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देश के कुछ हिस्सों, खासकर दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में जनवरी 2026 से अब तक स्वाइन फ्लू के 146 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अकेले अगस्त महीने में 55 मामले मिले हैं, जो इस साल किसी एक महीने में सामने आए मामलों की सबसे ज्यादा संख्या है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज और जरूरत पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
अगस्त में सामने आए सबसे ज्यादा 55 मामले
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने गुरुवार को बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राजस्थान में इन्फ्लूएंजा एच1एन1 के 146 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मेडिकल संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार और रेफरल के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
H1N1 का कोई नया या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला
गायत्री राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में फिलहाल एच1एन1 वायरस का कोई नया या अधिक खतरनाक स्ट्रेन नहीं मिला है। उन्होंने आईसीएमआर की जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में जो वायरस फैल रहा है, वह वही स्ट्रेन है जो पहले भी सामने आता रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वाइन फ्लू को लेकर घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें। किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है।
बुखार से लेकर थकान तक ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी बीमारी है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। ज्यादातर मरीज उचित देखभाल और डॉक्टर की सलाह के बाद ठीक हो जाते हैं। हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में स्वाइन फ्लू के कारण जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
खांसते और छींकते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या जरूरत के अनुसार हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को बुखार, खांसी या गले में खराश है, उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है। इसके साथ ही पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने को कहा गया है।
सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी है। अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, ऑक्सीजन का स्तर कम होने या अन्य गंभीर लक्षण महसूस होते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें
प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने लोगों को सेल्फ-मेडिकेशन से बचने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। किसी भी दवा को लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि संक्रमित लोगों के बहुत करीब जाने से बचें। बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, ऑफिस, सामाजिक समारोहों या अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए, ताकि संक्रमण को दूसरे लोगों तक फैलने से रोका जा सके।
पूरे राज्य में मामलों की निगरानी कर रहा स्वास्थ्य विभाग
राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पूरे राज्य में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों की निगरानी कर रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों और अनावश्यक घबराहट से बचने, लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर की सलाह लेने और संक्रमण रोकने के लिए साफ-सफाई व सांस से जुड़ी स्वच्छता के नियमों का पालन करने की अपील की है।
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