समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या सीट से पवन पांडेय के नाम की घोषणा की। अखिलेश यादव ने कहा कि पवन पांडेय अयोध्या से चुनाव जीतेंगे। पवन से कहा चुनाव जीत कर आना।
अयोध्या विधानसभा सीट, जिसके अंतर्गत राम मंदिर क्षेत्र भी आता है, यूपी की सबसे चर्चित सीटों में से एक मानी जा रही है। पवन पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर सपा ने चुनावी तैयारियों का बड़ा संकेत दे दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा. जो हमें छोड़कर गए, वो गए। दरअसल, पूर्व मंत्री पवन पांडेय की राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद राजनीति चमकी है। पवन पांडेय चढ़ावा चोरी मामले में लगातार हमलावर है। यही नहीं उन्होंने अयोध्या के संतों से भी सवाल किया कि वे चुप क्यों हैं। पवन पांडेय ने हाल में नितिन नवीन के दौरे के हनुमान जी के डांस पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने इसको सनातन का अपमान बताया है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार में लगातार ब्राह्मणों का अपमान हुआ है। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कुछ नहीं किया गया। गाड़ी पलटाने वालों को अब ब्राह्मण पटलटाने वाले हैं। जब कभी उस घटना की सैटेलाइट इमेज समाने आएगी, तो सच्चाई सबके समाने आ जाएगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों की शुरू से हितैशी रही है। अयोध्या चढ़ावा चोरी के मामले में भाजपा सरकार कह रही है रसीद लाकर दिखाओ, भला गुप्त दान करने वालों ने कभी रसीद ली है। उन्होंने यह भी कहा कि जेन-जी ने होश उड़ा दिए हैं, लेकिन भाजपा अभी भी समझ नहीं पा रही है। अखिलेश ने सुबह गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में जाकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सपा वैसे तो कार्यक्रम जनेश्वर मिश्र पार्क में करना चाहती थी, लेकिन अनुमति न मिलने की वजह से पार्टी कार्यालय में किया।
कार्यक्रम में अयोध्या, काशी और मथुरा के विद्वानों को बुलाया गया था। हवन-पूजन के साथ घंटे और डमरू बजाए गए। हवन-पूजन में आए साधू-संतों ने अखिलेश को 2027 में विजयी होने का आशर्वीद दिया। सपा मुखिया ने ब्राह्मणों पर हुए हमले और उनके साथ हो रहे अन्याय को कुरेदा। उन्होंने कहा कि पीडीए का मलब ब्राह्मण भी है। असल में ‘पी’ का मतलब ही ब्राह्मण है। अखिलेश ने विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार पर उंगली उठाई। उन्होंने इसे धोखा बताया है। भाजपा जनता को धोखा देने के लिए उपचुनाव हारी है। इनको लगता है कि EVएम की बात नहीं होगी। बांकीपुर चुनाव हारने के बाद भाजपा वाले ही भाजपा वालों को लड्डू खिला रहे हैं। कभी ऐसा होते देखा है?
उन्होंने कहा कि अटल विहारी वाजपेयी भाजपा के सबसे पहले प्रधानमंत्री बने, लेकिन उन्हें भुला दिया गया। उनके नाम पर कोई बड़ा काम नहीं हुआ। समाजवादी सरकार में बने लोक भवन में सिर्फ उनकी प्रतिमा लगा दी गई। इकाना स्टेडियम का नाम उनके नाम पर कर दिया। उन्होंने ब्राह्मण हितैषी होने का सुबूत देते हुए कहा है कि जैसे ही सपा को मौका मिला, माता प्रसाद पांडेय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाकर मान बढ़ाया गया।
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