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भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों में आई निकटता और व्यापार समझौते को लेकर बात की.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्ते पर भी उन्होंने बात की और कहा कि 'भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंधों से दूसरे ईर्ष्या करते हैं.'
सर्जियो गोर ने दावा किया कि आगामी जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी उन नेताओं में सबसे ऊपर होंगे जिनसे राष्ट्रपति ट्रंप मिलना चाहेंगे.
दिसंबर में फ़्लोरिडा में जी20 शिखर सम्मेलन में होने जा रहा है जिसमें पीएम मोदी के भी शामिल होने की उम्मीद है.
ग़ौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच कई महीनों से द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वार्ता चल रही है लेकिन अभी तक इसका कोई परिणाम नहीं आया है.
हालांकि सर्जियो गोर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 'अगले कुछ महीनों में समझौते को अंतिम रूप' दे दिया जाएगा.
बीते शुक्रवार को भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की अंतिम घोषणा तभी करेगा, जब अमेरिका भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में तरजीही टैरिफ़ शर्तें देने पर सहमत होगा.
मंत्री पीयूष गोयल ने एक कार्यक्रम में कहा, "जैसे ही अमेरिका हमारे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में हमें तरजीही दर देने में सक्षम होगा, हम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे देंगे और इसकी अंतिम जानकारी की घोषणा कर देंगे."
उन्होंने कहा कि पांच अर्थव्यवस्थाओं के साथ पहले ही मुक्त व्यापार समझौता लागू हो चुका है और जल्द ही यह संख्या नौ तक पहुंच जाएगी.
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने निजी चैनल इंडिया टुडे के एक इंटरव्यू में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति ट्रंप की निकटता का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "अगर आप राष्ट्रपति से पूछें, 'आपके यहां 35 लोग आ रहे हैं. आप किससे मिलना चाहते हैं?', तो प्रधानमंत्री उस सूची में सबसे ऊपर होंगे. क्योंकि राष्ट्रपति पीएम को अपना दोस्त मानते हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि यह यात्रा सिर्फ एक बहुपक्षीय बैठक तक सीमित नहीं रहेगी."
उन्होंने अगले साल ट्रंप के भारत आने की संभावना का भी संकेत देते हुए कहा, "जब भी मैं उनसे बात करता हूं, वह यहां की अपनी शानदार यात्रा, जिन शानदार लोगों से वह मिले थे और निश्चित रूप से अपने प्रिय मित्र प्रधानमंत्री को बहुत अच्छे से याद करते हैं."
सर्जियो गोर ने कहा, "राष्ट्रपति बिल्कुल स्पष्ट हैं कि जबतक मेरे फ्रेंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं तब तक भारत अमेरिका पर भरोसा करता रहेगा."
उन्होंने कहा, "भारत में अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका में 24 अरब डॉलर के नए निवेश को सुरक्षित करने में मदद की है, जबकि अमेरिकी कंपनियां भारत में अपना कारोबार बढ़ा रही हैं. चाहे वह माइक्रोसॉफ्ट हो या गूगल, डेटा सेंटर, एआई सेंटर या दवा कंपनियां, दोनों देशों के बीच बहुत कुछ हो रहा है."
उन्होंने कहा, "यह सब भरोसे और स्थिरता की वजह से हो पा रहा है. हम एक स्थिर इंडिया चाहते हैं और उसके साथ काम करना चाहते हैं. इसमें बहुत सारा श्रेय आपके प्रधानमंत्री को जाता है. उन्होंने भारत को वो स्थिरता दी है जो दुनिया के बाकी हिस्सों में नहीं है. एक शानदार लोकतंत्र में यह बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है. आपके प्रधानमंत्री यहां 12 साल से (सत्ता में) हैं."
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हालांकि सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई लेकिन देरी के लिए सफ़ाई भी दी.
गोर ने कहा, "लोग मुझसे पूछते हैं, एक साल हो गया है, लेकिन यूरोपीय संघ 20 साल से ज़्यादा समय से बातचीत कर रहा है और अभी तक यह पूरा नहीं हुआ है. हम कई दूसरे साझेदारों से काफ़ी आगे हैं."
उन्होंने भारत को भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा, "हमारे रक्षा संबंध सिर्फ़ बिक्री के बारे में नहीं हैं. यह भरोसे के बारे में भी हैं. अमेरिका हर देश को सैन्य उपकरण नहीं बेचता."
उन्होंने जैवलिन मिसाइल और अपाचे हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति और दूसरे रक्षा उपकरणों पर चल रही बातचीत का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ किसी भी दूसरे देश के मुक़ाबले ज़्यादा सैन्य अभ्यास करता है.
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सर्जियो गोर के पहले के कई बयानों को लेकर भारत में विवाद हो चुका है.
सबसे ताज़ा विवाद तब हुआ जब एक कार्यक्रम में सर्जियो गोर ने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को लेकर मज़ाकिया लहज़े में एक टिप्पणी की थी.
उन्होंने कहा था, "आप में से कई लोगों ने मुझसे यूएस एम्बेसी से जुड़ी अलग-अलग चीज़ों के बारे में पूछा है. अगर आप मुझसे संपर्क नहीं कर पाते हैं, तो पीयूष से संपर्क करें और वह इसका इंतज़ाम कर देंगे."
इस पर काफ़ी हंगामा मचा और कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "क्या भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत इतनी खराब हो गई है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी अमेरिकी राजदूत के सेक्रेटरी के तौर पर साइड-जॉब करनी पड़ रही है?विश्वगुरु से वीज़ा-ऑफिस के रिसेप्शनिस्ट तक, क्या गिरावट है."
सर्जियो गोर ने ये भी कहा था कि दिल्ली सरकार में दो मंत्री उनके बहुत क़रीबी हैं एक विदेश मंत्री एस जयशंकर और पीयूष गोयल.
पिछले महीने ही सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच फ़्रांस में हुई एक मुलाक़ात का ज़िक्र करते हुए दावा किया था कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में 'सवाल न पूछने' की अपील की थी.
पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फ़्रांस के एवियॉन में जून में हुई जी-7 समिट में मिले थे, जहां पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप से कई सवाल पूछे थे.
उनके ठीक बगल में पीएम मोदी भी बैठे थे लेकिन वो इस पूरे सवाल-जवाब सेशन के दौरान चुप थे और सारी बातचीत पत्रकारों और ट्रंप के बीच हुई थी.
इससे पहले बीते 19 अगस्त को सर्जियो गोर ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया था और इसे 'भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा' बताया था.
इसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी' अफ़ेयर्स को तलब किया और जम्मू-कश्मीर को 'भारत का हिस्सा' बताए जाने की कड़ी निंदा' की.
भारतीय मीडिया को लेकर सर्जियो गोर की टिप्पणी ने भी भारत में सोशल मीडिया पर काफ़ी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया.
अपनी टिप्पणी में अमेरिकी राजदूत ने कहा था, "मुझे घर लौटकर भारतीय टीवी न्यूज़ शो देखना बहुत पसंद है. जैसे-जैसे देर होती जाती है, शो और भी ज़्यादा अजीब होते जाते हैं. शाम 6 बजे शो में 8 लोग बहस कर रहे होते हैं. रात 10 बजे, 12 लोग होते हैं जो सब एक साथ बोल रहे होते हैं."
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