बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी में यूपी बॉर्डर को फिर से सील कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश की कुशीनगर पुलिस ने मंझरिया पंचायत से यूपी जाने वाले मुख्य मार्ग कतकी-नरकहवा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगा दी है। दोनों तरफ के आवागमन पर 12 घंटे के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। रात 8 से सुबह 8 बजे के बीच किसी भी व्यक्ति को बॉर्डर पार नहीं करने दिया जा रहा है। सीमा पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनचालकों को वापस लौटा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसकी तुलना पाकिस्तान बॉर्डर से करने लगे हैं।
बॉर्डर सील होने के चलते लोगों को कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर दूसरे मार्ग से आना-जाना पड़ रहा है। कई लोग खेतों और पगडंडियों के सहारे से आवागमन भी करने लगे हैं। दोनों ही राज्यों के लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। इससे आम जनता में खासा आक्रोश है।
बिहार-यूपी बॉर्डर पर बंदी का सबसे अधिक असर स्कूली छात्र, दैनिक मजदूरी करने वाले और दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है। वर्तमान में सैकड़ों की संख्या में रोजाना लोगों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। मॉर्निंग स्कूल का टाइम होने के कारण बच्चे सुबह 6 से साढ़े 6 बजे स्कूल जाते हैं। दुकानदार और दैनिक मजदूर भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सुबह ही निकलते हैं। इस दौरान बार्डर सील रह रहा है।
वहीं, दोनों राज्यों की सीमा पर यूपी पुलिस के कर्मी तैनात हैं। वे लोगों रात 8 से सुबह 8 बजे तक लोगों को आने-जाने से रोक रहे हैं। गुरुवार सुबह जब बिहार की तरफ से स्कूली छात्र और दुकानदार यूपी जाने लगे और उत्तर प्रदेश के किसान और मजदूर बिहार आने के लिए बॉर्डर पर पहुंचे, तो यूपी पुलिस ने सभी को लौटा दिया। इस संबंध में जब पुलिस वालों से पूछा गया तो उन्होंने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सीमा बंद करने की बात कही।
सुबह 8 बजे बॉर्डर खोलते समय सीमा पर तैनात यूपी पुलिस के जवान आवागमन करने वाले लोगों को प्रतिबंध की अवधि में आवागमन ना करने की हिदायत दे रहे हैं। वही लोगों को अति आवश्यक कार्य होने और काफी मिन्नतें करने के बाद भी यूपी पुलिस द्वारा रात 8 से सुबह 8 बजे के बीच आवागमन नहीं करने दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों द्वारा स्कूली छात्रों और अन्य राहगीरों से बदसलूकी की जा रही है। इस पर दोनों राज्यों के लोगों में आक्रोश है।
यूपी निवासी शैलेश यदुवंशी, रामकृपाल यादव, मैनेजर कुशवाहा एवं बिहार निवासी संघर्ष कुशवाहा, शेषनाथ मद्धेशिया, दिनेश पांडेय, हरिओम निषाद आदि ने बताया कि यूपी पुलिस इस तरह बॉर्डर सील कर रही है और लोगों के साथ व्यवहार कर रही है, जैसे ये लोग अपने देश के राज्य का बॉर्डर नहीं बल्कि पाकिस्तान बॉर्डर पार कर रहे हों।
लोगों ने मांग की है कि अगर जल्द इस पर प्रशासन आवागमन सुगम नहीं कराती तो वे धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। पिपरासी थानाध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि बॉर्डर क्षेत्र के थानाध्यक्ष से बात कर आवागमन सामान्य करने की पहल की जा रही है। शुक्रवार से स्थिति सामान्य होने की संभावना है।
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