Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ ने विनाशलीला दिखाई है। इसके बाद बिहार में भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए खास सावधानी बरती जा रही है। बुधवार की रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक स्तर पर रहा। इसके बाद जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की गई। हालांकि, देवघाट क्षेत्र में देर से हुई वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वर्तमान स्थिति में तटबंधों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव परिलक्षित नहीं हुआ है। जल संसाधन विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।वहीं, गंगा नदी का जलस्तर घटते रुझान (Decreasing Trend) में है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में 1–2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि हो सकती है।
गंडक से प्रभावित आठ जिलों - पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक बराज में ढाई लाख क्यूसेक तक पानी आने की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की है। उन्होंने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लगातार चौकसी और तटबंधों पर विशेष नाइट पेट्रोलिंग का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी तटबंधों एवं बांधों की लगातार निगरानी शुरू कर दी गई है। वहीं, भारी मात्रा में जलस्राव की आशंका को देखते हुए गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिये गये हैं।
05.15 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक बराज से पानी का डिस्चार्ज शाम में कम हो गया है। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक लगभग 1.06 लाख क्यूसेक पानी बराज से छोड़ा गया। वहीं, शाम चार बजे पानी का डिस्चार्ज घट गया है। 4 बजे 1.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रात में डिस्चार्ज और कम होने की संभावना जताई जा रही है।
04.00 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक नदी में भारी मात्रा में लकड़ियां, गैस सिलेंडर और अन्य घरेलू सामान बहकर आ रहे हैं। पश्चिम चंपारण जिले में इसे लूटने की होड़ मची है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी में जाकर लकड़ियां, सिलेंडर और अन्य सामान बटोर रहे हैं। प्रशासन ने ऐसा नहीं करने की हिदायत दी है। पूरी खबर पढ़ें
14.00 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी पर स्थित पहला बैराज भी निगरानी में है और वहां नेपाल में आई बाढ़ का अब तक कोई असर नहीं पड़ा है। बुंदेला ने कहा कि भारत ने बुधवार और बृहस्पतिवार को नेपाल के लिए दवाओं समेत मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री की दो खेप विमान से भेजी हैं।
महानिरीक्षक ने बताया कि एनडीआरएफ के बचाव दलों की चार टुकड़ियां गाजियाबाद में तैयार हैं और अगर काठमांडू भारत सरकार से अनुरोध करता है तो उन्हें हिंडन वायुसेना अड्डे से विमान के जरिए नेपाल भेजा जाएगा, जहां वे बचाव अभियान संचालित करेंगे
13.46 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से फिलहाल बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों पर कोई ''प्रतिकूल'' असर नहीं पड़ा है लेकिन दोनों राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार में नौ और उत्तर प्रदेश में 11 सहित कुल 20 दल तैनात हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ या जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनमें से एनडीआरएफ का एक दल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पास कुशीनगर जिले में तैनात है।
13.24 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
13.10 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में आई भीषण आपदा और सैलाब के बाद गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को वाल्मीकिनगर पहुंचे। उन्होंने इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज का निरीक्षण किया और बराज के विभिन्न फाटकों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के जलस्तर की जानकारी लेते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से मौजूदा स्थिति और संभावित प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नेपाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों से भी अवगत कराया गया।
12.40 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: दिल्ली पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बाढ़ की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। तेजस्वी ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक बिहार और नेपाल सरकार के साथ बाढ़ की समस्या पर गंभीरता से बातचीत नहीं की है। उन्होंने कहा कि हर साल बिहार को बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
