Tuesday, 20 October 2026 | New Delhi, 28°C
For You Uttar Pradesh Technology World Gorakhpur Shahjahanpur Meerut Jharkhand Prayagraj Bijnor Auraiya Gopalganj Agra
Breaking
MARKETS
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
NIFTY 50 ₹24,520.80 ▲ +118.40 (+0.48%)
SENSEX ₹80,430.15 ▲ +432.10 (+0.54%)
BANK NIFTY ₹51,280.60 ▲ +315.80 (+0.62%)
NIFTY IT ₹41,890.30 ▲ +462.50 (+1.12%)
NIFTY AUTO ₹25,480.00 ▲ +240.20 (+0.95%)
NIFTY PHARMA ₹21,650.40 ▲ +185.30 (+0.86%)
NIFTY METAL ₹9,420.70 ▲ +112.40 (+1.21%)
RELIANCE ₹2,980.50 ▲ +25.10 (+0.85%)
TCS ₹4,250.00 ▲ +50.40 (+1.20%)
HDFC BANK ₹1,645.20 ▲ +7.40 (+0.45%)
ICICI BANK ₹1,215.30 ▲ +14.60 (+1.22%)
INFOSYS ₹1,820.10 ▲ +25.15 (+1.40%)
BHARTI AIRTEL ₹1,480.00 ▲ +18.20 (+1.24%)
ITC ₹495.60 ▲ +3.40 (+0.69%)
L&T ₹3,620.00 ▲ +42.00 (+1.17%)
SBI ₹824.50 ▲ +11.20 (+1.38%)
TATA MOTORS ₹1,090.80 ▲ +18.70 (+1.75%)
HCL TECH ₹1,680.40 ▲ +22.10 (+1.33%)
SUN PHARMA ₹1,745.00 ▲ +15.50 (+0.90%)
BAJAJ FINANCE ₹6,850.00 ▲ +75.00 (+1.11%)
MARUTI SUZUKI ₹12,450.00 ▲ +160.00 (+1.30%)
ASIAN PAINTS ₹2,950.00 ▼ -15.00 (-0.51%)
TATA STEEL ₹156.40 ▲ +2.30 (+1.49%)
NTPC ₹412.10 ▲ +7.35 (+1.82%)
POWERGRID ₹338.25 ▲ +3.15 (+0.94%)
AXIS BANK ₹1,180.50 ▲ +9.80 (+0.84%)
KOTAK MAHINDRA ₹1,795.00 ▲ +12.50 (+0.70%)
TITAN ₹3,460.00 ▲ +38.00 (+1.11%)
ULTRATECH ₹11,280.00 ▲ +145.00 (+1.30%)
M&M ₹2,840.00 ▲ +45.00 (+1.61%)
ADANI ENT ₹3,120.00 ▲ +35.00 (+1.13%)
ADANI PORTS ₹1,490.00 ▲ +21.00 (+1.43%)
BAJAJ FINSERV ₹1,620.00 ▲ +14.00 (+0.87%)
COAL INDIA ₹524.80 ▲ +12.10 (+2.36%)
ONGC ₹318.45 ▲ +5.20 (+1.66%)
WIPRO ₹515.20 ▲ +6.80 (+1.34%)
NESTLE INDIA ₹2,480.00 ▼ -8.50 (-0.34%)
TECH MAHINDRA ₹1,510.00 ▲ +20.00 (+1.34%)
JSW STEEL ₹945.00 ▲ +11.50 (+1.23%)
TATA CONSUMER ₹1,190.00 ▲ +14.00 (+1.19%)
HINDALCO ₹685.00 ▲ +9.50 (+1.41%)
GRASIM ₹2,650.00 ▲ +28.00 (+1.07%)
INDUSIND BANK ₹1,420.00 ▲ +16.00 (+1.14%)
BAJAJ AUTO ₹9,850.00 ▲ +120.00 (+1.23%)
DR REDDY ₹6,750.00 ▲ +55.00 (+0.82%)
CIPLA ₹1,540.00 ▲ +12.00 (+0.79%)
BPCL ₹345.50 ▲ +4.20 (+1.23%)
SBI LIFE ₹1,690.00 ▲ +15.00 (+0.90%)
HDFC LIFE ₹680.00 ▲ +5.50 (+0.82%)
APOLLO HOSP ₹6,480.00 ▲ +72.00 (+1.12%)
HERO MOTOCORP ₹5,320.00 ▲ +65.00 (+1.24%)
EICHER MOTORS ₹4,850.00 ▲ +58.00 (+1.21%)
DIVIS LAB ₹4,680.00 ▲ +42.00 (+0.91%)
BRITANNIA ₹5,720.00 ▼ -12.00 (-0.21%)
TRENT ₹5,640.00 ▲ +95.00 (+1.71%)
BEL ₹308.90 ▲ +6.40 (+2.12%)
BHARAT FORGE ₹1,580.00 ▲ +24.00 (+1.54%)
NASDAQ ₹17,840.15 ▲ +85.40 (+0.48%)
DOW JONES ₹39,120.40 ▼ -110.20 (-0.28%)
S&P 500 ₹5,560.20 ▲ +19.30 (+0.35%)
GOLD (10g) ₹72,450 ▲ +250 (+0.35%)
SILVER (1kg) ₹84,200 ▲ +670 (+0.80%)
BRENT CRUDE $78.20/bbl ▼ -0.35 (-0.45%)
Miscellaneous

