मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्ष 2030 के बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राज्य की एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने की घोषणा की है। इनमें 50 लाख महिलाओं को दुग्ध सहकारी समितियों तथा इससे जुड़े रोजगार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की उन्नति का रास्ता महिलाओं के विकास से ही निकलेगा। राज्य सरकार इन्हें हर तरह की सुविधा देने के लिए साथ खड़ी होगी। वर्ष 2047 तक बिहार देश का सबसे ताकतवार राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सीएम सचिवालय स्थित संवाद सभागार में रक्षाबंधन के पूर्व आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-तीन में वर्ष 2030 तक एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसको लेकर व्यापक पहल की गई है। इसी क्रम में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का नया लक्ष्य हमलोगों ने तय किया है।
मुख्यमंत्री ने पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि इसकी संख्या 12 लाख से बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। बिहार में डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलनेवाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए दीदी का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इसे गांवों तक विस्तार दिया जाएगा। सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।
कार्यक्रम में जीविका दीदी, सुधा सखी और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन-पत्र जीविका दीदियों को दिये। साथ ही पशु औषधि बिक्री केंद्रों के लिए चयनित महिलाओं को चयन-पत्र दिये। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निबंधन प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
1. अंतरजातीय विवाह करने पर एससी-एसटी महिलाओं को राज्य सरकार सवा लाख रुपये की सहायता राशि देगी
2. डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 50 लाख की जाएगी
3. सभी पंचायतों में एक-एक सुधा बिक्री केंद्र खुलेगा, जीविका दीदी का चयन लॉटरी से होगा
4. महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उतीर्ण होने पर सभी वर्ग की छात्राओं को 30 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं को पंचायत और नगर निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आज राज्य में करीब 59-60 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होकर आ रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में बिहार की बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान का शुभारंभ भी किया, जो 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान एक करोड़ 20 लाख लाभार्थियों की जांच होगी, उनका इलाज किया जाएगा और दवाएं दी जाएंगी। अभियान में बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की एनीमिया की जांच की जाएगी तथा जरूरत के अनुसार उनका उपचार और दवा उपलब्ध कराई जाएगी।
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