यूपी में देवरिया के बरहज में सरयू का उफान विकराल रूप पकड़ रहा है। नदी खतरे के निशान से 75 सेमी उपर बह रही है। इससे तटवर्ती गावों खासकर दियारा में मुश्किल बढ़ने लगी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बरहज में थाना घाट पर बने मापक पर गुरुवार शाम को जलस्तर 67.25 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी अधिक है। जलस्तर में वृद्धि होने से सरयू का पानी घाट की सीढ़ियां पानी मे डूब रही है। अफसरों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदियों के बढ़ने की स्पीड से तटवर्ती गांवों के लोग सहम गए हैं।
सरयू का पानी दियारा क्षेत्र के मैदानी इलाकों में फैल रहा है, जिससे किसानों की फसलें भी जलमग्न हो रहीं है। करीब डेढ़ सौ एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। पानी परसिया देवार तटबन्ध की तरफ बढ़ रहा है। पर्याप्त मात्रा में नावे भी नहीं मिली है। विशुनपुर देवार के आधा दर्जन टोलो के चारों तरफ भरने लगा है। किसानों के करीब दो सौ एकड़ खेत में पानी भर गया है। राप्ती का पानी कपरवार पर दबाव बना रही नदियों का रुख देख प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कपरवार संगम तट पर राप्ती और सरयू नदी दौला तटबन्ध पर दबाव बना रही है।
प्रयागराज में गंगा-यमुना किनारे निचले इलाके और टोंस-बेलन किनारे रहने वाले परिवारों को बाढ़ से संकट से बाहर आने की उम्मीद जगी है। पिछले दो दिनों से गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर की प्रमुख वजह बनी टोंस नदी का पानी घटने लगा है। टोंस को हाहाकारी रूप देने वाली बेलन नदी में भी जलस्तर घट रहा है। टोंस-बेलन का जलस्तर घटने का असर शाम चार बजे फाफामऊ और नैनी में देखने को मिला।
फाफामऊ के साथ छतनाग में गंगा और नैनी में यमुना शाम से स्थिर हो गईं। इससे पहले सुबह आठ बजे के बाद गंगा-यमुना के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार धीमी थी। शाम चार बजे गंगा-यमुना में बढ़ोतरी पूरी तरह थम गई। शाम से फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 82.96 मीटर, छतनाग में यमुना 82.20 मीटर और नैनी में यमुना 82.55 मीटर पर स्थिर रही। शाम छह बजे पिछले छह घंटे में कोहड़ार घाट पर टोंस नदी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर कम हुआ। इसी अवधि में बेलन नदी का पानी भी 34 सेंटीमीटर घटा।
दोनों छोटी नदियों के जलस्तर में यह गिरावट कछारी क्षेत्रों के लिए राहत के संकेत के रूप में देखी जा रही है। जलस्तर घटने का सिलसिला जारी रहा तो देर रात से गंगा-यमुना के जलस्तर में भी गिरावट शुरू होने की उम्मीद है। इससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी उतरने की प्रक्रिया तेज हो सकती है और लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक हमीरपुर, चिल्लाघाट में यमुना का जलस्तर घटा है। यमुना की सहायक बेतवा का जलस्तर घटा, जबकि केन में सुबह 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
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