भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि के रिन्यूअल पर उपजे विवाद में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने उद्योगपति गौतम अदाणी को घसीट लिया है। पार्टी के सांसद सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉफ्रेंस में दावा किया है कि बांग्लादेश पर गौतम अदाणी की पावर कंपनी का आठ हजार करोड़ का बकाया है। उसकी वसूली के लिए केंद्र सरकार की ओर से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को लगाया गया है जो मामले को फरक्का डैम पर सवाल उठाकर मामले पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। संजय झा हसुआ के बियाह में खुरपी का गीत गाने जैसा काम कर रहे हैं। राजद सांसद ने बांग्लादेश को गंगा नदी से बिहार के हिस्से का पानी नहीं देने के मुद्दे पर जदयू को चुनौती दी है कि हिम्मत है तो केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लें।
सोमवार को सुधाकर सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि फरक्का विवाद में संजय झा राजनीति कर रहे हैं। राजद भी चाहता है कि बांग्लादेश को गंगा जी से पानी नहीं दिया जाए। 1996 में जब भारत और बांग्लादेश के बीच संधि हुई तो पार्लियामेंट में हमारे नेता लालू यादव ने केंद्र सरकार में शामिल होने के बाद भी विरोध किया। बिहार के तत्कालीन सीएम राबड़ी देवी और जल संसाधन मंत्री जगदानंद सिंह ने पत्र लिखकर पुरजोर विरोध भी किया। लेकिन, उस समय नीतीश कुमार विपक्ष में रहते हुए भी कुछ नहीं बोले। आज जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रवक्ता नीरज कुमार हमारी पार्टी पर ही सवाल उठा रहे हैं। इतने दिनों से डबल इंजन की सरकार है तो कोई बड़ा फैसला क्यों नहीं लिया। संजय झा केंद्र सरकार के प्रमुख सहयोगी हैं। केंद्र सरकार बांग्लादेश को पानी नहीं देने का फैसला ले। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो जदयू को हिम्मत है तो केंद्र से समर्थन वापस ले ले।
सुधाकर सिंह ने कहा कि यहां बात कुछ और ही है। दरअसल, इस मामले में ट्विस्ट है। इस देश के एक बड़े व्यापारी हैं गौतम अदाणी जिनकी केंद्र सरकार में दखल है। अदाणी की कंपनी का स्पेशल इकोनॉमिक जोन के तहत गोड्डा में एक पावर प्लांट बना है जिसका काम है बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई देना। भारत से बांग्लादेश को महंगी बिजली मिल रही थी जिसके कारण वहां सरकार गिर गई और अदाणी की कंपनी का 8 हजार करोड़ का बकाया फंस गया। बकाया विवाद के निपटारे के लिए भारत सरकार ने अदाणी के मददगार दिनेश त्रिवेदी को उच्चायुक्त बनाकर भेजा है। पहली बार राजनैतिक व्यक्ति को उच्चायुक्त बनाकर भेजा गया है। अदाणी के बकाए की वसूली के लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह के द्वारा संजय झा को टास्क दिया गया है कि वे भारत और बांग्लादेश के बीच के पानी विवाद के मु्द्दे को हवा दें।
सुधाकर सिंह ने कहा कि गंगा अंतरराष्ट्रीय नदी है जिसका प्रवाह भारत के अलावे नेपाल, बांग्लादेश और भूटान में भी है। इसके जल पर जब भी कोई समझौता होगा उसका अंतरराष्ट्रीय असर दिखेगा जिसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी बिहार बनेगा। अगर जदयू, बीजेपी या बिहार सरकार को राज्य के हितों की चिंता है तो बिहार के सभी सांसद विधायक और विधान पार्षद दिल्ली चलें। सीएम सम्राट चौधरी प्रधानमंत्री जी से समय लें, हम सब लोग उनके साथ चलेंगे और फरक्का जल संधि को आगे रिन्यूअल नहीं करने के लिए गुहार करेंगे।
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