कंगना रनौत अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं. वह लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखती आई हैं. साल 2024 में हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बनने के बाद भी कई मौकों पर उनके बयान पार्टी की सोच से अलग नजर आए हैं. कंगना ने साफ कहा है कि वह बीजेपी की ‘कठपुतली’ नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आज बीजेपी उनके साथ है, लेकिन जरूरी नहीं कि कल भी पार्टी उनके साथ खड़ी रहे.
‘मैं पार्टी से दूर नहीं जाना चाहती, लेकिन मैं कठपुतली नहीं हूं’
दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में कंगना से पूछा गया कि वह जो बयान देती हैं, क्या वे उनके निजी विचार होते हैं या फिर उन्हें बीजेपी के आधिकारिक बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए? इसके जवाब में कंगना ने कहा कि वह अपनी पार्टी से दूर जाने की कोशिश नहीं करतीं, लेकिन जब बहुत ज्यादा शोर होता है तो अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्हें भी तेज आवाज में बोलना पड़ता है.
कंगना ने कहा- ऐसा नहीं है कि मैं अपनी पार्टी से दूर जाना चाहती हूं. लेकिन साथ ही मुझे लगता है कि जब बहुत ज्यादा शोर होता है तो अपनी बात सुनाने के लिए आपको जोर से बोलना पड़ता है. इसलिए मैं कभी-कभी कुछ कड़े बयान दे देती हूं. मेरा जानबूझकर पार्टी की सोच से अलग जाने का कोई इरादा नहीं होता. लेकिन अगर कभी ऐसा हो भी जाता है तो एक व्यक्ति के तौर पर यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि मैं कोई कठपुतली नहीं हूं. बीजेपी आज मेरे साथ है, लेकिन हो सकता है कि कल वह मेरे साथ न हो. मैं दो साल से सांसद हूं. एक एक्ट्रेस के तौर पर मेरा करियर 20 साल से चल रहा है. 20 साल से मेरी अपनी एक पहचान है.
'सिर्फ सांसद नहीं पहचान'
कंगना ने आगे यह भी कहा कि उनकी पहचान सिर्फ एक सांसद की नहीं है. उनके मुताबिक, अगर वह किसी मुद्दे पर कुछ कहना चाहती हैं तो मीडिया उनकी बात सुनने के लिए उनके आसपास जुट जाता है.
उन्होंने कहा- अगर मैं कुछ कहना चाहती हूं तो प्रेस मेरे आसपास इकट्ठा हो जाएगा और मेरी बात सुनेगा. हो सकता है कि आज मैं व्यक्तिगत तौर पर मौजूद न दिखूं, लेकिन मेरे विचार अपने आप खत्म नहीं हो सकते. पार्टी के साथ मेरा जुड़ाव काफी स्वाभाविक है, इसलिए मुझे इसे दिखावा करने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि कभी-कभी चीजें बिगड़ सकती हैं, जिससे पार्टी को परेशानी हुई होगी. लेकिन मैं अभी नई हूं और अभी सीख रही हूं.
अगले 10 साल में राजनीति करेंगी या फिल्मों में लौटेंगी?
कंगना से जब उनके अगले 10 साल के प्लान को लेकर भी सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में खुद को किसी बड़े राजनीतिक पद पर देखती हैं या फिर फिल्मों में अपना करियर जारी रखना चाहेंगी. इस पर कंगना ने कहा- आज के समय में जिस तरह की अनिश्चितताएं हैं, उन्हें देखते हुए इस सवाल का जवाब देना बहुत मुश्किल है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात का डर है कि अगले चुनाव में उन्हें मंडी से टिकट न मिले, तो कंगना ने इससे भी इनकार किया. उन्होंने कहा- यह मेरे लिए डर की बात नहीं है, क्योंकि अब मैं बहुत सारे मुद्दों पर बोलती हूं. मैं व्यक्तिगत स्वार्थ से आगे बढ़कर समाज और दूसरों के हित के बारे में सोचने लगी हूं. लेकिन साथ ही मुझे इस बात का डर नहीं है कि मेरी पहचान खत्म हो जाएगी. मैं एक फिल्ममेकर हूं, एक लेखिका हूं और मुझे अपना काम बेहद पसंद है.
