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वैशाली जिले के सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और कामकाज को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चार महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत लेकर अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंची एक महिला सुरक्षा गार्ड के साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल में तैनात दूसरे सुरक्षा गार्डों में भी नाराजगी है। गार्डों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
चार महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं गार्ड
जानकारी के मुताबिक, हाजीपुर सदर अस्पताल में तैनात महिला और पुरुष सुरक्षा गार्ड पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इसी समस्या को लेकर सभी सुरक्षाकर्मी अपनी शिकायत जिला प्रोग्राम मैनेजर (DPM) के सामने रखने पहुंचे थे।
DPM के चैंबर में बुलाकर बदसलूकी का आरोप
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, बातचीत के दौरान एक महिला सुरक्षा गार्ड को DPM के चैंबर के अंदर बुलाया गया। महिला का आरोप है कि चैंबर में मौजूद और DPM के करीबी बताए जा रहे राकेश कुमार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस व्यवहार का विरोध किया तो राकेश कुमार ने उसे थप्पड़ मार दिया और गाली-गलौज भी की। घटना की जानकारी बाहर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों को मिली तो अस्पताल परिसर में नाराजगी बढ़ गई।
घटना के बाद लामबंद हुए सुरक्षा गार्ड
महिला सुरक्षा गार्ड के साथ कथित मारपीट की खबर फैलते ही अस्पताल में तैनात दूसरे सुरक्षाकर्मी भी लामबंद हो गए। गार्डों ने आरोप लगाया कि अपनी मेहनत की कमाई और बकाया वेतन मांगने पर उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। गार्डों के बीच यह चर्चा भी है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई सरकारी कामकाज में राकेश कुमार का दखल रहता है। आरोप है कि वह अस्पताल के दूसरे सरकारी कर्मचारियों पर भी धौंस जमाते नजर आते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा गार्डों ने जिला प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। गार्डों का कहना है कि मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर DPM और आरोपी राकेश कुमार की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला सुरक्षा गार्ड के साथ वास्तव में क्या हुआ था। हालांकि, अस्पताल परिसर में महिला कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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