समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने अपनी बहनों को जिस तरह से धोखा दिया है, वैसा तो रावण ने भी नहीं किया था.उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का अपना वादा पूरा करने में नाकाम रही.
दरअसल, समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष ने X पर एक वीडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें प्रयागराज में कीचड़ से भरा बस डिपो दिख रहा है और लोग रक्षाबंधन पर बसें न मिलने से परेशान हो रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को राज्य भर में महिलाओं ने बसें न मिलने, सीटें खाली न होने और तय जगहों पर बसें न रुकने की शिकायतें कीं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए 27 अगस्त की आधी रात से शुक्रवार की आधी रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में महिलाओं और उनके साथ एक व्यक्ति के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की थी.
सरकार ने परिवहन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को महिलाओं की यात्रा सुचारू और सुरक्षित बनाने के निर्देश भी दिए थे.
भाजपा अब चाहे कितनी भी कीचड़ फैला दे अब उसका कमल नहीं खिलेगा। बहनों के साथ धोखा तो रावण ने भी नहीं किया था। अधर्मी भाजपा और उनके संगी-साथी तो दशानन से बड़े झूठे निकले क्योंकि ये दस से भी अधिक मुख से दस गुना झूठ बोलते हैं। रावण ने तो केवल एक बार भेष बदलकर छल किया था, ये तो… pic.twitter.com/7uNMNB2Cv6
सपा प्रमुख ने कहा, "रावण ने भी अपनी बहनों को उस तरह धोखा नहीं दिया, जैसे इन्होंने (बीजेपी) दिया है.अधर्मी बीजेपी और उसके 'संगी-साथी' (सहयोगी - RSS की ओर इशारा) दशानन से भी बड़े झूठे निकले, क्योंकि वे 10 से ज्यादा मुंहों से 10 गुना ज्यादा झूठ बोलते हैं."
यादव ने कहा, "रावण ने तो बस अपना रूप बदलकर एक बार धोखा दिया था, जबकि ये (बीजेपी) एक ही रूप में रहकर लोगों को धोखा देते और ठगते रहते हैं."
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "बीजेपी अब चाहे जितना कीचड़ फैला ले, उसका कमल नहीं खिलेगा. बीजेपी जाएगी और कभी वापस नहीं आएगी."
यादव ने अपनी पोस्ट के साथ जो वीडियो शेयर किया, वह उत्तर प्रदेश की अलग-अलग जगहों से महिलाओं की सोशल मीडिया पर की गई शिकायतों का एक कलेक्शन था.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद बसें नहीं मिल रही थीं, सीटें खाली नहीं थीं और कुछ बसें तय जगहों पर नहीं रुक रही थीं, ताकि महिला यात्रियों को मुफ्त में न ले जाना पड़े.
यादव ने सरकार की मुफ्त बस यात्रा की घोषणा पर सीधे निशाना साधा और 'बस' शब्द के साथ खेलते हुए हिंदी शब्द 'बे-बस' का इस्तेमाल किया.
शुक्रवार को एक और X पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा, ''बे-बस बहन : रक्षाबंधन पर मुफ्त बस का वादा करके बस ही हटवा दी! 'प्राण जाए पर वचन न जाए' कहनेवाले रघुवंशियों तक को ठग लेनेवाले ये भाजपाई क्या वचन निभाएंगे.''
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