भीड़ में एफ़बीआई एजेंटों का पता लगाना सीखा...': जाँच एजेंसी से भागते माता-पिता के बच्चे ने और क्या बताया

Ajay Tiwari
20 October 2026 • 0 • 26
भीड़ में एफ़बीआई एजेंटों का पता लगाना सीखा...': जाँच एजेंसी से भागते माता-पिता के बच्चे ने और क्या बताया

इमेज स्रोत, Zayd Ayers Dohrn

"जब मैं बहुत छोटा था, तभी से मुझे क्रांतिकारी विचार सिखाए जा रहे थे. उन्होंने मुझे सिखाया कि भीड़ में छिपे हुए पुलिस और एफ़बीआई एजेंटों को कैसे पहचानना है. उन्होंने मुझे फ़ोन पर कोड भाषा में बात करना भी सिखाया. मुझे यह सब किसी खेल जैसा लगता था."

ज़ायद एयर्स डोर्न का बचपन आम बच्चों जैसा नहीं था.

उनके बेडरूम की दीवारों पर डिज़्नी के किरदार नहीं लगे थे. उनकी जगह क्यूबा क्रांतिकारी चे ग्वेरा और वियतनामी क्रांतिकारी हो ची मिन्ह की तस्वीरें टंगी थीं. कई सालों तक वे प्री-स्कूल नहीं जा सके.

परिवार के साथ कैंपिंग पर जाना मार्शमैलो सेंकने के लिए नहीं होता था. कम से कम एक बार तो यह यात्रा एक जेल की टोह लेने के लिए की गई थी, ताकि वहां से कैदियों को छुड़ाने की योजना बनाई जा सके.

इमेज स्रोत, Bettmann Archive/Getty Images

जब ज़ायद का जन्म हुआ, तब उनकी मां बर्नाडीन डोर्न एफ़बीआई की सबसे वांछित फ़रार लोगों की सूची में शामिल थीं. वे 'वेदर अंडरग्राउंड' नाम के एक कट्टर युद्ध-विरोधी संगठन की नेता थीं.

यह संगठन अमेरिका में असमानता और नस्लीय अन्याय को उजागर करने के लिए बम धमाकों का अभियान चलाता था. इसके निशाने पर कैपिटल, पेंटागन और विदेश मंत्रालय जैसी प्रमुख सरकारी इमारतें थीं.

उनके पिता बिल एयर्स भी इस संगठन के सह-संस्थापकों में से एक थे. इसी वजह से परिवार को नकली पहचान के साथ रहना पड़ता था. वे बार-बार अपना ठिकाना बदलते थे और हर समय गिरफ़्तारी के ख़तरे से सतर्क रहते थे.

