अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस में बहुमत हासिल कर लिया, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ा।
आमतौर पर मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी का प्रदर्शन इन चुनावों में कमजोर रहता है, पर इस बार रिपब्लिकन की हार को अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
मुख्य कारणों में से एक है बढ़ती घरेलू कीमतें। अमेरिकी मतदाता पेट्रोल और किराने के सामान की बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं, जिससे उनका गुस्सा चुनाव के दौरान साफ़ दिखा।
उत्तरी कैरोलिना की एक मतदाता ने चुनाव से पहले एक साक्षात्कार में कहा, “पेट्रोल की कीमतें और किराने का सामान, सब कुछ महंगा हो रहा है।” उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट दिया।
पिछले एक वर्ष में तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई 3.7 प्रतिशत बढ़ी है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में अमेरिका में डीज़ल की औसत खुदरा कीमत रिकॉर्ड स्तर से थोड़ी ही कम थी, जबकि सितंबर में कीमत 6.52 डॉलर प्रति गैलन थी।
सर्वेक्षण के आंकड़े दिखाते हैं कि 79 प्रतिशत मतदाता महंगाई के कारण अपने परिवार पर पड़े आर्थिक बोझ के लिए ट्रम्प को ज़िम्मेदार ठहराते हैं।
ईरान के साथ युद्ध भी महंगाई का एक बड़ा कारण माना गया। अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी में युद्ध शुरू किया, जिसके बाद ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई और पेट्रोल की कीमतें तेज़ी से बढ़ीं।
अधिकांश अमेरिकियों को यह युद्ध पसंद नहीं आया, और ट्रम्प के “MAGA” अभियान ने भी वादा किया था कि भविष्य में कोई युद्ध नहीं होगा। फिर भी, युद्ध हुआ और मतदाता इसे गलत निर्णय मानते हैं।
सर्वेक्षण में 63 प्रतिशत मतदाता मानते हैं कि अमेरिका का ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई का निर्णय गलत था, और 74 प्रतिशत ने कहा कि यह विवाद उनके वोट को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक था।
डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत उम्मीदवारों ने भी इस हार में अहम भूमिका निभाई। दक्षिण कैरोलिना में एनी एंड्रयूज, पूर्व बाल रोग विशेषज्ञ, स्वास्थ्य सेवा को सस्ता बनाने पर जोर देकर जीत हासिल की। मिशिगन में पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी अब्दुल अल‑सईद ने सीट डेमोक्रेटिक पक्ष में रखी, जबकि जॉर्जिया में जॉन ओसॉफ़ ने महंगाई और भ्रष्टाचार को अपने प्रचार का मुख्य मुद्दा बनाया।
इन जीतों ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए नई उम्मीदें जगाई। इसके विपरीत, टेक्सास में कुछ रिपब्लिकन उम्मीदवारों को मतदाताओं की चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान न देने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा।
रिपब्लिकन वोटरों के बीच ट्रम्प की लोकप्रियता रेटिंग भी गिर गई, जिससे 2024 में जहाँ उन्होंने जीत हासिल की थी, वहाँ भी पार्टी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई।
मतदान से पहले के सर्वेक्षणों में स्पष्ट हुआ कि कई अमेरिकी चाहते थे कि ट्रम्प बढ़ती कीमतों पर ध्यान दें, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।
इसके अलावा, हिस्पैनिक और ब्लैक मतदाता आधार में बदलाव ने भी रिपब्लिकन की हार में योगदान दिया। टेक्सास‑मैक्सिको सीमा के हिस्पैनिक क्षेत्रों में डेमोक्रेट्स ने हाउस की सभी तीन सीटें जीत लीं, जबकि मिसिसिपी में सीनेट चुनाव में ब्लैक मतदाता 37 प्रतिशत से अधिक हैं, जहाँ डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को जीतने का मौका मिला।
कुल मिलाकर, बढ़ती महंगाई, ईरान युद्ध, मजबूत डेमोक्रेटिक उम्मीदवार और बदलते मतदाता आधार ने रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार में प्रमुख भूमिका निभाई।
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