बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने परिवार के चार लोगों की हत्या की. इसके बाद वे करीब 6 से 7 घंटे तक उसी घर में छिपे रहे. इस दौरान उन्होंने खाना खाया. फ्रिज से खीरा निकाला. खजूर भी खाए.
इसके बाद आरोपियों ने घर में नहाया और फिर वहां से फरार हो गए. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली है.
मृतकों में रिटायर्ड स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 साल का बेटा प्रियम चक्रवर्ती शामिल हैं. पुलिस ने मामले में दो चचेरे भाइयों मुग्धो और सिद्धार्थ को हिरासत में लिया है.
गौरतलब है, गणपति चक्रवर्ती पिछले साल 31 दिसंबर को रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे. उनकी बेटी ने इसी साल अंग्रेजी में मास्टर डिग्री पूरी की थी. उनका बेटा प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था.
छत पर नशा कर रहे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे. वहां वे कथित तौर पर याबा नाम का नशीला पदार्थ ले रहे थे. याबा एक खतरनाक नशीली गोली है.
गणपति ने छत से आवाज सुनी. वह दोनों से पूछताछ करने के लिए ऊपर पहुंचे. आरोपियों को डर था कि गणपति उन्हें पहचान लेंगे. इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर उनके गले में मौजूद गमछे से उनका गला दबा दिया.
गणपति के साथ हुई हाथापाई की आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता ऊपर पहुंचीं. आरोपियों ने सीढ़ियों पर कपड़े से उनका भी गला दबा दिया. इसके बाद परिवार की बेटी आगमी और 12 साल के बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी गई.
पुलिस को शक है कि प्रियम आरोपियों में से एक के छोटे भाई अपूर्वा का दोस्त था. इसी वजह से आरोपियों को डर था कि वह उनकी पहचान बता सकता है. पुलिस को परिवार की किसी से पुरानी दुश्मनी या विवाद की जानकारी नहीं मिली है.
हत्या के बाद घर में ही खाते रहे आरोपी
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी तुरंत घर से नहीं निकले. वे करीब 6 से 7 घंटे तक घर के अंदर ही रहे. जांच के दौरान पुलिस को घर से खजूर की गुठलियां और खीरे के सबूत मिले.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने घर में नशा किया और खाना खाया. इसके बाद वहीं नहाया. जांच के दौरान कुछ चूड़ियां भी मिलीं, जिन्हें आग में जलाने की कोशिश की गई थी. इन सबूतों ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद की.
परिवार के चारों सदस्यों के शव शनिवार रात करीब 11.30 बजे उनके बंद घर से बरामद हुए. गणपति का शव छत पर मिला. प्रीतिलता और आगमी के शव सीढ़ियों पर मिले. प्रियम का शव घर के अंदर एक बिस्तर के नीचे मिला.
परिवार के चारों मोबाइल फोन गुरुवार रात से बंद थे. इससे रिश्तेदारों को चिंता हुई. शनिवार रात जब परिवार से संपर्क नहीं हुआ तो रिश्तेदार घर पहुंचे. इसके बाद घटना का पता चला.
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस, क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट और डिटेक्टिव ब्रांच ने मिलकर मामले की जांच की. जांच के बाद दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार हिरासत में लेने के बाद दोनों से अलग-अलग और साथ में पूछताछ की गई.
पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या की बात कबूल की. पुलिस अब मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है.
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