पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की जान गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। यह घटना हालिया धार्मिक समारोहों में हुई कई त्रासदियों में से एक है।
देश भर में मंदिर, तीर्थयात्रा, पूजा‑समारोह और स्नान‑पर्वों के दौरान कई बड़े हादसे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई है। नीचे कुछ प्रमुख मामलों का सारांश दिया गया है:
2023 – 23 अक्टूबर को बिहार के गोपालगंज में राजा दल दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ हुई। एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत और 17 घायल हुए।
2013‑2015 – 13 अक्टूबर 2013 को मध्य प्रदेश के रतनगढ़ मंदिर में नवरात्रि के दौरान 115 मौतें और 100 से अधिक घायल। 3 अक्टूबर 2014 को बिहार के पटना में गांधी मैदान में दशहरा समारोह के बाद 32 मौतें और 26 घायल।
2025 – 29 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 30 लोगों की मौत और 60 घायल। 15 फ़रवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ के लिए भीड़भाड़ में 18 लोगों की मौत। 8 जनवरी को आंध्र प्रदेश के तिरुमला में वैकुंठ द्वार दर्शन के टिकट काउंटर पर 6 मौतें। 3 मई को गोवा के शिरगांव स्थित श्री लैराई देवी मंदिर में जात्रा के दौरान 7 मौतें और लगभग 80 घायल।
2024‑2026 – 2 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद 100 से अधिक मौतें। 12 अगस्त 2024 को बिहार के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में सावन के दौरान 7 मौतें और 10 घायल। 1 जनवरी 2022 को जम्मू‑कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर में नई साल की भीड़ में 12 मौतें, 12 से अधिक घायल। 31 मार्च 2023 को इंदौर में रामनवमी के हवन के दौरान बावड़ी की छत धंसने से 36 मौतें, 18 घायल।
2003‑2015 के बीच भी कई बड़ी त्रासदियां घटीं: 27 अगस्त 2003 को महाराष्ट्र के नासिक कुंभ में 39 मौतें, 25 जनवरी 2005 को मांढरदेवी मंदिर में 340 से अधिक मौतें, 3 अगस्त 2008 को हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में 162 मौतें, 30 सितंबर 2008 को राजस्थान के चामुंडा देवी मंदिर में लगभग 250 मौतें, 4 मार्च 2010 को उत्तर प्रदेश के राम जानकी मंदिर में 63 मौतें, 14 जनवरी 2011 को केरल के पुलमेडु में 104 मौतें, 8 नवंबर 2011 को हरिद्वार की हर की पौड़ी में 20 मौतें, 19 नवंबर 2012 को पटना में छठ पूजा के दौरान अस्थायी पुल गिरने से 20 मौतें, और 14 जुलाई 2015 को आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में गोदावरी नदी में पुष्कर स्नान के दौरान 27 मौतें।
हाल ही में, 1 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के कासीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 9 मौतें हुईं, जबकि 17 अगस्त 2026 को बिहार के अशोक धाम मंदिर में सावन के दौरान 7 मौतें दर्ज हुईं।
इन सभी घटनाओं की वजह अलग‑अलग रही – कभी भीड़ बेकाबू हो गई, तो कभी अफवाहें या अस्थायी ढांचे के गिरने से स्थिति बिगड़ी। ये आँकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, निकास मार्गों की स्पष्ट व्यवस्था और आपातकालीन उपायों को सख्ती से लागू करना कितना आवश्यक है।
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