‘मैं आज भी बहुत से डायरेक्टर्स के लिए बेहद पसंदीदा एक्ट्रेस हूं’
कंगना ने इस बातचीत में अपनी फिल्मी पहचान को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि आज भी कई डायरेक्टर्स उन्हें फिल्मों में लेना चाहते हैं और उनसे पूछते हैं कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी क्यों बना ली.
कंगना ने कहा- मैं आज भी बहुत से डायरेक्टर्स के लिए बेहद पसंदीदा एक्ट्रेस हूं. ऐसे बहुत से डायरेक्टर्स हैं जो मेरा इंतजार कर रहे हैं. वे मुझसे पूछते हैं कि मैंने इंडस्ट्री क्यों छोड़ दी. जिंदगी में करने के लिए अभी बहुत कुछ है.
जब उनसे पूछा गया कि अगर वह दोबारा फिल्मों में पूरी तरह लौटने का फैसला करती हैं तो क्या बॉलीवुड के बड़े प्रोडक्शन हाउस उनके साथ काम करने के लिए तैयार होंगे, तो कंगना ने कहा कि वह पहले ही कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के ऑफर ठुकरा चुकी हैं.
‘मैंने बड़े प्रोडक्शन हाउस को पहले ही मना कर दिया है’
कंगना ने कहा- मैं उन्हें पहले ही मना कर चुकी हूं. मैंने अवॉर्ड फंक्शन्स में जाने से भी इनकार कर दिया था. एक समय ऐसा था जब मुझे करीब 100 फोन आते थे, क्योंकि मेरी फिल्में ऐसी होती थीं कि अगर वे मुझे बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड नहीं देते थे तो उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता था. कुछ पब्लिकेशन्स के सीईओ मेरे घर तक आए हैं और उन्होंने मुझसे विनती की है. उन्होंने कहा कि अगर मैं उनके अवॉर्ड फंक्शन में नहीं गई तो उनकी नौकरी चली जाएगी.
कंगना ने आगे बताया कि उनका अपना प्रोडक्शन हाउस भी है. इसके साथ ही वह बतौर डायरेक्टर ‘मणिकर्णिका’ और ‘इमरजेंसी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुकी हैं.
‘खान या कुमार की हीरोइन बनने से बेहतर है उम्र के हिसाब से रोल करना’
कंगना ने अपनी फिल्मों और किरदारों की बात करते हुए ‘थलाइवी’ का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता का किरदार निभाया था. उन्होंने कहा कि इस तरह के किरदार उनके लिए ज्यादा सही हैं, क्योंकि इन्हें निभाने के लिए एक खास तरह के व्यक्तित्व, उम्र और अंदाज की जरूरत होती है.
कंगना ने कहा- मुझे लगता है कि इस तरह के किरदार मेरी उम्र के हिसाब से बिल्कुल सही हैं. ऐसे किरदार निभाने के लिए आपके अंदर एक खास तरह का व्यक्तित्व, उम्र और व्यक्तित्व की गंभीरता होनी चाहिए. इसलिए मुझे लगता है कि मेरे लिए इस तरह के किरदार करना ज्यादा बेहतर है, बजाय इसके कि मैं किसी खान या कुमार के साथ हीरोइन का किरदार निभाऊं.
कंगना रनौत आखिरी बार अपनी ही प्रोडक्शन फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में नजर आई थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. उनकी आखिरी बड़ी थिएटर हिट 2019 में आई ‘मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी’ थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने दुनियाभर में करीब 142 करोड़ रुपये की कमाई की थी. अब कंगना की अगली बड़ी फिल्म ‘क्वीन 2’ है. यह उनकी 2014 में आई हिट फिल्म ‘क्वीन’ का सीक्वल है.
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