दीपा ज्वेलर्स (Deepa Jewellers) IPO में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है और आज यानी 3 सितंबर को इसका सब्सक्रिप्शन बंद हो रहा है। कंपनी ने IPO के लिए ₹168 से ₹177 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 84 शेयर हैं, यानी अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए निवेशकों को ₹14,868 खर्च करने होंगे। ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम फिलहाल ₹28 बताया जा रहा है। अगर यही प्रीमियम लिस्टिंग तक बना रहता है, तो ₹177 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले शेयर करीब ₹205 पर लिस्ट हो सकता है, यानी निवेशकों को लगभग 15.82% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल और अनरेगुलेटेड संकेतक है, इसलिए इसे शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं माना जा सकता।
IPO को दूसरे दिन तक कुल 3.60 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था। इसमें रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 4.69 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों यानी NII की हिस्सेदारी 5.10 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि QIB हिस्से में 46 फीसदी बोली मिली थी। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को 6,66,95,244 शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं, जबकि ऑफर में 1,85,20,085 शेयर उपलब्ध थे। IPO में QIB के लिए अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा, NII के लिए कम से कम 15 फीसदी और रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 फीसदी हिस्सा आरक्षित है।
दीपा ज्वेलर्स (Deepa Jewellers) IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउस का रुख भी काफी हद तक सकारात्मक है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट (Swastika Investmart) के अनुसार, कंपनी का वैल्यूएशन उसके लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक है। ₹177 के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी करीब 16 गुना P/E पर वैल्यू हो रही है, जबकि साथियों का औसत करीब 24 गुना बताया गया है।
कंपनी का FY26 में रिटर्न ऑन नेट वर्थ RoNW (Return on Net Worth) 56.45% रहा, जो उसके लिस्टेड पियर्स में सबसे ज्यादा बताया गया है। हालांकि, ब्रोकरेज ने कुछ जोखिम भी गिनाए हैं। कंपनी के FY26 के राजस्व में उसके टॉप 10 ग्राहकों की हिस्सेदारी 64.67% थी और इनके साथ कोई लंबे समय का कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। इसके अलावा वड्डानम (Vaddanam) और CNC बैंगल्स जैसे क्षेत्रीय पसंद वाले आभूषणों पर निर्भरता भी कारोबार के लिए जोखिम बन सकती है।
कंपनी की ग्रोथ के आंकड़े भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। केनरा बैंक सिक्योरिटीज (Canara Bank Securities) के अनुसार, दीपा ज्वेलर्स (Deepa Jewellers) का FY26 में रेवेन्यू बढ़कर ₹1,926.68 करोड़ हो गया। FY24 से FY26 के बीच कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और PAT में क्रमशः करीब 37%, 102.26% और 107.46% CAGR दर्ज हुआ। FY26 में कंपनी का ROE 56.45% और ROCE 52.08% रहा। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी मुख्य रूप से कारोबार की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। फ्रेश इश्यू (Fresh issue) से मिलने वाले करीब ₹215 करोड़ का इस्तेमाल लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा, जिसमें ज्वेलरी इन्वेंट्री की खरीद, रखरखाव और विस्तार शामिल है। कंपनी हैदराबाद में 6,696 वर्ग फुट की इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की भी योजना बना रही है।
दीपा ज्वेलर्स (Deepa Jewellers) दक्षिण भारत में B2B डिजाइनर और हॉलमार्क्ड गोल्ड ज्वेलरी की सप्लायर कंपनी है। IPO में ₹250 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि प्रमोटर आशीष अग्रवाल (Ashish Agarwal) और उनकी पत्नी सीमा अग्रवाल (Seema Agarwal) 1.18 करोड़ तक शेयरों का ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) कर रहे हैं। SBICAP सिक्योरिटी और BP इक्विटीज ने भी कंपनी के वैल्यूएशन और मजबूत कमाई को देखते हुए ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। हालांकि, निवेशकों को ग्राहक एकाग्रता, वर्किंग कैपिटल की जरूरत और अपेक्षाकृत कम मार्जिन जैसे जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
IPO का अलॉटमेंट 4 सितंबर, रिफंड और सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट 7 सितंबर को और BSE तथा NSE पर लिस्टिंग 8 सितंबर को होने की उम्मीद है। ऐसे में लिस्टिंग गेन के नजरिए से IPO आकर्षक दिख रहा है, लेकिन सिर्फ GMP देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं होगी। लॉन्ग टर्म निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ, वैल्यूएशन, ग्राहक निर्भरता और वर्किंग कैपिटल जोखिमों को समझने के बाद ही फैसला लेना चाहिए।
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