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दिल्ली स्थित जंतर-मंतर के आसपास रविवार को पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है. सीजेपी ने रविवार को भी प्रदर्शन का एलान किया है.
सीजेपी से जुड़े अजिंक्य शिंदे ने बताया है कि वो रविवार को 10 बजे फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे.
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है.
लाइव लॉ के मुताबिक सीजेपी के तीनों टॉप लीडर्स को एग्ज़ीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया. तीनों को एसईएम न्यायालय, दिल्ली कैंट के सामने पेश किया गया था. तीनों के वकील सौतिक बनर्जी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि वो अब यहां से बाहर जा सकते हैं.
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर बताया, ''मजिस्ट्रेट ने तीनों को अच्छे आचरण और शांति बनाए रखने की शर्त पर 50 हज़ार रुपये बॉन्ड पर एक साल की अवधि के लिए रिहा किया गया है.''
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने दीपके सहित तीनों लीडर्स को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से हिरासत में लिया गया था.
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अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को रिहा किए जाने के बाद सीजेपी के आधिकारिक अकाउंट से हुई पोस्ट में लिखा गया कॉकरोच कभी मरते नहीं."
वहीं, आशुतोष रांका ने रिहा होने के बाद बताया कि सीजेपी रविवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेगी.
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक़, तीनों लीडर को इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे.
दीपके, रांका और दास को 10 अक्तूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से ही हिरासत में ले लिया गया था.
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इसके साथ ही मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर ध्रुव राठी को भी पुलिस ने हिरासत में लेने के कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया है.
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से इसकी पुष्टि की है.
दरअसल, ध्रुव राठी को 10 अक्तूबर 2026 की सुबह गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित केंद्रीय विहार हिरासत में लिया गया था.
यह कार्रवाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए की गई थी.
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सुप्रीम कोर्ट रविवार (11 अक्टूबर, 2026) को दिल्ली पुलिस की ओर से नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्रियों, छात्रों, युवाओं, पत्रकारों, वकीलों और अन्य लोगों को कथित तौर पर मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
याचिका में कहा गया है कि ये कार्रवाइयां क़ानून के शासन और लोकतांत्रिक असहमति के ख़िलाफ़ हैं.
अदालत विशेष सत्र में एक अवमानना याचिका पर भी सुनवाई कर रही है. इसमें राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के लिए जुटने वाले लोगों को रोकने के मक़सद से सार्वजनिक परिवहन, रेल और मेट्रो सेवाओं पर व्यापक रोक लगाए जाने को चुनौती दी गई है.
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि 10 अक्तूबर की तरह ही 11 अक्तूबर को भी प्रदर्शन किया जाएगा. इसे देखते हुए पुलिस ने आज भी कड़ा इंतज़ाम किया है.
जंतर-मंतर के आसपास रविवार को पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है.
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कई इलाक़ों में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए हैं.
पुलिस बल के साथ कई अलग-अलग सुरक्षा बलों की यूनिट्स भी तैनात की गई हैं
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'द हिंदू' ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि शनिवार (10 अक्टूबर, 2026) को राजधानी में करीब 2,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.
प्रदर्शन के दिन से पहले रात भर दिल्ली में एहतियातन की गई कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए करीब 1,000 लोगों के अलावा ये गिरफ्तारियां हुईं.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर ) ने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान "बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने" की खबरों पर "चिंता" जताई. हालांकि, सरकार ने इस बयान को खारिज कर दिया है.
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