कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए बयान को लेकर सियासत जारी है. इस बीच अब बीजेपी ने उनके हिजाब के समर्थन में दिए उनके पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है. बीजेपी ने राहुल गांधी पर पर 'पांखड' का आरोप लगाया है.
बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी का एक पुराना वीडियो शेयर किया है. इसमें राहुल से एक इवेंट में एक लड़की के हिजाब पहनने को महिला की आजादी से जोड़ने के मुद्दे पर सवाल करती दिखाई दे रही है.
युवती के सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता कहते हैं, मेरी राय है कि जो महिला हिजाब पहनना चाहती है वो उसके ऊपर निर्भर करता है. अगर वो अबाया पहनना चाहती है या कुछ और पहनना चाहती है तो वो उसकी मर्जी है, उसका काम है. उसे इजाजत मिलनी चाहिए.
𝐇𝐘𝐏𝐎𝐂𝐑𝐈𝐒𝐘 𝐀𝐓 𝐈𝐓𝐒 𝐏𝐄𝐀𝐊! ⚠️ Rahul Gandhi talks about “smashing patriarchy” when speaking about Manusmriti and Hindu women. But when it comes to hijab and abaya, the same principle suddenly becomes “freedom of choice.” So, Rahul Gandhi, is your fight against… pic.twitter.com/IYIgigwDNj
''चरम स्तर की पाखंडी सोच'
राहुल गांधी के इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने लिखा, 'चरम स्तर की पाखंडी सोच! जब राहुल गांधी मनुस्मृति और हिंदू महिलाओं की बात करते हैं, तो वो पितृसत्ता को कुचलने की बात करते हैं. लेकिन जब बात हिजाब और अबाया की आती है, तो वही सिद्धांत अचानक पसंद की स्वतंत्रता कैसे बन जाता है? तो राहुल गांधी, क्या आपकी ये लड़ाई सिर्फ धर्म देखकर तय होती है? अगर महिला सशक्तिकरण ही लक्ष्य है, तो क्या हर महिला के लिए एक जैसा पैमाना नहीं होना चाहिए?'
पुणे के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल विवाद की शुरुआत 22 अगस्त 2026 को पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से हुई. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं को सिर्फ मां, पत्नी या बेटी की पारंपरिक भूमिकाओं तक ही सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए.
उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा था कि उसमें जिक्र है कि महिला को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. बचपन में वो पिता के अधीन, युवावस्था में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है. उन्होंने कहा था कि देश की सबसे बड़ी ताकत यही है कि महिलाएं स्वतंत्र रहें, अपने लिए खुद खड़ी हों और अपने ऊपर पूरा विश्वास रखें.
कांग्रेस सांसद ने कहा था कि जब वो पुरुषों से बात करते हैं, तो अक्सर महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में ही देखा जाता है. इन भूमिकाओं में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ये किसी महिला की एकमात्र पहचान नहीं हो सकती. आज महिलाएं हर क्षेत्र में प्रोफेशनल और खिलाड़ी के रूप में बेहतरीन काम कर रही हैं.
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