अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय पहली बार सार्वजनिक रूप से एक्टिव मोड में दिखे। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव व विहिप के केन्द्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय ने मंगलवार को अयोध्या के पूर्वी क्षेत्र के मंदिरों में जाकर संतों से मुलाकात की। इस दौरान संतों ने उनसे अयोध्या में ही रहने का आग्रह किया। संतों को उन्होंने भी आश्वस्त किया कि उनका प्रवास अयोध्या ही रहे।
इसी कड़ी में दिगम्बर अखाड़ा पहुंच कर महंत सुरेश का कुशल क्षेम पूछा। महंत श्रीदास लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। उनके उत्तराधिकारी महंत राम-लखन दास ने उनका स्वागत किया। सम्पर्क अभियान के क्रम में वह तपस्वी छावनी में जाकर महंत परमहंसाचार्य से भी मिले। महंत परमहंसाचार्य ने बताया कि हम सभी ने उनसे अयोध्या न छोड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने भी आश्वस्त किया है। उन्होंने जानकी घाट, बड़ा भक्तमाल, निर्मोही अखाड़ा व सरयू मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी गये। हालाकि चंपत राय अभी भी आरोपों से घिरे हैं।
एसआईटी की जांच जारी है। माना जा रहा है कि चंपत राय घूम घूम कर अपने पक्ष में माहौल तैयार कर रहे हैं। संघ व उनके अनुषांगिक संगठनों समेत संत महंत भले ही उन्हें निष्कलंक बता रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया और विपक्ष की ओर से उन पर हमले जारी हैं।
उधर, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी की आडिट टीम मंगलवार को अयोध्या पहुंची। इस टीम के साथ एसआईटी से सम्बन्धित सीनियर पुलिस अफसर नहीं दिखे लेकिन एसबीआई के रीजनल व जोनल अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान यहां एसटीएफ के जवान भी मौजूद रहे। फिलहाल अपराह्न करीब सवा एक बजे यहां पहुंची टीम सीधे बैंक में पहुंची। यहां उनका इंतजार राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन पहले से इंतजार कर रहे थे। आडिट टीम पहुंचने के बाद ट्रस्ट के चार्टर्ड एकाउंटेंट चंदन राय व सचिव जगदीश आफले को भी बुलवाया गया। यह टीम देर शाम तक बैंक में जांच पड़ताल में जुटी रही।
उधर बीती रात करीब 11 बजे तक स्टेंट बैंक की अयोध्या शाखा में हिसाब-किताब की जानकारी लेकर निकले राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने एसआईटी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि आप लोग मंदिर में दर्शन करके आगे और व्यवस्थाओं का स्वयं मूल्यांकन करिए। यदि कुछ समस्या सामने आए तो मुझे बताइए। वहीं बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि आडिट टीम नहीं है बल्कि बैंक के ही अतिथि गण आए हैं। फिर भी सवाल यह है कि यदि बैंक के अतिथियों का दौरा था तो फिर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन ट्रस्ट के सीए व सचिव को साथ लेकर उनसे मिलने क्यूं गये। इसके अलावा वह सभी लंच टाइम से लेकर डिनर के समय तक बैंक में ही क्यूं जमे रहे और दस्तावेजों की पड़ताल कैसे कर रहे थे।
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