इमेज स्रोत, Getty Images

लेकिन ज़ायद के लिए यह सब सामान्य जीवन का हिस्सा था.

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

वह कहते हैं, "मुझे पता था कि एफ़बीआई हमारे पीछे लगी हुई है. इस बारे में उन्होंने मुझसे कभी झूठ नहीं कहा. वे मुझे इसे ऐसे समझाते थे, जैसा उन्हें लगता था कि कोई बच्चा समझ सकता है. वे हमारी तुलना रॉबिनहुड से करते थे. उनका कहना था कि हम क़ानून से बाहर रहने वाले लोग हैं, जो अमीरों से लेकर ग़रीबों को देते हैं. ऐसी ही बातें वे मुझे बताते थे."

उनके माता-पिता दोनों ही श्वेत मध्यमवर्गीय परिवारों से थे, जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी थी. उनकी मां यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो में क़ानून की पढ़ाई कर रही थीं और पढ़ाई में हमेशा सबसे आगे रहने वाली छात्रा थीं.

लेकिन 1966 में जब डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर शिकागो आए और किराया बढ़ाने के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन का समर्थन किया, तो वे उससे सक्रिय रूप से जुड़ गईं.

इसके बाद उन्हें लगने लगा कि अमेरिका में कहीं ज़्यादा बड़े और बुनियादी बदलाव की ज़रूरत है.

किंग की हत्या और उसके बाद ब्लैक पैंथर संगठन के नेता फ़्रेड हैम्पटन की पुलिस गोलीबारी में मौत ने उन्हें और ज़्यादा उग्र रास्ते की ओर धकेल दिया.

ज़ायद कहते हैं, "मुझे लगता है कि इसी वजह से मेरी मां और उनके जैसे कई लोग बहुत ज़्यादा कट्टर हो गए. मेरी मां, ब्लैक पैंथर संगठन के फ़्रेड हैम्पटन को सिर्फ़ अपना दोस्त नहीं मानती थीं, बल्कि उन्हें अपना आदर्श भी समझती थीं. और उनकी नज़र में उनकी ही सरकार ने उन्हें मार डाला."

उनके पिता के लिए शुरुआत में वियतनाम युद्ध और अनिवार्य सैन्य भर्ती का विरोध ही वह वजह थी, जिसने उन्हें इस समूह की ओर आकर्षित किया.

"उस समय उनका एक नारा था, 'युद्ध को घर तक ले आओ'."

"इसका मतलब था कि वियतनाम युद्ध में जो हिंसा हो रही थी, उसे अमेरिका की सड़कों पर भी दिखाया जाए. वे लोगों को झकझोर कर जगाना चाहते थे."

"वे दिखाना चाहते थे कि विदेशों में क्या किया जा रहा है और अपने ही देश में अश्वेत संगठनों और नेताओं के साथ क्या व्यवहार हो रहा है."

इमेज स्रोत, Gado/Getty Images

आज यह बात हैरान करने वाली लगती है कि मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों का एक समूह देश की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली सरकारी इमारतों में बम धमाके कर सका.

लेकिन ज़ायद का कहना है कि उन्होंने युवा, श्वेत और शिक्षित होने से जुड़े सामाजिक पूर्वाग्रहों का फ़ायदा उठाया.

कुछ महिलाएं सचिव बनकर सरकारी इमारतों में जाती थीं. वे वहां जानकारी इकट्ठा करती थीं और कम इस्तेमाल होने वाली जगहों पर विस्फोटक रख देती थीं.

कई बार ये विस्फोटक महिलाओं के शौचालयों में रखे जाते थे.

ज़ायद बताते हैं, "उनके पास एक फ़ायदा यह था कि वे कॉलेज-शिक्षित, अच्छी तरह बात करने वाले और काफ़ी संपन्न श्वेत लोग थे. वे सत्ता से जुड़े इन स्थानों में बिना ज़्यादा ध्यान आकर्षित किए अंदर जा सकते थे."

