चीन की दिग्गज टेक कंपनी अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग (Alibaba Group Holding) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने रविवार, 23 अगस्त को हांगकांग में करीब ₹95,000 करोड़ यानी 10.2 अरब डॉलर की नई शेयर बिक्री शुरू करने की घोषणा की। इस पूरी रकम का इस्तेमाल AI क्षमता बढ़ाने, AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। इस शेयर बिक्री को इस साल दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्राइमरी फॉलो-ऑन ऑफरिंग बताया जा रहा है। इससे पहले Alphabet और Intel जैसी बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियां बड़े फॉलो-ऑन शेयर ऑफर ला चुकी हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
अलीबाबा (Alibaba) ने बताया कि वह करीब 80 अरब हांगकांग डॉलर के शेयर जारी करेगी। कंपनी का लक्ष्य AI के क्षेत्र में अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत करना और अपनी फुल-स्टैक AI क्षमताओं में निवेश बढ़ाना है। इसमें AI कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और अन्य जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक निवेशकों की मजबूत मांग के कारण कंपनी ने शेयर बिक्री का आकार बढ़ाकर 80 अरब हांगकांग डॉलर किया। यह अलीबाबा (Alibaba) की 2019 में हांगकांग लिस्टिंग के बाद पहली नई शेयर प्लेसमेंट है। कंपनी करीब 71 करोड़ शेयर 112.70 हांगकांग डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर बेचने की योजना बना रही है, जो उसके हालिया क्लोजिंग प्राइस से लगभग 3.6% कम है।
अलीबाबा (Alibaba) का AI पर खर्च तेजी से बढ़ रहा है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी के क्लाउड और AI कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 45% बढ़ा। इसी दौरान कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 75% बढ़कर लगभग ₹80,000 करोड़ पहुंच गया। अलीबाबा (Alibaba) के CEO एडी वू योंगमिंग के मुताबिक कंपनी को उम्मीद है कि AI कंप्यूटिंग में किया गया निवेश करीब तीन साल में ब्रेक-ईवन तक पहुंच सकता है। अगर AI कारोबार में ग्रॉस मार्जिन बेहतर होता है तो यह अवधि लगभग दो साल तक भी कम हो सकती है।
कंपनी का AI प्लान सिर्फ क्लाउड और डेटा सेंटर तक सीमित नहीं है। अलीबाबा (Alibaba) के Qwen AI मॉडल को दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। वहीं कंपनी की सेमीकंडक्टर यूनिट T-Head अपने AI चिप कारोबार को भी तेजी से बढ़ा रही है। अलीबाबा (Alibaba) के Zhenwu चिप्स को अब तक 650 से ज्यादा ग्राहक इस्तेमाल कर चुके हैं। कंपनी का Zhenwu M890 AI प्रोसेसर भी व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल में आना शुरू हो गया है। जून तिमाही में अलीबाबा (Alibaba) के AI Cloud और कंप्यूट सर्विसेस कारोबार का रेवेन्यू करीब ₹57,000 करोड़ रहा, जो पिछले 22 तिमाहियों में इसकी सबसे तेज वृद्धि बताई गई।
हालांकि, AI पर बढ़ते खर्च का दबाव कंपनी के मुनाफे पर भी दिखाई दिया है। जून तिमाही में अलीबाबा (Alibaba) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 75% गिर गया, जबकि कंपनी का रेवेन्यू करीब 9% बढ़कर लगभग ₹2.24 लाख करोड़ रहा। इस खबर के बीच शुक्रवार को Alibaba के अमेरिकी लिस्टेड शेयरों में 8.57% की गिरावट आई, जबकि हांगकांग में उसके शेयर 2.54% नीचे रहे।
दरअसल, अलीबाबा (Alibaba) अकेली कंपनी नहीं है जो AI में भारी निवेश कर रही है। चीन की Tencent ने भी जून तिमाही में AI से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर को सालाना आधार पर 176% बढ़ाया। दूसरी तरफ Amazon, Microsoft, Alphabet और Meta जैसी अमेरिकी टेक कंपनियां भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। ऐसे में अलीबाबा (Alibaba) की ₹95,000 करोड़ की शेयर बिक्री को सिर्फ पूंजी जुटाने का कदम नहीं, बल्कि वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में लंबी अवधि के लिए बड़ा निवेश माना जा रहा है। कंपनी के सामने चुनौती यह होगी कि इस भारी निवेश को भविष्य में मुनाफे और तेज AI ग्रोथ में कितनी जल्दी बदला जा सके।
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