श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल एक बार फिर विवादों में है. मनगवां निवासी कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त की रात प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों के मुताबिक, 26 अगस्त की रात ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात और प्रसूता दोनों की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा शुरू हो गया. परिजन अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे.
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई. उनका कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिला और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने अभद्र व्यवहार भी किया. इस बीच मरीज का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. देखें VIDEO:-
वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें मरीज कथित तौर पर ऑपरेशन को लेकर अपनी परेशानी बताती दिखाई दे रही है. वीडियो सामने आने के बाद ऑपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल और अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया. पोस्टमार्टम जिला अस्पताल के चिकित्सकों के पैनल से कराने पर सहमति बनी. प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात दो नर्सिंग ऑफिसरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है.
घटना की सूचना मिलने पर मनगवां से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, अधिकारियों से चर्चा की और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया. देर रात तक अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई.
फिलहाल जच्चा और नवजात की मौत की वास्तविक वजह का खुलासा पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेर लिया है. पटवारी ने 'X' पर लिखा, रीवा के सरकारी अस्पताल से स्तब्ध करने वाला वीडियो सामने आ रहा है. पहली डिलीवरी के आई कल्पना महिला वार्ड से बाहर निकलकर रोते और चिल्लाते हुए मदद मांग रही है! कह रही है कि ''इस तरह का इलाज जारी रहा तो ये लोग मुझे मार डालेंगे!'' यही नहीं, इलाज के दौरान, जच्चा-बच्चा की मौत भी हो गई!
कांग्रेस नेता ने इसे 'सरकारी हत्याएं' करार दिया. आगे कहा, ''रीवा मप्र के स्वास्थ्य मंत्री का जिला है! फिर भी बुनियादी व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं. क्या सरकार दोनों सरकारी हत्याओं की जांच करवाएगी? क्या दोषियों को कठोर दंड मिलेगा?''
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!