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बिहार की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल एक बार फिर चर्चा में है। पुल के अप्रोच रोड के गोलंबर के ठीक नीचे से बड़ी मात्रा में मिट्टी हटने की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर राज्य सरकार और निर्माण एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं।
अप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी हटने पर RJD ने उठाए सवाल
RJD ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी हटने की तस्वीर साझा की है। पार्टी का कहना है कि सड़क के आधार के नीचे इस तरह मिट्टी का खिसकना गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी ने दावा किया कि इससे सड़क का आधार अंदर से कमजोर हो सकता है और अगर समय रहते समस्या को ठीक नहीं किया गया तो आगे चलकर बड़ा हादसा हो सकता है। राजद नेताओं ने सरकार और संबंधित निर्माण एजेंसियों से तत्काल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
बाढ़ और जलजमाव वाले इलाके में निर्माण पर सवाल
राजद ने इस परियोजना के इलाके की भौगोलिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस क्षेत्र में हर साल बाढ़, मानसूनी बारिश और जलजमाव की स्थिति बनती है। ऐसे इलाकों में निर्माण से पहले मिट्टी और जमीन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष तकनीकी सावधानी बरतना जरूरी है। पार्टी ने सवाल किया कि क्या परियोजना के निर्माण के दौरान सभी जरूरी तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन किया गया था। साथ ही यह भी पूछा गया कि हर साल इस मार्ग या इसके अप्रोच रोड की मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ती है।
निर्माण की गुणवत्ता जांच पर भी उठे सवाल
RJD ने परियोजना के निर्माण की गुणवत्ता की जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेताओं ने पूछा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर और किन एजेंसियों ने की थी। उनका कहना है कि अगर निर्माण में किसी तरह की तकनीकी कमी है तो उसे अभी दूर किया जाना चाहिए।
तकनीकी जांच के बाद ही साफ होगी असली वजह
फिलहाल अप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी हटने की सही वजह और पुल की मौजूदा अंदरूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मिट्टी किस कारण से हटी और इससे सड़क की मजबूती पर कितना असर पड़ा है, यह संबंधित तकनीकी टीम और पथ निर्माण विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की संरचनात्मक समस्या को समय रहते दूर करना जरूरी है। अगर शुरुआती स्तर पर ही कमी की पहचान कर उसका समाधान कर दिया जाए तो भविष्य में किसी बड़े नुकसान की आशंका को कम किया जा सकता है।
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