समूह की नस्लीय पहचान से मिलने वाले विशेषाधिकार का असर ब्लैक लिबरेशन आर्मी के साथ उसके रिश्तों पर भी पड़ा. यह संगठन ब्लैक पैंथर पार्टी से अलग होकर बना था.

श्वेत कार्यकर्ता अपनी पहुंच और अपेक्षाकृत कम संदेह होने का फ़ायदा उठाकर अश्वेत कार्यकर्ताओं की मदद करते थे. इसमें जेल से फ़रार होने की घटनाओं और दूसरे ग़ैरक़ानूनी कामों के बाद उन्हें वहां से निकालकर ले जाने जैसे काम भी शामिल थे.

इमेज स्रोत, Zayd Ayers Dohrn

जैसे-जैसे ज़ायद बड़े होते गए, भूमिगत जीवन की सच्चाइयों का असर उनके बचपन पर और ज़्यादा पड़ने लगा.

उनके पास आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं थे, इसलिए वे स्कूल नहीं जा सकते थे. उनके ज़्यादातर दोस्त भी दूसरे कार्यकर्ताओं के बच्चे थे.

उनका बचपन कई मायनों में दूसरे अमेरिकी बच्चों जैसा ही था. परिवार के साथ सड़क यात्राएं, घूमने जाना और कैंपिंग की छुट्टियां उनकी ज़िंदगी का हिस्सा थीं.

लेकिन इन गतिविधियों में भी एक अलग तरह का क्रांतिकारी रंग होता था.

"हम कभी डिज़्नीलैंड, अमेरिकी कैपिटल या ऐसी दूसरी जगहों पर नहीं गए. मेरे माता-पिता मुझे उन जगहों पर ले जाते थे जो क्रांतिकारी संघर्ष से जुड़ी थीं. वे मुझे वहां ले जाते थे जहां उनके नायकों की हत्या हुई थी."

"...जहां पुलिस ने फ़्रेड हैम्पटन को मार डाला था. जहां जॉन ब्राउन को फांसी दी गई थी. और उस जगह पर भी, जहां नैट टर्नर ने ग़ुलामों का विद्रोह शुरू किया था. इसलिए यह अमेरिका की ऐसी यात्रा थी, जिसे मेरे माता-पिता एक ऐसे देश के रूप में देखते थे जिसके ख़िलाफ़ वे संघर्ष कर रहे थे.

कई साल बाद उन्हें पता चला कि परिवार की एक कैंपिंग यात्रा का मक़सद कुछ और भी था. उनका कैंप एक संघीय जेल से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर लगा था, जहां ब्लैक पैंथर संगठन का एक सदस्य बंद था.

उनके माता-पिता ने इस यात्रा का इस्तेमाल उस जेल का अध्ययन करने के लिए किया था, ताकि संभावित फ़रारी की किसी कोशिश से पहले उसकी जानकारी जुटाई जा सके.

इमेज स्रोत, Bettmann/Corbis photo via FBI

इमेज स्रोत, Getty Images

वयस्क होने के बाद, और अब ख़ुद एक पिता बनने के बाद ज़ायद ने अपने माता-पिता के फ़ैसलों को समझने की कोशिश में कई साल बिताए हैं.

वे उनके सोचने के तरीक़े की तुलना उन लोगों से करते हैं, जो ख़ुद सेना में भर्ती होने का फ़ैसला करते हैं.

उनका कहना है कि उनके माता-पिता मानते थे कि वे अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ एक युद्ध लड़ रहे हैं. इसलिए वे इसके व्यक्तिगत नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार थे.

"मुझे कई मायनों में उन पर गर्व महसूस होता है. उस समय अमेरिका में ज़्यादातर लोग, ख़ासकर ज़्यादातर श्वेत लोग, अपने सामने हो रहे अन्याय को बस देखते रहते थे और उसके ख़िलाफ़ कुछ नहीं करते थे. लेकिन मेरे माता-पिता ऐसे लोग थे, जो कुछ करने पर ज़ोर देते थे."