12.19 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक नदी का बहाव बढ़ने से ही बिहार की चिंता बढ़ा थी। सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 1,04,400 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
12.03 PM- Nepal Bihar Flood LIVE: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाल्मीकिनगर में हवाई सर्वेक्षण के बाद मीडिया से कहा कि भगवान का आशीर्वाद है। नेपाल में आपदा आयी, यह चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लगातार बिहार की स्थिति को भी देख रहे हैं। धीरे-धीरे चीजें यहां सामान्य हो रही है। बारिश का कुछ पानी अधिक आ रहा है। पर, लगभग एक लाख के आस-पास पानी डिस्चार्ज हो रहा है। यहां से पटना तक की स्थिति सामान्य है।
11.40AM- Nepal Bihar Flood LIVE: अधिकारियों के अनुसार, गंडक बराज के जलप्रवाह में आई गिरावट से तटवर्ती इलाकों में तत्काल राहत के संकेत मिले हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और गंडक नदी के किनारे बसे जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
11.20AM- Nepal Bihar Flood LIVE: आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बुधवार को कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। किसी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से तैयारी की गई है। सामुदायिक किचन, पशु चारा, सूखा राशन, चिकित्सीय सहायता सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग परिस्थितियों पर पैनी नजर रख रही है। मंत्री जदयू दफ्तर में जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिसंबर में होने वाली फरक्का जल संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए।
बिहार को उसके हिस्से का पर्याप्त जल मिलना चाहिए, ताकि राज्य के किसानों, आमजन और भविष्य की जल आवश्यकताओं के हितों की समुचित रक्षा हो सके। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं का हित एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बेहतर व्यवस्था हो या युवाओं के लिए नौकरी एवं रोजगार के अवसरों का सृजन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने बीते दो दशकों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।
11.10AM- Nepal Bihar Flood LIVE: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल में आए सैलाब को देखते हुए गुरुवार को बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया एवं मोतिहारी में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान संभावित प्रभावों, आवश्यक एहतियाती उपायों, सुरक्षा एवं राहत-बचाव कार्यों को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा एवं हर संभव सहायता उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
10.35AM- Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ से चौकन्नी बिहार सरकार इस त्रासदी को राज्य में बढ़ने से रोकने के लिए सतर्क हो गई है। सीएम सम्राट चौधरी गंडक बराज का हवाई दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में उत्पन्न बाढ़ के खतरे को देखते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बात की। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से बिहार के कुछ जिलों में भी इसका का खतरा बना हुआ है। फोन पर बातचीत में अमित शाह ने संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन मुख्यमंत्री को दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार के द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी अमित शाह को दी।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने चंपारण में भी खतरे की घंटी बजा दी है। गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण जिले के 10 प्रखंडों और पूर्वी चंपारण के आधा दर्जन प्रखंडों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों केे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के साथ बचाव के उपाय तेज कर दिए गए हैं। लोग माल-मवेशी लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक बाढ़ का पानी यहां पहुंचने की आशंका है। सीतामढ़ी व मुजफ्फरपुर में भी प्रशासन अलर्ट है। पानी का बहाव नहीं थमा तो मुजफ्फरपुर और हाजीपुर तक असर पड़ सकता है।
नेपाल में आई बाढ़ को लेकर पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन अलर्ट है। नेपाल से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए अरेराज, संग्रामपुर, पहाड़पुर और केसरिया समेत तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। अरेराज, संग्रामपुर और पहाड़पुर अंचल के लिए एक एनडीआरएफ टीम तथा केसरिया प्रखंड के लिए दूसरी टीम तैनात की गई है। प्रशासन ने बांध के निचले और किनारे बसे इलाकों के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर भेजने का निर्देश दिया है।
