स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (STL) के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। गुरुवार के कारोबार में कमजोर बाजार के बावजूद कंपनी का शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ ₹695.20 पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ शेयर ने 14 अगस्त 2026 को बनाए गए ₹685 के पिछले उच्च स्तर को भी पार कर लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले सात महीनों में STL के शेयर ने करीब 721% का शानदार रिटर्न दिया है। 27 जनवरी 2026 को शेयर करीब ₹84.65 के स्तर पर था, जो अब बढ़कर ₹695 के आसपास पहुंच चुका है। पिछले चार सप्ताह में भी इसमें लगभग 40% की तेजी देखने को मिली है। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल है कि आखिर इस शेयर में इतनी बड़ी तेजी के पीछे कौन-कौन से कारण हैं।
STL ने जुलाई 2026 में QIP (Qualified Institutional Placement ) के जरिए करीब ₹1,500 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹583.01 प्रति शेयर की कीमत पर योग्य संस्थागत निवेशकों को लगभग 2.57 करोड़ शेयर जारी किए। मौजूदा भाव की तुलना में शेयर QIP कीमत से करीब 19% ऊपर कारोबार कर रहा है।
QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ़ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इन्वेस्टमेंट्स, बंधन और मैन्युलाइफ जैसे घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया था। कंपनी के मुताबिक QIP से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज कम करने और बैलेंस शीट को मजबूत करने में किया जाएगा। इससे कंपनी को भविष्य के विस्तार के लिए बेहतर वित्तीय स्थिति मिल सकती है।
STL के शेयरों में तेजी का सबसे बड़ा कारण कंपनी का मजबूत ऑर्डर बुक माना जा रहा है। कंपनी के Q1 FY27 कॉन्फ्रेंस कॉल के अनुसार उसका ओपन ऑर्डर बुक रिकॉर्ड ₹18,618 करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें से करीब ₹2,228 करोड़ के ऑर्डर की FY27 की दूसरी तिमाही में और बाकी ₹16,390 करोड़ के ऑर्डर की तीसरी तिमाही और उसके बाद की अवधि में डिलीवरी होनी है। इतना बड़ा ऑर्डर बुक कंपनी के लिए आने वाले समय में कमाई की बेहतर विजिबिलिटी देता है।
STL ऑप्टिकल फाइबर और कनेक्टिविटी सॉल्यूशन के कारोबार में है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल से ऑप्टिकल फाइबर की मांग तेजी से बढ़ रही है। AI डेटा सेंटर को बहुत ज्यादा बैंडविथ और बड़ी संख्या में फाइबर कनेक्शन की जरूरत होती है। यही बदलाव STL जैसे कंपनियों के लिए बड़ा अवसर पैदा कर रहा है। इसके अलावा दुनियाभर में 5G नेटवर्क विस्तार, भारत में BharatNet Phase III और अमेरिका के BEAD जैसे प्रोजेक्ट भी कंपनी की मांग को सहारा दे सकते हैं।
हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद निवेशकों को सावधानी भी बरतनी चाहिए। STL के शेयर फिलहाल BSE के ‘T’ ग्रुप यानी ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट में हैं, जहां सामान्य इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती और कारोबार डिलीवरी-बेस्ड होता है। इसलिए केवल तेजी देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर की वास्तविक एक्जीक्यूशन, कर्ज, वैल्यूशन और भविष्य की कमाई को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 721% की तेजी शानदार है, लेकिन आगे भी यही रफ्तार बनी रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
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