Iris Clothing stock: टेक्सटाइल कंपनी आइरिस क्लोदिंग लिमिटेड (Iris Clothings Limited) के शेयर शुक्रवार को डिमांड में थे। इसी वजह से शेयर अब 52 हफ्ते के हाई के करीब परफॉर्म कर रहा है। शेयर में तेजी ऐसे समय में आई है जब निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने एक बल्क डील के जरिए आइरिस क्लोदिंग में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी।
NSE के बल्क-डील डेटा के अनुसार निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट ने 27 अगस्त 2026 को 57.10 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर आइरिस क्लोदिंग लिमिटेड के 11.53 लाख शेयर खरीदे। इस लेन-देन ने स्टॉक को चर्चा में ला दिया है। अगर शेयर की बात करें तो एनएसई पर 59 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, शेयर का 52 वीक लो 26.35 रुपये और 52 वीक हाई 60.20 रुपये है। शेयर के एक साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो निवेशकों को 85 पर्सेंट तक का रिटर्न मिला है।
बता दें कि NSE के बल्क-डील डेटा के मुताबिक आइरिस क्लोदिंग लिमिटेड में निप्पॉन इंडिया इक्विटी अपॉर्चुनिटीज AIF ने भी 55 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर 15 लाख शेयर खरीदे थे। निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट का यह हालिया लेन-देन एक अलग निवेश है और इसे पहले की खरीद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। जहां निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, वहीं निप्पॉन इंडिया इक्विटी अपॉर्चुनिटीज AIF एक खास अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड है जिसे बड़े निप्पॉन इंडिया प्लेटफॉर्म के तहत मैनेज किया जाता है।
आइरिस क्लोदिंग लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार दर्ज किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 263.01 लाख रुपये से बढ़कर 401.24 लाख रुपये हो गया है। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 4,728.31 लाख रुपये हो गया। तिमाही के दौरान कुल खर्च बढ़कर 4,190.02 लाख रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,379.32 लाख रुपये था। कंपनी ने 137.05 लाख रुपये का टैक्स खर्च बताया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 100.26 लाख रुपये था। इसने 4.25 लाख रुपये की अन्य कॉम्प्रिहेंसिव इनकम भी दर्ज की।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 8 जुलाई, 2026 को हुई अपनी बैठक में 'इन्फिनिटा लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड' में 51% हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। 30 जून, 2026 तक कंपनी की कोई सब्सिडियरी, सहयोगी या जॉइंट वेंचर नहीं थी।
Angel One में इक्विटी और डेरिवेटिव्स के टेक्निकल एनालिस्ट हितेश राठी के अनुसार कंपनी के शेयर चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही मजबूत अपट्रेंड में है। हालांकि, राठी ने कहा कि जिन शेयरों में कम समय में तेजी से बढ़त देखी गई है, उनमें बाद में सुस्ती आ सकती है। राठी ने कहा कि अभी जो गिरावट दिख रही है, वह बड़े अपट्रेंड के उलटने (रिवर्सल) के बजाय प्रॉफिट बुकिंग जैसी लग रही है।
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