बुधवार की रात 11 बजे गंडक नदी का जलस्तर 1,50,200 क्यूसेक के पीक स्तर पर रहा। इसके बाद जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की गई। हालांकि, देवघाट क्षेत्र में देर से हुई वर्षा के कारण गंडक नदी के जलस्तर में पुनः वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान स्थिति में तटबंधों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव परिलक्षित नहीं हुआ है। जल संसाधन विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर घटते रुझान (Decreasing Trend) में है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में 1–2 सेंटीमीटर तक मामूली वृद्धि हो सकती है।
9.36 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर रेल मंडल में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन से बात कर आपसी समन्वय बना इस आपदा से निपटने का आग्रह किया है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रेल प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
9.22 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: गंडक बराज ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गंडक बराज में जलप्रवाह बढ़ने लगा है। सुबह 9 बजे तक गंडक बराज में 104,400 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है।
गंडक का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पश्चिम चंपारण से 5000 लोगों को निकाला गया। वाल्मीकिनगर, बगहा-1, बगहा-2, पिपरासी, भितहा, मधुबनी, ठकराहा, योगापट्टी, बैरिया और नौतन में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। लोग शिविर तक पहुंचाए जा रहे हैं।
फरक्का बराज का निर्माण होने के बाद गंगा का सतह ऊंचा हो गया है। इससे गंगा की सहायक नदियों का भी सतह ऊंचा हुआ है। ऐसे में जब नेपाल से कोसी, गंडक, कमला, बागमती आदि नदियों में अचानक से पानी आता है तो वह आगे बढ़ने के बजाए पीछे की ओर मुड़ने लगता है। इस स्थिति में बिहार में बाढ़ का कहर देखने को मिलता है। तटबंधों का निर्माण कर पानी को नियंत्रित करने के प्रयास तो हुए पर उसका दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। बिहार की बाढ़ का समाधान केवल तटबंधों को ऊंचा करने से नहीं होगा। इसके लिए भारत और नेपाल को संयुक्त रूप से प्रबंधन करना होगा। नदियों की सफाई और गाद प्रबंधन भी जरूरी है।
8.26 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर सभी तटबंधों एवं बांधों की लगातार निगरानी शुरू कर दी गई है। वहीं, भारी मात्रा में जलस्राव की आशंका को देखते हुए गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिये गये हैं। निचले इलाकों से लोगों को हटाया जा रहा है। जिलों में एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। उधर, नेपाल में नदी किनारे मौजूद गांवों में भारी तबाही हुई है। करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं,कई पुल तबाह हो हो गए। नेपाल सेना के 44 जवानों समेत 80 सुरक्षाकर्मी लापता हैं। चश्मदीदों ने बताया कि कई लोगों को पानी के आने की आवाज सुनकर भागते देखा गया, लेकिन कुछ ही सेकेंड में वे कीचड़ और मलबे में दब गए।
8.16 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से राहत कार्य में मदद करने का आग्रह किया है। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि विशेषकर गंडक नदी से जुड़े जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली के स्थानीय लोगों को आवश्यक सूचना और चेतावनी देकर जागरूक करते रहें। उन्होंने कहा कि नेपाल में आकस्मिक बाढ़ के कारण बिहार में जलप्रवाह बढ़ने की संभावना के मद्देनजर संबंधित तटवर्ती जिलों के संवेदनशील व प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सजग एवं विशेषकर बिहार सरकार को सचेत व सतर्क रहना होगा। सरकार बांध एवं तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी रखकर उनकी मजबूती एवं सुरक्षा सुनिश्चित करें।
● 1954: कोसी में आई बाढ़।
● 1971: 20 जिले डूब गए थे
● 1975: पटना भी डूबा।
● 1987: 29 जिलों में 1399 मौतें
● 1998: 28 जिले डूबे, 200 मौतें
● 2004: 20 जिलों के 2.15 करोड़ लोग प्रभावित, 885 लोगों की जान गई
● 2007: 22 जिलों में भीषण बाढ़। 1287 लोगों की जा गई।
● 2008: कोसी महाप्रलय। 527 मौतें।
● 2024: गंडक ने गोपालगंज,सारण और कोसी ने सुपौल-सहरसा में तटबंध तोड़े। 12 जिले प्रभावित
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद पश्चिम चंपारण से लेकर वैशाली जिले तक की बड़ी आबादी ने बुधवार को रतजगा किया। नदी किनारे के लोग बार-बार सूचना लेते रहे कि जलस्तर की स्थिति क्या है। बगहा के बलुआ ठोरी पंचायत के ग्रामीण चिंतित नजर आए। दिन में जिन लोगों से संभव हुआ, वे रिश्तेदारों के यहां शरण लेने चले गए।