हालांकि ज़ायद के लिए यह कल्पना करना मुश्किल है कि वे ख़ुद कभी ऐसा फ़ैसला लेते. वे नहीं सोच सकते कि अपने बच्चों को घर पर छोड़कर बैंक लूटने या किसी को जेल से छुड़ाने जैसी कार्रवाई करने निकल पड़ें.

"लेकिन मुझे यह भी लगता है कि ऐसा सोच पाना अपने आप में एक विशेषाधिकार है. दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनके पास अपने परिवार को जोखिम में डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता. वे दमन और अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए ऐसा करने को मजबूर होते हैं."

इमेज स्रोत, Zayd Ayers Dohrn

अपने छोटे भाई के जन्म के बाद, बर्नाडीन ने आख़िरकार अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने और समझौता करने का फ़ैसला किया.

ऐसा इसलिए किया गया ताकि परिवार को कुछ हद तक सामान्य जीवन मिल सके.

शुरुआत में एफ़बीआई की जांच में ग़ैरक़ानूनी तरीक़ों और ग़लतियों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा. लेकिन वेदर अंडरग्राउंड के दूसरे सदस्यों के ख़िलाफ़ गवाही देने से इनकार करने पर उन्हें लगभग एक साल के लिए जेल भेज दिया गया.

ज़ायद के पिता पर न सिर्फ़ उनकी और उनके छोटे भाई की ज़िम्मेदारी आ गई, बल्कि एक अन्य क़ैद कार्यकर्ता के बच्चे की देखभाल भी उन्हें करनी पड़ी.

उस समय ज़ायद पांच साल के थे. वे दुखी और ग़ुस्से में थे और अपनी मां से घर लौट आने की गुहार लगाते थे. उनकी मां जेल से उन्हें चिट्ठियां लिखती थीं और अपनी बात समझाने की कोशिश करती थीं. ज़ायद आज भी उन चिट्ठियों को पढ़ते हैं.

ज़ायद कहते हैं, "वह लिखा करती थीं कि मां होना उनके लिए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है. और एक क्रांतिकारी होना भी उनके लिए दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है."

"वह अपने आदर्शों का उदाहरण देती थीं. जैसे मार्टिन लूथर किंग जूनियर, फ़्रेड हैम्पटन और मैल्कम एक्स. उनका कहना था कि ये लोग किसी मक़सद के लिए लड़े थे. और इन सभी लोगों के बच्चे भी थे."

इमेज स्रोत, Michael Loccisano/Getty Images

आज उनके माता-पिता दोनों अस्सी साल की उम्र पार कर चुके हैं. ज़ायद उन्हें "बेहतरीन दादा-दादी" बताते हैं.

लेकिन यह सुझाव सुनकर हंस पड़ते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ उनके राजनीतिक विचार नरम पड़ गए होंगे.

भूमिगत जीवन छोड़ने के बाद उनकी मां क़ानून की प्रोफ़ेसर बन गईं. उन्होंने चार दशकों तक एक क़ानूनी क्लिनिक चलाया.

वहां वे उन लोगों की मदद करती थीं, जिनके बारे में उनका मानना था कि उन्हें एक अन्यायपूर्ण आपराधिक न्याय व्यवस्था ने निराश किया है.

उनके पिता प्रोफ़ेसर बन गए और उन्होंने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार को अपना मुख्य काम बना लिया.

उनके काम करने के तरीक़े बदल गए थे. लेकिन उनके विश्वास नहीं बदले थे.

ज़ायद कहते हैं, "अगर कोई उन्हें उदारवादी या मध्यमार्गी कहे, तो उन्हें बुरा लगेगा."

(यह लेख बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम 'आउटलुक' के एक एपिसोड पर आधारित है. इस एपिसोड का शीर्षक था, "अमेरिका के सबसे वांछित लोग: फ़रारी में मेरा परिवार.")

हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

शॉर्ट वीडियो का अंत

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

© 2026 BBC. बाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है. बाहरी साइटों का लिंक देने की हमारी नीति के बारे में पढ़ें.

About Ajay Tiwari

Senior Editorial writer covering tech innovations, space exploration, and emerging digital trends. Delivering deep analytical insights for premium global readers.

Comments ()

LIVE
गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा बनाने की कवायद तेज, 111 हेक्टेयर भूमि की गई अधिगृहीत • 90 फीट के रावण और 80 फीट के मेघनाथ का होगा दहन, 'लोकल फॉर वोकल' की पहल से स्थानीय कलाकारों को मिला मौका • काम के बोझ से रिमांड नहीं दे सकते मजिस्ट्रेट', गिरफ्तारी मेमो पर हाईकोर्ट ने कड़ी आलोचना • श्रद्धा दुबे का आगरा ओम पैलेस होटल में 24‑घंटे ठहराव, सीसीटीवी फुटेज पर चर्चा • बिहार में चोरों का बड़ा खेल: पूजा पंडाल घूमने गया परिवार, पीछे से घर साफ; 55 लाख के गहने-कैश चोरी का दावा • Flipkart की फूड डिलीवरी सर्विस जल्द लॉन्च, कब होगी शुरू? • डीजे पर नीचने को लेकर हुआ विवाद, रिश्तेदार ने हलवाई पर उड़ेला खौलता तेल, गंभीर रूप से झुलसा • बख्शी स्टेडियम में RPL सेमीफाइनल के बाद जहाँगीर लोन और दर्शक के बीच झड़प, माँ पर गाली के कारण आपा खो गया • टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश: शुरुआती लक्ष्य नहीं, फिर बदला गया टारगेट • बिहार में खाकी पर दाग: शराब तस्करी में जीआरपी हवलदार और महिला होमगार्ड गिरफ्तार, वायरल वीडियो से हुआ खुलासा • बागपत में ट्रक दुर्घटना: दो बहनों की मौके पर मृत्यु, नबिया और अलीना भंडारे का प्रसाद खाकर लौट रही थीं • 59 साल से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहे मोहम्मद जफर आलम, बोले- कलाकार का कोई धर्म नहीं होता • टाइगर श्रॉफ पर हमले में घायल हुआ ब्लॉगर उमेश चौहान अस्पताल में • STF भी हैरान, ‘प्रोफेशनल भगोड़े’ जैसी चालें दिखाती श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी • बढ़ता प्रदूषण भी आपकी हड्डियों को कर रहा है कमजोर, हल्की सी ठोकर से भी फ्रैक्चर का खतरा; बरतें सावधानी • पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से माफी मांगी, रिश्ते में फिर से आशा की लहर • बेगूसराय में 200 साल पुरानी अनोखी परंपरा, हर शाम फूलों से सजती हैं मां भगवती, सुबह विसर्जन • जयशंकर ने यूएई के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की; खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर मंथन • CJP के प्रवक्ता सौरव दास‑आशुतोष रांका ने हाईकोर्ट में न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी • निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद किया गया सील • इस तरह एसटीएफ के हत्थे चढ़ी श्रद्धा, फरार होने के बाद बदलती रही लोकेशन; जारी करती रही वीडियो • दो महीने तक जिंदगी से जूझता रहा युवक, इलाज के दौरान मौत; फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन • डुमरांव में मोबाइल दुकान का शटर उठाकर लाखों की चोरी, आईफोन समेत दर्जनों महंगे