बड़ा समर्थक आधार है और बड़ी संख्या में लोग हमारे साथ जुड़े हैं. आने वाले दिनों में मैं राज्य के कुछ स्कूलों का दौरा करूंगा और हमारे कुछ स्वयंसेवकों से मिलूंगा. मैं उन लोगों से भी मिलूंगा, जो एसआईआर से प्रभावित हुए हैं."
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सीजेपी के स्कूल दौरे को लेकर कई जगहों पर विवाद भी हुआ है. इस मामले सबसे बड़ा विवाद राजस्थान में देखने को मिला था जब आशुतोष रांका अपने सहयोगियों के साथ जयपुर के पास एक स्कूल पहुंचे थे और कुछ लोगों ने उनकी टीम पर कथित तौर पर हमला कर दिया था.
असम के ताजा मामले पर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "आशु (आशुतोष रांका) को असम पुलिस ने एक निजी मकान से उठा लिया है. उन्होंने (पुलिस) अभी तक यह नहीं बताया है कि उन्हें किन आरोपों या आधार पर हिरासत में लिया गया है."
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उन्होंने लिखा, "अगर आशुतोष को रिहा नहीं किया गया तो मैं सीजेपी के सदस्यों के साथ असम जाउंगा. हिमंत (असम के मुख्यमंत्री) हम सब को गिरफ़्तार कर सकते हैं."
अभिजीत दीपके ने एक अन्य पोस्ट में कहा, "आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस किसी अज्ञात जगह पर ले गई है. वह अपनी टीम के साथ असम में कार्यकर्ताओं की एक छोटी सी मीटिंग करने वाले थे."
सीजेपी ने दावा किया, "अगर आप अच्छी शिक्षा की मांग करते हैं तो यह प्रतिक्रिया मिलती है, लेकिन हम पीछे नहीं हटने वाले हैं."
आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो पुलिस वैन में बैठे हुए दिख रहे हैं.
उन्होंने मीडिया से कहा, "हिमंत बिस्वा सरमा डरे हुए हैं कि अगर हम असम के स्कूलों की वास्तविक स्थिति दिखा देंगे. हिमंत मामा हम स्कूल तो दिखाएंगे आपने असम की क्या हालत कर दी है वह भी हम देश की जनता को दिखाएंगे."
रांका ने कहा, "हिमंत बिस्वा सरमा इस बात से भी डरे हुए हैं कि काज़ीरंगा में जल-जंगल-ज़मीन की लड़ाई लड़ने वालों लोगों पर अत्याचार किया है वो जनता को दिखाएंगे. किस तरह से जंगलों को बेचकर कॉरपोरेट्स को दिया जा रहा है, वो भी जनता को दिखाएंगे."
उन्होंने वीडियो में कहा, "किस तरह से आप (हिमंत बिस्वा सरमा) मैन-मेड फ़्लड (इंसानों की वजह से बाढ़) ले आए, जिससे असम में सैंकड़ों की संख्या में लोगों की जान चली गई, वो भी हम लोगों को दिखाएंगे. आपके स्कूलों का हाल देश को दिखाएंगे."
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कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं गुवाहाटी में कई असमिया युवाओं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा करता हूं. यह पूरी तरह अस्वीकार्य और गैरक़ानूनी है."
उन्होंने लिखा, "बीजेपी युवाओं से इतना डरी हुई क्यों है? क्या इसकी वजह यह है कि युवाओं ने बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति को ख़ारिज कर दिया है?"
"डरी हुई बीजेपी उनका वोट चुराना और उनकी आवाज़ को दबाना चाहती है. मैं असम के युवाओं के साथ खड़ा हूं."
एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने गुवाहटी में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "हम आशुतोष रांका और उनके समर्थकों की फ़ौरन रिहाई की मांग करते हैं. अगर ऐसा नहीं किया गया तो हम पुलिस के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेंगे."
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने 6 महिला कार्यकर्ताओं समेत 41 लोगों को एक निजी मकान से हिरासत में लिया है, इसके लिए कोई क़ानूनी नोटिस नहीं दी गई.
अनीश गवांडे के मुताबिक़, "सीजेपी क्या कह रही है? वह स्कूलों की जर्जर हालत की बात कर रही है. हमाले स्कूलों में पंखे नहीं है. स्कूलों में क्लासरूम नहीं हैं, शिक्षक नहीं हैं. वह बात कर रहे हैं कि किस तरह से काजीरंगा से लोगों को हटाया गया और ज़मीन ले लिया गया.. "
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