पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं को पिंडदान एवं ई-पिंडदान पैकेज की सुविधा मिलेगी। पितृपक्ष मेला के अवसर पर देश-विदेश से गयाजी एवं बिहार आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग के निर्देश पर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने विशेष पिंडदान पर्यटन पैकेज जारी किया है। ये पैकेज 25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक प्रभावी रहेंगे। इन पैकेजों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पिंडदान अनुष्ठान, धार्मिक स्थलों के दर्शन, परिवहन, आवास, भोजन, पंडा-पुजारी की सेवाएं तथा आवश्यक पूजन सामग्री एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रद्धालु अपनी सुविधा, यात्रा अवधि और बजट के अनुरूप एक-दिवसीय और एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेजों का चयन कर सकते हैं। श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग के लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट पर जा सकते हैं। बुकिंग और अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर 8544418408 और 8294307690 पर भी फोन कर सकते हैं। निर्धारित शुल्क पर पितृपक्ष के पांच प्रकार के पैकेज के साथ ऑनलाइन पिंडदान पैकेज उपलब्ध हैं।
1. पैकेज-ए : पटना-पुनपुन घाट-गयाजी-पटना
2. पैकेज-बी : पटना-पुनपुन घाट-गयाजी-नालंदा-राजगीर-पटना
3. पैकेज-सी : गयाजी एक-दिवसीय पिंडदान पैकेज
4. पैकेज-डी : गयाजी एक रात्रि-दो दिवसीय पिंडदान पैकेज
5. पैकेज-ई : गयाजी-राजगीर-नालंदा एक रात्रि-दो दिवसीय पैकेज
जो श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से गयाजी नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान पैकेज भी है। इसकी कुल दर ₹23 हजार जीएसटी सहित निर्धारित है। मिली जानकारी के अनुसार ई-पिंडदान पैकेज में विष्णुपद मंदिर में पिंडदान, अक्षयवट पर पिंडदान, फल्गु नदी पर पिंडदान अथवा तर्पण, पंडित-पुरोहित की सेवाएं, पूजन सामग्री और दक्षिणा, संपूर्ण अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव उपलब्ध कराना शामिल हैं। पुरोहित द्वारा तीनों प्रमुख स्थलों पर विधि-विधान से पिंडदान अथवा तर्पण कराया जाएगा। मंत्रोच्चार, दान-दक्षिणा और पूजन सामग्री सहित अनुष्ठान की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इधर विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को गयाजी जिले में जिला परिषद सभागार में प्रभारी मंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी सुशील कुमार समेत वरीय अधिकारियों ने मेले की तैयारियों और तीर्थ यात्रियों को लेकर की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मेले में देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस रखने का निर्देश दिया। मेला क्षेत्र को बेहतर प्रबंधन के लिए पांच जोन और 54 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
मेला क्षेत्र की सफाई के लिए तीन पालियों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कराने की तैयारी है। इसके लिए करीब 39 हजार पांच सौ मानवबल की जरूरत के अनुसार एजेंसी चयन की निविदा प्रकाशित की जा चुकी है। फल्गु नदी की सफाई के लिए ट्रैश क्लीनिंग बोट का इस्तेमाल होगा। नौ तालाबों की भी विशेष सफाई कराई जा रही है। घाट, सीढ़ियों और वेदी स्थलों की सफाई पर भी विशेष निगरानी रहेगी। वेदी, घाट, आवासन, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था के साथ वाटर एटीएम और टैंकर लगाए जाएंगे। मंत्री ने पानी की गुणवत्ता की लगातार लैब जांच कराने का निर्देश दिया। बोतलबंद पानी की भी जांच होगी।
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