आज अयोध्या में आयोजित एक विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दस साल के शासन का रिपोर्ट‑कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी टीम के साथ मिलकर वे विकास और विरासत संरक्षण की दिशा में निष्काम भाव से काम कर रहे हैं।
योगी ने उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से बाहर निकालकर देश की टॉप‑3 इकोनॉमी में शामिल होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और रेल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचे को तेज गति से विकसित किया है, जिससे राज्य की आर्थिक गति में तेज़ी आई है।
कानून‑व्यवस्था को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए, मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के दंगे, कर्फ्यू और माफियाराज की स्थिति को समाप्त कर दिया है, और अब प्रदेश में ‘कानून का राज’ स्थापित है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को माफिया के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के रूप में बताया, न कि न्याय का फॉर्मूला।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के आंकड़े भी उल्लेखनीय हैं: राज्य के लगभग 60 % एक्सप्रेसवे नेटवर्क अब यूपी में स्थित है, सात शहरों में मेट्रो सेवा चल रही है, और सक्रिय एयरपोर्ट की संख्या दो से बढ़कर 17 हो गई है।
धार्मिक‑सांस्कृतिक विकास को भी उन्होंने प्राथमिकता दी। अयोध्या में राम मंदिर, काशी में विश्वनाथ धाम, मथुरा‑वृंदावन और विंध्यवासिनी धाम के पुनरोद्धार के साथ-साथ प्रयागराज में महाकुंभ को विरासत और आधुनिकता के संगम के रूप में प्रस्तुत किया। कुल 4,500 से अधिक धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार या सुदृढ़ीकरण किया गया है।
रोजगार के संदर्भ में योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। उन्होंने पुलिस कांस्टेबल, होमगार्ड और अन्य अधीनस्थ सेवाओं में क्रमशः 32 हज़ार और 42 हज़ार की भर्ती का उल्लेख किया, और पारदर्शी प्रक्रिया पर ज़ोर दिया।
निवेश के मामले में, राज्य को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जापान और सिंगापुर के निवेशकों की बढ़ती रुचि, 36 सेक्टोरल पॉलिसी और सिंगल‑विंडो प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सुविधाएँ प्रदान करने के कदमों को उन्होंने प्रमुख बताया।
एंटी‑इंकंबेंसी के सवाल पर जब पूछा गया कि क्या जनता सरकार से जवाबदेही माँगेगी, तो योगी ने कहा कि जहाँ काम होगा, वहीं सवाल उठेंगे, पर कोई भी उत्तर प्रदेश की सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नकारात्मक सोच नहीं रखता। उन्होंने कहा कि जनता को पता है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी टीम व्यक्तिगत एजेंडा के बिना विकास पर फोकस कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के ‘PDA’ (परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी) के नारे पर भी उन्होंने टिप्पणी की, इसे परिवारवाद और राजनीतिक हितों का प्रतीक कहा और कहा कि यह ‘गिरगिट की तरह रंग बदलता है’।
अंत में योगी ने कहा कि सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के तीन स्तंभों पर आधारित विकास मॉडल के साथ, उत्तर प्रदेश आगे भी आर्थिक‑सामाजिक प्रगति के पथ पर रहेगा, और एंटी‑इंकंबेंसी की लहर नहीं उठेगी।
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