भारत में तेजी से बढ़ते गोल्ड लोन बाजार में अब आदित्य बिड़ला कैपिटल (Aditya Birla Capital) ने भी कदम रख दिया है। कंपनी ने गुरुवार को गोल्ड लोन कारोबार शुरू करने की घोषणा की और इसे अपने सिक्योर्ड लेंडिंग पोर्टफोलियो के विस्तार की रणनीति का हिस्सा बताया। कंपनी अगले तीन वर्षों में देशभर में करीब 1,000 गोल्ड लोन शाखाएं खोलने की योजना बना रही है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में भी कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। BSE पर सुबह 11:25 बजे Aditya Birla Capital का शेयर 2.82% बढ़कर ₹407.95 पर कारोबार कर रहा था। यानी पिछले बंद भाव की तुलना में शेयर करीब ₹11.20 ऊपर था।
कंपनी ने बताया कि गोल्ड लोन कारोबार को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में मार्च 2027 तक करीब 300 डेडिकेटेड गोल्ड लोन शाखाएं खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इन शाखाओं को देश के उन बाजारों में शुरू किया जाएगा जहां गोल्ड लोन की मांग अधिक होने की संभावना है। इसके बाद अगले दो वर्षों में नेटवर्क को और बढ़ाते हुए करीब 1,000 शाखाओं तक पहुंचाने की योजना है। कंपनी का मानना है कि गोल्ड लोन कारोबार उसके मौजूदा रिटेल और MSME लेंडिंग कारोबार का स्वाभाविक विस्तार है।
Aditya Birla Capital के NBFC कारोबार के Executive Director और CEO राकेश सिंह ने कहा कि भारत में गोल्ड लोन बाजार में मजबूत संरचनात्मक ग्रोथ देखने को मिल रही है और इस क्षेत्र में कंपनी की एंट्री उसके सिक्योर्ड लेंडिंग स्ट्रैटेजी का स्वाभाविक विस्तार है। कंपनी का कहना है कि वह गोल्ड लोन कारोबार को शुरुआत से तैयार कर रही है और इसमें गवर्नेंस, सावधानीपूर्ण जोखिम प्रबंधन, बेहतर ऑपरेशनल सिस्टम और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कंपनी अपने बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और डिजिटल क्षमताओं का इस्तेमाल करके ग्राहकों को गोल्ड लोन उपलब्ध कराएगी। इसका लक्ष्य सिर्फ मौजूदा ग्राहकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नए ग्राहकों को भी जोड़ना होगा। इसके लिए फिजिकल ब्रांच के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म को एकीकृत किया जाएगा। ग्राहक अपने सोने को गिरवी रखकर जरूरत के मुताबिक शिक्षा, कारोबार, वर्किंग कैपिटल या अन्य अल्पकालिक खर्चों के लिए पैसा जुटा सकेंगे।
गोल्ड लोन कारोबार में हाल के महीनों में कई बड़े कॉरपोरेट समूहों की दिलचस्पी बढ़ी है। Tata Capital और Godrej Capital भी इस क्षेत्र में कदम रख चुके हैं। Tata Capital ने Yogakshemam Loans (Yogloans) में 88.6% हिस्सेदारी खरीदने की योजना घोषित की थी। वहीं Godrej Capital ने अपनी सहायक कंपनी Godrej Finance के जरिए Kanakadurga Finance का गोल्ड लोन कारोबार खरीदा। L&T Finance ने भी Paul Merchants Finance के गोल्ड लोन कारोबार का अधिग्रहण किया था। इसके अलावा InCred Finance और Bain Capital जैसी कंपनियां भी इस क्षेत्र में सौदे कर चुकी हैं।
गोल्ड लोन कारोबार में बढ़ती दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह इसकी सिक्योर्ड प्रकृति और भारत में सोने की मजबूत मांग मानी जा रही है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों के पास मौजूद गोल्ड की वैल्यू बढ़ी है, जिससे उसके बदले अधिक कर्ज लेने की क्षमता भी बढ़ती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक सोने के आभूषणों के बदले बकाया लोन ₹3.29 लाख करोड़ पहुंच गया था, जो एक साल पहले के ₹1.94 लाख करोड़ से करीब 69.9% ज्यादा है।
आज छोटे कारोबारी, व्यापारी, स्वरोजगार करने वाले लोग और वेतनभोगी परिवार भी सोना बेचने के बजाय उसे गिरवी रखकर अस्थायी जरूरत के लिए पैसा लेना पसंद कर रहे हैं। कारोबार में वर्किंग कैपिटल, बच्चों की शिक्षा, मेडिकल खर्च या अचानक आई नकदी की जरूरतों के लिए गोल्ड लोन एक विकल्प बन रहा है। Experian India की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। FY23 में रिटेल क्रेडिट सोर्सिंग में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी करीब 18% थी, जो FY26 में बढ़कर 41% हो गई। ऐसे में आदित्य बिड़ला कैपिटल (Aditya Birla Capital) की एंट्री से इस तेजी से बढ़ते बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!