उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद (एमएलसी) शिक्षक व स्नातक चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहे इस सियासी मुकाबले को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ पूर्वांचल‑रुहेलखंड में पकड़ कायम रखने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाली है।
एमएलसी चुनाव में बीजेपी का वर्चस्व बरकरार रखने के लिये योगी ने मैदान में उतरने का फैसला किया। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर‑फैजाबाद खंड के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत 17 जिलों के लगभग 12 हज़ार शिक्षक मतदाताओं और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया।
गोरखपुर के बाद मंगलवार को योगी बरेली के दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे बरेली‑मुरादाबाद क्षेत्र की शिक्षक एमएलसी सीट पर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। इस तरह उन्होंने चुनाव की कमान अपने हाथों में लेकर विभिन्न इलाकों में बीजेपी के सियासी दबदबे को बनाए रखने की रणनीति तैयार की है।
गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित बड़े शिक्षक मतदाता सम्मेलन में योगी ने भाजपा उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में सियासी माहौल तैयार किया। शिक्षक एमएलसी चुनावों में किसी मुख्यमंत्री की ऐसी सीधी भागीदारी दुर्लभ है, पर भाजपा के लिये यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी है।
गोरखपुर‑फैजाबाद सीट 17 जिलों में फैली है, जहाँ 54 हज़ार से अधिक शिक्षक मतदाता पंजीकृत हैं। सबसे अधिक मतदाता आजमगढ़ (8,592) और गोरखपुर (7,289) में हैं। सम्मेलन में शिक्षक मतदाताओं और शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों को सीधे संबोधित करने का प्लान है। पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय भी वहाँ कैंप कर रहे हैं, क्योंकि ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाने के बाद उन्हें जीत दिलाना बड़ी चुनौती बन गई है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी, जो पहले बीजेपी के टिकट के दावेदार थे, ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाने के बाद सपा में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें तुरंत टिकट देकर मैदान में उतारा। इस कदम से बीजेपी की टेंशन बढ़ गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी संजयन के समर्थन में पूर्वांचल के कई जिलों में लगातार प्रचार कर रहे हैं, जिससे योगी को खुद मैदान में उतरना पड़ा।
निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह और राजीव यादव की मौजूदगी ने शिक्षक वोटों के समीकरण को त्रिकोणीय बना दिया है।
गोरखपुर‑फैजाबाद क्षेत्र को साधने के बाद योगी बरेली के दौरे पर रहेंगे। लगभग साढ़े तीन घंटे के प्रवास में वे बरेली‑मुरादाबाद मंडल के ग्राम प्रहरियों से संवाद करेंगे, उनका सम्मान करेंगे और बरेली क्लब मैदान में भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे।
बरेली‑मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के करीब पाँच हजार ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में भाग लेकर योगी ने उनकी भूमिका और समस्याओं पर चर्चा की, फिर दोपहर को बरेली क्लब मैदान में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
विश्लेषकों का मानना है कि गोरखपुर‑फैजाबाद क्षेत्र की शिक्षक एमएलसी सीट बीजेपी के लिये ‘लिटमस टेस्ट’ है। यहाँ की जीत‑हार का असर 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव पर सीधे पड़ेगा। इसी तरह बरेली‑मुरादाबाद क्षेत्र की सीट भी अत्यंत अहम है, क्योंकि यह बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बिजनौर तक फैली हुई है।
इसलिए योगी ने खुद मैदान में उतरकर न सिर्फ शिक्षकों की मांगों पर चर्चा की, बल्कि बीजेपी की साख को अभेद्य बनाने के लिये हर संभव कदम उठाया। इसे 2027 का ‘सेमीफाइनल’ कहा जा रहा है, जहाँ कांग्रेस द्वारा एमएलसी चुनाव से कदम पीछे हटाने से सपा को सियासी बढ़त मिल रही है और भाजपा अब प्रचार में कोई कोर‑कसर नहीं छोड़ना चाहती।
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