बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह को होटल कांड में लपेटने के बाद अब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। बिहार के PHED मंत्री संजय सिंह ने अब तेज प्रताप यादव को मानहानि का नोटिस भेज दिया है। इसी के साथ संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव को माफी मांगने के लिए भी कहा है। पीएचईडी मंत्री संजय सिंह ने जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव को 50 करोड़ मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है।
मंत्री संजय सिंह की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार ने तेज प्रताप के वाट्सएप और ई मेल पर नोटिस भेज कर कथित बयान के लिए सात दिनों में माफी मांगने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि 29 अगस्त को एक्स पर मंत्री संजय सिंह पर आपने झूठे, मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। ऐसा उनकी छवि को बदनाम करने के लिए किया गया है। उनके राजनीतिक , सार्वजनिक जीवन पर भी सवाल उठाए हैं। सात दिन में तेज प्रताप यादव मंत्री संजय सिंह से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। वरना 50 करोड़ मानहानि का केस किया जाएगा।
30 अगस्त को तेज प्रताप यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक तस्वीर शेयर करते हुए मंत्री और महुआ विधानसभा सीट से विधायक संजय सिंह पर संगीन इल्जाम लगाए थे। तेज प्रताप यादव ने एक्स पर लिखा था, 'महुआ विधायक संजय सिंह को लेकर गंभीर आरोपों पर उठे सवाल महुआ से विधायक एवं मंत्री संजय सिंह को लेकर दिल्ली के एक होटल में एक युवती के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और उसके शोषण का प्रयास किए जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि होटल कर्मियों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया।
इसके बाद मामले को लगभग 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन के माध्यम से रफा-दफा किए जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। संजय सिंह के राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि लगाए जा रहे ये आरोप सत्य हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है। आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में संजय सिंह उसी महुआ विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे जिस सीट पर तेज प्रताप यादव को हार का मुंह देखना पड़ा था। तेज प्रताप यादव ने महुआ सीट से नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में करीब 2.88 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की थी। तेज प्रताप यादव द्वारा इल्जाम लगाए जाने के बाद संजय सिंह ने अपने एक बयान में कहा था कि यह मंत्रिपरिषद को बदनाम करने की साजिश है। इसी के साथ उन्होंने यह चुनौती भी दी थी कि अगर किसी के पास इन बातों को लेकर किसी भी तरह का कोई सबूत है तो उसे सामने लाए और अगर ऐसी बातें सही साबित हो गईं तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!