फोन ले उड़े चोर • रूसी तेल के विकल्प के रूप में वेनेज़ुएला? रिलायंस के जामनगर प्लांट पर अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो की यात्रा के पीछे कारण • मुख्यमंत्री सम्राट ने तेलडीहा‑असरगंज के दुर्गा मंदिरों में पूजा‑अर्चना, बदुआ नदी रिवर फ्रंट का निरीक्षण • रोडवेज बस ने कुचला • क्या मेटा पढ़ सकता है आपके व्हाट्सएप मैसेज? जानें एप कौन सा डेटा करता है इकट्ठा व कैसे सुरक्षित रह सकते हैं आप • रेपिडो ड्राइवर ‘चेन स्नेचर’ निकला शिकार खोजने वाला: दिल्ली‑नोएडा और हापुड़ में 22 घटनाओं का मामला • सैम ऑल्टमैन ने AI सुरक्षा के तीन कदम बताए, अकेली कंपनी नहीं रोक सकती बेकाबू AI • भीड़ में एफ़बीआई एजेंटों का पता लगाना सीखा...': जाँच एजेंसी से भागते माता-पिता के बच्चे ने और क्या बताया • अधेड़ की हत्या से हड़कंप, चेहरे और सीने पर मिले गहरे जख्म; एनएच-19 पर हादसे में बाइक सवार की मौत • दलेर मेहंदी पर शराब के नशे का आरोप, कपिल शर्मा ने किया बचाव • टीएमसी से अलग हुए यूसुफ़ पठान को वडोदरा में प्लॉट देगी गुजरात सरकार, जानें पूरा मामला • गोपालगंज में छह साल के बच्चे की हत्या, गंडक नहर में मिला शव; पुलिस जांच में जुटी • अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर हमला किया: घमंडी कहा, जीत का दावा • लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद, फिर भी चल रहा है उसका गैंग • पत्नी और प्रेमी के मोबाइल गिफ्ट से खुला अफेयर, प्रवीणभाई की हत्या का पर्दाफाश • ब्रज में पाँच प्रमुख घटनाएँ: सड़क हादसे में 3 मौतें, दशहरा पर सुरक्षा अलर्ट, छाता की दुकान में झड़प, फिरोजाबाद में आग और बिजली कटौती • दशहरा पर नहीं खिंचवा पाए फोटो?: एआई टूल्स से फ्री में मिनटों में बनाएं शानदार तस्वीर, जानें संबंधित प्रॉम्प्ट • ब्राज़ील से फ्रांस तक: क्यों हो रहे हैं बड़े पैमाने पर प्रदर्शन? • गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा बनाने की कवायद तेज, 111 हेक्टेयर भूमि की गई अधिगृहीत • 90 फीट के रावण और 80 फीट के मेघनाथ का होगा दहन, 'लोकल फॉर वोकल' की पहल से स्थानीय कलाकारों को मिला मौका • काम के बोझ से रिमांड नहीं दे सकते मजिस्ट्रेट', गिरफ्तारी मेमो पर हाईकोर्ट ने कड़ी आलोचना • श्रद्धा दुबे का आगरा ओम पैलेस होटल में 24‑घंटे ठहराव, सीसीटीवी फुटेज पर चर्चा • बिहार में चोरों का बड़ा खेल: पूजा पंडाल घूमने गया परिवार, पीछे से घर साफ; 55 लाख के गहने-कैश चोरी का दावा • Flipkart की फूड डिलीवरी सर्विस जल्द लॉन्च, कब होगी शुरू? • डीजे पर नीचने को लेकर हुआ विवाद, रिश्तेदार ने हलवाई पर उड़ेला खौलता तेल, गंभीर रूप से झुलसा • बख्शी स्टेडियम में RPL सेमीफाइनल के बाद जहाँगीर लोन और दर्शक के बीच झड़प, माँ पर गाली के कारण आपा खो गया • टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश: शुरुआती लक्ष्य नहीं, फिर बदला गया टारगेट • बिहार में खाकी पर दाग: शराब तस्करी में जीआरपी हवलदार और महिला होमगार्ड गिरफ्तार, वायरल वीडियो से हुआ खुलासा • बागपत में ट्रक दुर्घटना: दो बहनों की मौके पर मृत्यु, नबिया और अलीना भंडारे का प्रसाद खाकर लौट रही थीं • 59 साल से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहे