राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने गठबंधन की राजनीति में सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर बड़ा संदेश दिया। कहा कि गठबंधन आज की राजनीतिक जरूरत है। लेकिन, गठबंधन तभी मजबूत होगा, जब इसमें शामिल सभी दलों और सामाजिक समूहों की आकांक्षाओं का सम्मान हो। अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों की अपेक्षाओं को एक नजरिये से नहीं देखा जा सकता।
उपेंद्र कुशवाहा राजगीर के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में रालोमो के तीन दिवसीय विमर्श शिविर के उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन में सहयोगी दलों की अपनी सामाजिक और राजनीतिक भूमिका होती है। उनके मुद्दों और आकांक्षाओं को जगह मिलनी चाहिए। एनडीए ने गठबंधन धर्म निभाने का बेहतर उदाहरण पेश किया है। इस क्रम में भाजपा और बिहार में विकास के अग्रदूत रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति धन्यवाद व आभार प्रस्ताव लाने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में समाजवादी विचारधारा की लंबी विरासत रही है। नीतीश कुमार की सक्रिय राजनीति से विराम लेने के बाद समाज के एक बड़े वर्ग की अपेक्षाएं रालोमो से जुड़ी हैं। कर्पूरी ठाकुर और जगदेव प्रसाद की नीतियों एवं विचारधारा की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को निभानी होगी। कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के सामाजिक आधार और विचारधारा को मजबूत करने तथा जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
रालोमो के विलय की चर्चाओं पर कुशवाहा ने साफ कहा कि ऐसी बातें भ्रामक थीं। किसी गठबंधन में रहना और अपने राजनीतिक संगठन को मजबूत करना दो अलग-अलग विषय हैं। अलग-अलग दल अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि और विचारधारा के मुताबिक कई मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से जनता के बीच उठा सकते हैं। रालोमो भी अपनी राजनीतिक और सामाजिक भूमिका को मजबूती से निभाएगा।
भाजपा के गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आपातकाल के खिलाफ बने राजनीतिक माहौल से जनता पार्टी का गठन हुआ और बाद में विभिन्न राजनीतिक धाराओं के बीच से भाजपा का निर्माण हुआ। राजनीतिक दलों का इतिहास संघर्ष, बदलाव और विचारधारा की यात्रा से बनता है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के प्रयासों से बिहार में विकास हुआ है। दो दशक पहले बिहार से बाहर गया व्यक्ति आज लौटता है तो उसे गांव और आसपास का बदला हुआ स्वरूप दिखाई देता है।
कुशवाहा ने संगठन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया। कहा कि सोशल मीडिया और तकनीक से दूरी बनाकर कोई राजनीतिक संगठन आगे नहीं बढ़ सकता। कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण लेकर संगठन विस्तार में इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विमर्श शिविर में विभिन्न मुद्दों पर लगातार चर्चा होगी। जिलावार बैठकें भी आयोजित की जाएंगी, जिसमें वे स्वयं शामिल होंगे। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश कुशवाहा, सांसद स्नेहलता, विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद समेत अन्य विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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