पूर्वी और पश्चिम चंपारण, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर समेत गंडक के आसपास के सभी जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन जिलों में अगले 24 घंटे को महत्वपूर्ण माना गया है। पानी का बहाव नहीं थमा तो मुजफ्फरपुर और हाजीपुर तक असर की आशंका है।
गोपालगंज में यूपी के अहिरौली दान से बैकुंठपुर तक गंडक किनारे बने 157.84 किलोमीटर लंबे तटबंधों और 11 छरकियों की निगरानी भी तेज कर दी है। मुजफ्फरपुर के तीन प्रखंडों- साहेबगंज, पारू और सरैया से होकर गंडक नदी गुजरती है। इन तीन प्रखंडों की 20 पंचायतों में लोगों को ऊंचे जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। वैशाली, लालगंज, हाजीपुर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार के निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
7.44 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: नेपाल में बाढ़ के बाद गोपालगंज के बरौली से विधायक मंजीत सिंह खुद हाथ में माइक लेकर लोगों को बाढ़ से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
● शाम 7.30 बजे - 1.4 लाख क्यूसेक
● रात 9.00 बजे - 1.26 लाख क्यूसेक
● रात 10.00 बजे - 1.42 लाख क्यूसेक
● रात 11.00 बजे - 1.50 लाख क्यूसेक
● रात 12.30 बजे - 1.42 लाख क्यूसेक
● रात 01.00 बजे - 1.29 लाख क्यूसेक
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का पानी पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज पर पहुंच गया है। यहां रात आठ बजे पानी आना शुरू हुआ और रात 12 बजे तक बराज से 1.50 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। हालांकि, रात एक बजे यह घटकर 1.29 लाख क्यूसेक रह गया। वहीं, बराज पर मौजूद एक इंजीनियर ने बताया कि नेपाल के देवा घाट से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बराज पर ढाई लाख क्यूसेक पानी पहुंचने का अनुमान है। वहीं, जल संसाधन विभाग के अनुसार पानी बढ़ने की गति धीमी है और बराज से अधिकतम दो लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होने का अनुमान है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए पश्चिम चंपारण के 10 प्रखंडों और पूर्वी चंपारण के चार दर्जन प्रखंडों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के साथ प्रशासन ने गंडक किनारे बचाव और सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं। गंडक और उसकी सहायक नदियों के जरिए पानी उत्तर बिहार के अन्य जिलों में पहुंच सकता है। जलस्तर बढ़ने से गंडक के निचले इलाकों में लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। पश्चिम चंपारण के चकदहवा, झंडूवा टोला और बिन टोली सहित आसपास के इलाकों में पानी प्रवेश करने लगा है। गंडक बराज के पास नेपाल की बाढ़ के पानी के साथ बहकर कुछ गाड़ियां भी आ रही हैं। बड़ी संख्या में सिलेंडर और घरेलू सामान भी पानी में बहते दिखाई दिए।
7.40 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर बराज पर पानी आने में कुछ घंटे का वक्त लगेगा। सरकार की तरफ से अतिरिक्त टीम तैनात की गई है। बाढ़ राहत के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।नेपाल के तिब्बत प्रभाग में ग्लेशियर फटने से पानी तेजी से बढ़ रहा है। त्रिशूली नदी से देवघाट और उसके बाद गंडक नदी में पानी आयेगा। गंडक नदी का जलस्तर अभी कम है।
7.34 AM- Nepal Bihar Flood LIVE: बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने कहा है कि बाढ़ में हर साल बाढ़ आती है और सरकार बाढ़ को लेकर लीपापोती करती है।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि नेपाल में आई फ्लैश फ्लड कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में घबराने की नहीं, सतर्क रहने और तैयार रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संबंधित अधिकारियों से लगातार बातचीत हो रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मेरी सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों से अपील है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए तैयार रहें।
अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखें, ताकि किसी भी परिस्थिति में लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने संभावित बाढ़ को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित डीएम के साथ दो बार बैठक की। बैठक में मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण एवं वैशाली के डीएम-एसपी शामिल हुए। उन्होंने राहत-बचाव कार्य के लिए सभी उपाय करने को कहा। अभियंताओं को रातभर निगरानी करने के निर्देश दिए। तटबंधों के पास चौकीदारों एवं होमगार्ड के जवान रहेंगे। बेतिया, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर में एनडीआरएफ की एक-एक टीमें तैनात कर दी गई है। सभी जिले में एसडीआरएफ तैनात है। सेना और एयरफोर्स से भी संपर्क किया गया है। नावों की व्यवस्था करने को कहा है।
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