मोहम्मद जफर आलम, बोले- कलाकार का कोई धर्म नहीं होता • टाइगर श्रॉफ पर हमले में घायल हुआ ब्लॉगर उमेश चौहान अस्पताल में • STF भी हैरान, ‘प्रोफेशनल भगोड़े’ जैसी चालें दिखाती श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी • बढ़ता प्रदूषण भी आपकी हड्डियों को कर रहा है कमजोर, हल्की सी ठोकर से भी फ्रैक्चर का खतरा; बरतें सावधानी • पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से माफी मांगी, रिश्ते में फिर से आशा की लहर • बेगूसराय में 200 साल पुरानी अनोखी परंपरा, हर शाम फूलों से सजती हैं मां भगवती, सुबह विसर्जन • जयशंकर ने यूएई के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की; खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर मंथन • CJP के प्रवक्ता सौरव दास‑आशुतोष रांका ने हाईकोर्ट में न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी • निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों के हंगामे के बाद किया गया सील • इस तरह एसटीएफ के हत्थे चढ़ी श्रद्धा, फरार होने के बाद बदलती रही लोकेशन; जारी करती रही वीडियो • दो महीने तक जिंदगी से जूझता रहा युवक, इलाज के दौरान मौत; फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन • डुमरांव में मोबाइल दुकान का शटर उठाकर लाखों की चोरी, आईफोन समेत दर्जनों महंगे फोन ले उड़े चोर • रूसी तेल के विकल्प के रूप में वेनेज़ुएला? रिलायंस के जामनगर प्लांट पर अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो की यात्रा के पीछे कारण • मुख्यमंत्री सम्राट ने तेलडीहा‑असरगंज के दुर्गा मंदिरों में पूजा‑अर्चना, बदुआ नदी रिवर फ्रंट का निरीक्षण • रोडवेज बस ने कुचला • क्या मेटा पढ़ सकता है आपके व्हाट्सएप मैसेज? जानें एप कौन सा डेटा करता है इकट्ठा व कैसे सुरक्षित रह सकते हैं आप • रेपिडो ड्राइवर ‘चेन स्नेचर’ निकला शिकार खोजने वाला: दिल्ली‑नोएडा और हापुड़ में 22 घटनाओं का मामला • सैम ऑल्टमैन ने AI सुरक्षा के तीन कदम बताए, अकेली कंपनी नहीं रोक सकती बेकाबू AI • भीड़ में एफ़बीआई एजेंटों का पता लगाना सीखा...': जाँच एजेंसी से भागते माता-पिता के बच्चे ने और क्या बताया • अधेड़ की हत्या से हड़कंप, चेहरे और सीने पर मिले गहरे जख्म; एनएच-19 पर हादसे में बाइक सवार की मौत • दलेर मेहंदी पर शराब के नशे का आरोप, कपिल शर्मा ने किया बचाव • टीएमसी से अलग हुए यूसुफ़ पठान को वडोदरा में प्लॉट देगी गुजरात सरकार, जानें पूरा मामला • गोपालगंज में छह साल के बच्चे की हत्या, गंडक नहर में मिला शव; पुलिस जांच में जुटी • अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर हमला किया: घमंडी कहा, जीत का दावा • लॉरेंस बिश्नोई जेल में बंद, फिर भी चल रहा है उसका गैंग • पत्नी और प्रेमी के मोबाइल गिफ्ट से खुला अफेयर, प्रवीणभाई की हत्या का पर्दाफाश • ब्रज में पाँच प्रमुख घटनाएँ: सड़क हादसे में 3 मौतें, दशहरा पर सुरक्षा अलर्ट, छाता की दुकान में झड़प, फिरोजाबाद में आग और बिजली कटौती • दशहरा पर नहीं खिंचवा पाए फोटो?: एआई टूल्स से फ्री में मिनटों में बनाएं शानदार तस्वीर, जानें संबंधित प्रॉम्प्ट • ब्राज़ील से फ्रांस तक: क्यों हो रहे हैं बड़े पैमाने पर प्रदर्शन? •