केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्वोत्तर रेलवे (वाराणसी मंडल) के वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक (सीनियर डीएमएम) नितेश अग्रवाल को बुधवार देर रात गिरफ्तार किया। सीबीआई ने बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) स्थित आवास से ठेकेदार से 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। वहीं, लहरतारा स्थित डीआरएम ऑफिस पर भी पहुंची और उनके कक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों से काफी देर पूछताछ की। कई दस्तावेज जांचे और कई कब्जे में भी ले लिए। रात को ही सीनियर डीएमएम को सीबीआई अपने साथ लखनऊ ले गई।
आरोप है कि सीनियर डीएमएम नितेश अग्रवाल ने रेलवे में फर्नीचर सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार से बिल पास करने और ठेके के एवज में रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद सीबीआई की टीम ने सीनियर डीएमएम को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए पूरा प्लान बनाया।
ठेकेदार के साथ बनाए गए प्लान के अनुसार अधिकारी को उनके आवास पर ही रिश्वत की रकम देने का योजना बनाई गई। इसके बाद ठेकेदार ने अधिकारी से इस बारे में बात की। अधिकारी के बुलावे पर ठेकेदार उनके आवास पर पहुंचा और रकम उनके हवाले की। रकम लेते ही सीबीआई की टीम भी वहां पहुंची और अधिकारी को रंगे हाथों दबोच लिया।
इसके बाद जरूरी प्रक्रिया का पालन कराया गया। केमिकल लगे नोटों को अपने कब्जे में सीबीआई ने दोबारा ले लिया और अधिकारी का हाथ धुलवाया गया। फिर अधिकारी को अपने साथ ही लेकर सीबीआई की टीम लखनऊ रवाना हो गई।
अधिकारी को इतनी बड़ी रकम रिश्वत में लेते पकड़ने के बाद सीबीआई की टीम उनके परिजनों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के साथ-साथ संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाल रही है। पहले उनके आवास पर ही तलाशी ली गई। इसके बाद अगले दिन एक टीम उनके ऑफिस भी पहुंची और जांच पड़ताल की। नितेश अग्रवाल लगभग दो साल से वाराणसी मंडल में तैनात हैं।
इससे पहले बीएलडब्ल्यू के वरिष्ठ सिविल इंजीनियर ओमप्रकाश सोनकर और एनईआर (वाराणसी मंडल) के सीनियर डीईएन (द्वितीय) सत्यम सिंह को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा रेलवे की गति शक्ति परियोजना में भ्रष्टाचार की शिकायत पर भी वाराणसी में कई इंजीनियरों के यहां छापेमारी हुई थी।
आज की छापेमारी और इतने बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी से पूरे दफ्तर में खलबली मची है। अधिकारी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जिन ठेकेदारों का पेमेंट बकाया है, उनको लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
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